10/05/2026
(Urinary Tract Infection)
UTI यह मूत्र मार्ग में संक्रमण को कहते हैं ।यह तब होता है जब शरीर के मूत्र मार्ग (Urinary System) में बैक्टीरिया प्रवेश कर जाते हैं और वहां बढ़ने लगते हैं।
यह संक्रमण किडनी, ब्लैडर (मूत्रशय) या पेशाब की नली में कहीं भी हो सकता है।
UTI के मुख्य लक्षण
अगर किसी को UTI है, तो आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:
🌟पेशाब में जलन: पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द महसूस होना।
🌟बार-बार पेशाब आना: बार-बार बाथरूम जाने की इच्छा होना, लेकिन पेशाब बहुत कम मात्रा में आना।
🌟पेशाब का रंग: पेशाब का धुंधला (Cloudy), गहरा या लाल रंग का दिखना (जो खून की उपस्थिति का संकेत हो सकता है)।
🌟पेट के निचले हिस्से में दर्द: पेडू या पीठ के निचले हिस्से में दबाव और बेचैनी महसूस होना।
🌟तेज गंध: पेशाब से बहुत तीखी या अजीब गंध आना।
💥यह क्यों होता है?
* बैक्टीरिया: ज्यादातर मामलों में E. coli नाम का बैक्टीरिया इसके लिए जिम्मेदार होता है।
* साफ-सफाई: व्यक्तिगत स्वच्छता की कमी या गंदे टॉयलेट का उपयोग।
* रुकावट: किडनी स्टोन या प्रोस्टेट बढ़ने की वजह से पेशाब का पूरी तरह बाहर न निकल पाना।
* पानी कम मात्रा में पीना
🍀इससे बचाव के उपाय
1. खूब पानी पिएं: दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकल सकें।
2. हाइजीन का ध्यान रखें: टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
3. पेशाब न रोकें: जब भी महसूस हो, तुरंत बाथरूम जाएं। पेशाब रोकने से बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है।
सलाह: अगर आपको तेज बुखार, कंपकंपी या पीठ में तेज दर्द महसूस हो, तो यह संक्रमण किडनी तक पहुँचने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और एंटीबायोटिक्स का कोर्स पूरा करना चाहिए।