05/08/2026
यह पुरुषों में मूत्राशय (ब्लैडर) के नीचे स्थित एक छोटी ग्रंथि होती है। उम्र बढ़ने के साथ इसमें समस्याएँ होना सामान्य है। सबसे आम समस्याएँ हैं: प्रोस्टेट का बढ़ जाना (BPH), प्रोस्टेट में संक्रमण (Prostatitis), और प्रोस्टेट कैंसर।
प्रोस्टेट की समस्या के लक्षण
बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में
पेशाब शुरू करने में कठिनाई
पेशाब की धार कमजोर होना
पेशाब रुक-रुक कर आना
पेशाब करने के बाद भी मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का एहसास
पेशाब के दौरान जलन या दर्द (विशेषकर संक्रमण में)
पेशाब या वीर्य में खून आना
कमर, कूल्हे या श्रोणि (पेल्विक) क्षेत्र में दर्द
गंभीर मामलों में बिल्कुल पेशाब न आना (यह एक आपात स्थिति है)
उपचार
उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या किस प्रकार की है।
1. यदि प्रोस्टेट बढ़ा हुआ है (BPH):
जीवनशैली में बदलाव: रात में कम तरल पदार्थ पीना, कैफीन और शराब कम करना।
डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवाएँ, जो प्रोस्टेट को आराम देती हैं या उसका आकार कम करती हैं।
यदि दवाओं से लाभ न मिले या समस्या गंभीर हो, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
2. यदि संक्रमण (Prostatitis) है:
डॉक्टर द्वारा निर्धारित एंटीबायोटिक दवाएँ।
दर्द कम करने की दवाएँ।
पर्याप्त पानी पीना और आराम करना।
3. यदि प्रोस्टेट कैंसर है:
उपचार कैंसर की अवस्था पर निर्भर करता है।
विकल्पों में निगरानी (Active Surveillance), सर्जरी, रेडियोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी या अन्य उपचार शामिल हो सकते हैं।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
इनमें से कोई भी स्थिति हो तो जल्द से जल्द डॉक्टर (यूरोलॉजिस्ट) से संपर्क करें:
बिल्कुल पेशाब न आना
पेशाब में खून आना
तेज बुखार के साथ पेशाब में दर्द
बहुत तेज दर्द या अचानक लक्षण बढ़ जाना
जाँच
डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार निम्न जाँचें कर सकते हैं:
शारीरिक परीक्षण (DRE)
PSA रक्त जाँच
यूरिन टेस्ट
अल्ट्रासाउंड
आवश्यकता होने पर अन्य विशेष जाँचें
यदि आपकी उम्र 50 वर्ष या उससे अधिक है (या परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास है और उम्र 45 वर्ष से अधिक है), तो नियमित जाँच के बारे में डॉक्टर से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।
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