Vidya home health care services

Vidya home health care services Patient care

09/05/2026
09/05/2026

घडी बैठ कै ठाल म्हं, बेहमाता नै कर्या कमाल है।
इस गोरी का शरीर हू-ब-हू चम्पे केसी डाल है।॥ टेक ॥

बालां की श्यामता के आगै, अमावस की भी फीकी रात। चौड़ा मस्तक चन्द्रमा सा, भौहें बणी धनुष की जात। मृग से नैन नाक सुआ सा, रूखसारों पै लाली की धात। होठां तै पिपसी शरमावैं, चावल तैं भी छोटे दांत। चीते सा लंक, मोर केसी गर्दन, हथणी केसी चाल है ॥१॥

केले केसा खम्बा नाजनी, आशिकों के मन भाणी। चौदा पन्द्रा सोला साल की, हूर उमर म्हं सै याणी। हंसते फूल झड़ै प्यारी कै, कोयल तैं मीठी बाणी। एक हाथ की नाड़ हूर की, घिट्टी म्हं चिमकै पाणी। हंसना बोलणा मुस्कुराना, आशिकों का काल है॥२॥

आज तलक कोन्यां देखी या जिसी रूप हुस्न म्हं सुथरी सै। लचकणियां तक चोटी लटकै, फूलां के म्हं गुथरी सै। इनै हूर उर्वशी अक परी कहूं के स्वर्ग लोक तैं उतरी सै। के देव अप्सारा रम्भा, के या नागराज की पुत्री सै। मैं भीमसैन की तरियां फंसग्या, बुरा प्रेम का जाल है॥३॥

या सब की अफसर दिखै सै, किसी खड़ी-खड़ी हुक्म चलावै सै। कोए साबुन तेल दही लोटा, कोए साड़ी ठा पकड़ावै सै। कोए सखी कमर मसलती, कोए चारों तरफ लखावै सै। कहैं बाजे राम इन सखियां तै, मेरा जी बोलण नै चाहवै सै।
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09/05/2026

इसतै सुथरे और भतेरे तूं कित छोरयां के तोड़े मैं।
आच्छी कोन्या लागी अंजना पवन भूप के जोड़े मैं।टेक

अपणें हाथां आप करै सै अंजना मतकर चाला हे
पवन भूप मैं साठ कमी सैं करदे ब्याह का टाला हे
वो रात अंधेरी कैसा सै तूं ले रही चांद उजाला हे
तूं तो कती सफेद हंसणी वो बिल्कुल कागा काला हे
तूं संगमरमर की दुकड़ी सै वो पासंग फूटे रोड़े मैं।

न्यू सोचूं थी स्याणी सै पर तूं दाहुंएं हद करगी हे
कितना भूंडा तनै छांट्या सै अंजना तूं निस्तरगी हे
दुःख मैं साझा करण लागरी या म्हारै भी जंचगी हे
न्यूं बूझूं सूं तूं साफ बता क्यां कै उपर मरगी हे
माखी भिणकैं कोढ़ी दुखिया दाद खाज और फोड़े मैं।

तूं पढ़ी लिखी सै राजकुवर तनै मिल ज्यागा छैल इसा
सारी दुनियां दिखादे ले ज्यागा तनै गैल इसा
सब क्यांहे की मौज रहै राजा का मिलै महल इसा
दासी बांदी टहल करैंगी बेशक करिए फैल इसा
जितना चाहवै माल बरतियें के सै हाथ सिकोड़े मैं।

मेहर सिंह गैल्यां जाकै बिचल ज्यागी जाटां मैं
सिर पै भरोटा गोडे टूटज्यां दो दो कोस की बांटां मैं
करै लामणी फांस चालज्यां हाथ फूटज्या टाटां मैं
होज्या वार ज्वारे नै तेरी खाल उतरज्या साट्यां मैं
तूं पढ़ी लिखी छीटम छींट रहै गोबर माट्टी चोड़े मैं।

08/05/2026

तूं बालक बच्चेदार मरै टोट्टे म्हं।
तेरे फेरों की गुनागार फिरै टोट्टे म्हं ॥ टेक ॥

कोन्या मिटती भूख, मिल्या ना टूक, रोवणा होग्या।
मनैं चौबीस घण्टे जंग झोवणा होग्या।
तनैं कुछ भी नहीं तमीज, फिकर का बीज बोवणा होग्या। दुख दर्दा का बोझ ढोवणा होग्या।
तेरी ब्याही बारा मास, सबर के सांस, भरै टोट्टे म्हं ॥ । ॥

