17/07/2017
सिर दर्द क्या है?| What is headache?
सिरदर्द , ये शब्द सुनते ही हम पिछली बार के सिरदर्द की यादों में चले जाते हैं। दर्द जो हल्का हल्का शुरू होता है और धीरे धीरे थोड़ा बढ़ जाता है और कभी कभी असहनीय भी हो जाता है? सिर को दोनों हाथों के बीच में पकड़े होने का अनुभव, मुठ्ठी भींचना और सिर को दीवार पर मारने की इच्छा होना, शरीर में सिरहन पैदा कर देता है।
अगर हम यह कहें कि सिरदर्द में आराम बस अपनी बंद मुठ्ठी खोलने से ही मिल जाएगा तो क्या ऐसा होगा? हाँ, अगली बार आपको सिरदर्द हो तो अपनी आँखे बंद कर, हथेलियाँ आसमान की ओर करें और कुछ गहरी साँसे लें। इस अवस्था में, जितना संभव हो, रहें और विश्राम करें। इस अवस्था को हम 'ध्यान' कहते हैं।
सिर दर्द होने के ८ कारण | 8 Reasons for Headache
तनाव |
Stress
मन व शरीर की थकावट |
Physical & mental exertion
असंतुलित शारीरिक तंत्र |
Imbalance in body
सिर में अल्प रक्त प्रवाह |
Less blood supply to the head region
अपर्याप्त नींद | Insufficient sleep At night
अत्यधिक शोर | Jarring noise
फ़ोन पर ज़्यादा देर बात करना | Excessive talking on the phone
ज़रूरत से ज़्यादा सोचना | Too much thinking
सिर दर्द को दूर करे ध्यान |ध्यान करे सिर दर्द को दूर |sar dard ka ilaj
कारण #1 – तनाव
जब शरीर व मन में तनाव संभालना मुश्किल हो जाए, तब ये सिरदर्द का स्वरूप ले लेता है। ध्यान तनाव का प्रति-अनुपाती (ध्यान करने से तनाव कम होता है) है। जितना ज़्यादा और जितनी बार आप ध्यान करते हैं, उतना ही तनाव आपसे दूर हो जाता हैl कुल मिलाकर तात्पर्य यह है कि १०-२० मिनट का प्रतिदिन ध्यान अवश्य करें ।
कारण #2 – मन व शरीर की थकावट
दिनभर घर व काम पर भागते भागते बहुत से काम निपटाने होते हैं। ऐसे समय ध्यान आपको तरो ताज़ा कर ऊर्जा से भर देता है। आपकी मुस्कराहट लौट आती है और सुबह की जैसी ताज़गी शाम को बस २० मिनट के ध्यान से आ जाती है। ये आपको पूरी तरह विश्राम देता है ताकि आप अपने परिवार के साथ अच्छे से आनंदपूर्ण समय बिता पाएँ|
कारण #3 – असंतुलित शारीरिक तंत्र
आपने ध्यान दिया होगा कि जब आपका पेट खराब होता है, आपको सिरदर्द होने लगता हैl हमारे शरीर के सब अंग एक दूसरे से अच्छे से जुड़े हुए हैं इसलिए एक अंग में किसी भी प्रकार का असंतुलन, दूसरे अंग को प्रभावित करता है।
ध्यान शरीर के विभिन्न अंगो में उपस्थित विष से शरीर को मुक्त करता है और तनाव को दूर कर पुनः संतुलन को स्थापित करता है। यह शरीर के पाचन तंत्र पर नज़र रखने में सहयोग करता है। जब आप प्रतिदिन ध्यान रखते हैं कि आप क्या खा रहे हैं और कितना खा रहे हैं और आप अपने आहार पर ध्यान रख, इस बारे में सजग रहने लगते हैं तो पाचन में सुधार आता है और शरीर में संतुलन आता है। सिर दर्द की संभावना कम हो जाती है।
कारण #4 – सिर में अल्प रक्त प्रवाह
दिन में प्रति दिन दो बार 10-20 मिनट का ध्यान न केवल शरीर व मन को गहरा विश्राम देता है बल्कि सिर के क्षेत्र में रक्त का प्रवाह भी बढ़ाता है। इस क्षेत्र में बढ़ा हुआ रक्त प्रवाह सिरदर्द की संभावना को कम कर देता है ।
ध्यान के अतिरिक्त आप कुछ योग आसन भी कर सकते हैं, जो रक्त संचार को बढ़ाते हैं, जैसे कि हस्तपादासन, सर्वंगासन और हलासन। योगासन के नाम
कारण #5 – अपर्याप्त नींद
