28/07/2026
45 वर्ष के बाद महिलाओं में होने वाली सामान्य समस्याएँ
🌸 1. रजोनिवृत्ति (Menopause)
मासिक धर्म का बंद होना, हॉट फ्लैश, रात में पसीना, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्या।
❤️ 2. हड्डियों का कमजोर होना (Osteoporosis)
कैल्शियम और विटामिन D की कमी से हड्डियाँ कमजोर होकर फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।
⚖️ 3. वजन बढ़ना
हार्मोनल बदलाव के कारण पेट के आसपास चर्बी बढ़ सकती है।
💓 4. उच्च रक्तचाप और मधुमेह
45 वर्ष के बाद इन बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है, इसलिए नियमित जांच जरूरी है।
🦴 5. जोड़ों में दर्द
घुटनों, कमर और कंधों में दर्द या अकड़न महसूस हो सकती है।
🩺 6. गर्भाशय की रसौली (Fibroids) या अंडाशय की समस्याएँ
अनियमित रक्तस्राव, पेट दर्द या भारीपन होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराएं।
🎗️ 7. स्तन और गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) के कैंसर का खतरा
समय-समय पर मैमोग्राफी और पैप स्मीयर जैसी जांच करवाना महत्वपूर्ण है।
😔 8. मानसिक स्वास्थ्य
तनाव, चिंता, मूड में बदलाव और अवसाद जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं।
क्या करें?
✅ साल में कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराएं।
✅ संतुलित आहार लें और कैल्शियम व विटामिन D पर्याप्त मात्रा में लें।
✅ रोज़ 30 मिनट व्यायाम या तेज़ चलें।
✅ रक्तचाप, शुगर और थायरॉयड की नियमित जांच करवाएं।
✅ स्तन की स्वयं जांच करें और किसी भी असामान्य बदलाव को नज़रअंदाज़ न करें।
डॉ. पुष्पा कौल
Gynecologist & IVF Specialist (49 वर्षों का अनुभव)
SJM Hospital & IVF Centre, SJM Chowk, Sector-63, Noida
📞 9818860889