30/09/2017
मेरे प्यारे दोस्तों,
सभी को मेरा हाथ 🙏🏻 नमस्कार!
आप सभी को मेरी तरफ से विजेयदसमी की हार्दिक शुभकामनाए!
इस अवसर पर मेरा आप सभी से अनुरोध है की इस बार रावण के पुतले को ना जलाकर बल्की इंसान के अदंर बसे रावण को जलाया जाऐ। क्योकी रावण दहन का अर्थ माना जाता है की बुराई पर अच्छाई की जीत हो। आज के दिन कई जगहो पर रावण दहन किया जाऐगा। रावण दहन करने से बुराईयो का अंत नही बल्कि हमारा वातावरण ही खराब हो रहा है। जैसे Air Pollution, Noise Pollution, Money waisting etc.
बुराईयो का अंत रावण का पुतला जलाकर नही बल्कि इंसान के अंदर छिपे रावण का दहन करने से होगा । इंसान की सोच को बदला जाऐ। अगर इंसान अपने अंदर छिपी बुरी सोच को बदल ले और अच्छि सोच रख ले तो रावण का पुतला जलाने की जरुरत ही नही पडेगी।
आईऐ, इस बार हम सभी मिलकर शपथ ले की इस बार रावण के पुतले को न जलाते हुए अपने अंदर छिपे रावण को जलाए अर्थात अपनी सोच को बदले और अपने वातावरण की रक्षा करे।
धन्यवाद।
प्रेषक:- वातावरण का रखवाला।।।
Happy Vijaydasmi to all of you