लंबे समय तक काम करना, अत्यधिक काम करने की आदत या टीवी व इंटरनेट की लत, ये सभी बहाने हैं रात को देर से सोने के। यद्यपि ये अच्छा नहीं है कि इन्हे आदत बनाया जाए और रात में देर से सोया जाए लेकिन कई बार यह अपरिहार्य (जिसे टाला न जा सके) हो जाता है। जब किसी प्रॉजेक्ट की समय सीमा समाप्त हो रही हो या देर रात क्लाइंट की मीटिंग है, इस बारे में हम ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं। कई बार बस 20 मिनट बैठकर ध्यान करना, इस तरह के काम के दवाब का सामना करने में मदद करता है।
ध्यान आपको विश्राम देता है, ऊर्जित करता है और साथ ही कार्यक्षमता को बढ़ाता है। वास्तव में ध्यान का नियमित अभ्यास उत्पादकता बढ़ाता है। आप अपना काम जल्दी ख़त्म कर लेते हैं और देर रात तक रुकना नहीं पड़ता है।
ध्यान एक ऐसा (नींद आने का घरेलू उपाय - this is the keyword) है, जिस से तुरंत फायदा होता है|
ध्यान आपकी नींद की गुणवत्ता को भी बढ़ाता है। क्या आपको पता है कि 20 मिनट का ध्यान आपकी 8 घंटे की नींद से भी ज़्यादा गहरा विश्राम दे सकता है? इसका तात्पर्य यह नहीं है कि ध्यान नींद का विकल्प है, बल्कि जब आप ध्यान करते हैं तो आप बेहतर सो पाते हैं।
कारण #6 – अत्यधिक शोर
हम सभी ने कभी न कभी अत्यधिक शोर का अनुभव किया होगाl हम में से कुछ बिल्कुल भी शोर सह नहीं पाते हैं और जल्दी ही सिरदर्द की शिकायत करने लगते हैं।
ध्यान आपको किसी भी परिस्थिति को वो जैसी है वैसी ही उसे स्वीकारने की योग्यता देता है। जिससे आप किसी भी परिस्थिति में शांत व आराम से रह पाते हैं। इसलिए अगर आपके आसपास ज़ोर का शोर है ये आपको प्रभावित नहीं करेगा क्योंकि आप ध्यान करते हैं और भीतर से विश्राम में हैं।
नोट: जब आप नियमित ध्यान करते हैं तब आपके भीतर एक ठहराव की अनुभूति आने लगती है। ऐसी स्थितियाँ आएँगी जब आपके आसपास बहुत शोर होगा जो कि सिरदर्द कर देने वाला भी हो सकता है लेकिन नियमित ध्यान के अभ्यास से आप इस स्थिति का सामना कर पाएँगे और स्वीकार कर पाएँगे।
कारण #7 - फ़ोन पर ज़्यादा देर बात करना
ये एक ऐसी स्थिति है जिससे बचना कई बार मुश्किल हो जाता हैl दिन भर की क्लाइंट कॉल या देश विदेश के दोस्तों के हालचाल लेना ये सब काम हम हर दिन अपने जीवन में करते हैं। कभी कभी ये फ़ोन पर ज़्यादा देर बात करना सिरदर्द का कारण बन जाता है।
चिंता मत करें l जब भी आपको चक्कर आए बस कुछ मिनट ध्यान करें। ये आपके तनाव को दूर करेगा और तंत्रिका तंत्र को गहरा विश्राम देगा जो कि एलेक्ट्रॉनिक चीज़ों के प्रयोग से प्रभावित हुआ है।
कारण #8 - ज़रूरत से ज़्यादा सोचना
एक हल है, ज़्यादा सोचना बंद कर दें। लेकिन कई बार सोचना अवश्यंभावी हो जाता है। रोजमर्रा की जिंदगी का तनाव, काम का दबाव, परिवार का दबाव, सम्बंधों के विवाद, इन सबके बीच हम कैसे नहीं सोचें। लेकिन आप निश्चित ही दिन में कुछ समय निकाल कर आँख बंद कर विश्राम कर सकते हैं। कुछ समय के लिए बाहरी संसार को अलग रख, अपने साथ रहें इसे अपना समय समझ कर प्रयोग करें और अंतर देखें।
सिरदर्द दूर करने के घरेलू उपाय |
Sar dard ka gharelu ilaj (in Hindi)
योग का नियमित अभ्यास: जिस में उपरोक्त योगासन और प्राणायाम (नाड़ी शोधन प्राणायाम व भ्रामरी प्राणायाम) सम्मिलित हैं, अत्यंत प्रभावी हैं l उसके बाद २० मिनट का ध्यान करे।
अधिक पानी पीएँ– कई बार ध्यान व योग अभ्यास के बाद भी सिर दर्द होता है। ध्यान के समय शरीर में जमा विष निकलता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है की शरीर में पानी की कमी न हो, इससे शरीर के अंतः प्रक्षालन में आसानी होगी और सिरदर्द भी नहीं होगा।
आयुर्वेद की सहायता– आयुर्वेद की जड़ी बूटियाँ जो सिरदर्द को दूर करने में मदद करती हैं, जैसे पान, लौंग, अदरक और मेहंदी इत्यादिl