घर में नहीं अनाज, भूख म्हं आज मरेंगे सारे।
होरे सौ-सौ कोस प्रेमी म्हारे।
तेरे टोट्टे आले ख्याल बदलज्यां काल्ह, सजन न्यूं थारे। भीड़ पड़ी म्हं मदद कर्या करें प्यारे।
मेरी फूट गई तकदीर, सजन तेरी बीर, जरै टोट्टे म्हं ।। 2 ।।

तेरी सुबह की नहाण, रोज की बैण, नहर का पाणी।
तू होज्यागा बेमार डरै मिसराणी।
तेरे बालक सैं नादान, लिए तू मान, धर्म की बाणी।
तू मान्या ना भरतार रोज की कहाणी।
घारां कपड़ा कोन्या एक, लखा कै देख ठिरैं टो‌ट्टे म्हं ॥ 3 ॥

जब बरसेंगे भगवान, या टपकै छॉन, टूटज्या सारी।
जब चलै जोर की हवा उठज्या सारी।
काच्ची तेरी दीवाल, देख लिए काल्ह, फूटज़्या सारी।
तेरी भजन करण की बाण छुटज्या सारी।
मांगेराम की रजा, धर्म की धजा, गिरै टोट्टे म्हं ॥ 4 ॥
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08/05/2026

सुख थोड़े दुःख घणे जगत मैं, भोगे कष्ट सरै राणी ॥
किस-किस के दुःख दूर करूं, या दुनिया दुखी फिरै राणी ।। टेक
खेत उगाला, माह मै पाला, खुंडा फाला दुखी करै, थोड़ी नाला, आवैं तिवाला, बिगड़या ताला दुखी करै, पाहं मैं छाला, दाल मैं काला, आँख मैं जाला दुखी करै, भीत मैं आला, पछीत मैं खाला, घर मैं साला दुखी करै, एक खर्च कुढाला दुखी करै, नित कर्जा दुखी करै राणी।।

नार बिना भरतार दुखी, घरबार खान दुःख की दीखै, यार बिना दिलदार दुखी, लाचार खान दुःख की दीखै, साहूकार बिना सरकार दुखी, जमीदार खान दुःख की दीखै प्यार बिना परिवार दुखी, घरबार खान दुःख की दीखै एक संसार खान दुःख की दीखै, कोए जन्मैं कोए मरै राणी।।

कीड़ी कण बिन, हाथी मण बिन, नागन फण बिन दुखी रहै, विषणी विष बिन, इंद्री मनं बिन, भूखा अन्न बिन दुखी रहै, बाँझ जणंन बिन, चकवी मिलन बिन, सती सजन बिन दुखी रहै, योद्धा रण बिन, केहरी बण बिन, निर्धन धन बिन दुखी रहै, एक पक्षी गगन बिन दुखी रहै, जब पिंजरे आण घिरै राणी ॥

मात कुलक्षणी, मूर्ख बेटा, फूहड़ नारी दुःख देवा, बाप कै मौसी, बुरा पडोसी, ओछी यारी दुःख देवा, बुरे की संगत, जुआ जामनी, चोरी जारी दुःख देवा, पट बिन खेती, फसल पछेती, कोडी क्यारी दुःख देवा, सभी बीमारी दुःख देवा, नित चिंता चित्त को चरै राणी ।।
रेत की भींत, झील की बस्ती, गली मैं चोडा दुखी करै, कडवाल भैंस, बोलणी ऊंटणी, बलध लतोड़ा दुखी करै, खोरी झोटा, सांड मारणा, अड़ियल घोडा दुखी करै, बाट दूर की, बोझा भारी, जाथर थोडा दुखी करै, एक रग पै फोड़ा दुखी करै, कदे फूटै कदे भरै राणी ।।

गरीब सताणा, जुल्म कमाणा, ताप में नहाणा दुखी करै, दूर सिमाणा, पैदल जाणा, वजन उठाणा दुखी करै, सहम उलाहणा, धोखा खाणा, गाम मैं थाणा दुखी करै, लाग्गै लाणा, बैर पूराणा, जयादा खाणा दुखी करै, एक सुर बिन गाणा दुखी करै, बस न्यूं जगदीश डरै राणी ॥

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17/12/2025
10/12/2025

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