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उम्मीद IVF की ओर सेआप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ।गणपति बप्पा आपके जीवन में सुख, समृद्धि और नई उम्मीदें ले...
14/09/2026

उम्मीद IVF की ओर से
आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
गणपति बप्पा आपके जीवन में सुख, समृद्धि और नई उम्मीदें लेकर आएँ। 🙏💗

11/09/2026

🤰🏻 Pregnancy conceive करने की planning है? तो अपनी diet में इन चीज़ों को शामिल करें! 🌱✨

Conceive करने की planning के दौरान ऐसी चीज़ें खाना अच्छा रहता है जो आपकी body को antioxidants, vitamins, minerals और healthy fats दें।

🧐 Antioxidants क्या होते हैं?
Antioxidants ऐसे compounds होते हैं जो body की cells को **oxidative stress** से बचाने में मदद करते हैं। Fruits, vegetables और seeds इनके अच्छे sources हैं।

🌱 Flaxseeds (अलसी के बीज)
इनमें omega-3 fatty acids, fiber और antioxidants पाए जाते हैं। इन्हें balanced diet में शामिल करना overall health के लिए अच्छा हो सकता है।

🌻 Sunflower Seeds (सूरजमुखी के बीज)
इनमें Vitamin E, healthy fats और antioxidants होते हैं, जो cells को oxidative stress से बचाने में मदद करते हैं।

🥬 Green Vegetables (हरी सब्ज़ियाँ)
पालक, मेथी और दूसरी leafy greens से folate, iron और कई जरूरी vitamins मिलते हैं। Pregnancy planning में folate एक important nutrient है।

🍵 Green Tea
Green tea में antioxidants पाए जाते हैं। हालांकि इसमें caffeine भी होता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में लेना बेहतर है।

🍎 अनार और Beetroot Juice
अनार antioxidants का अच्छा source है। Beetroot में folate और nitrates जैसे nutrients/compounds पाए जाते हैं। इन्हें balanced diet का हिस्सा बनाया जा सकता है।

🌿 जीरा पानी
यह digestion को support कर सकता है और गैस या bloating जैसी digestive discomfort में मदद कर सकता है।

🌿 सौंफ का पानी
सौंफ traditionally digestion और पेट के भारीपन/bloating के लिए इस्तेमाल की जाती है।

🌿 अजवाइन का पानी
अजवाइन को traditionally indigestion, गैस और bloating में राहत के लिए लिया जाता है।

✨ Detox क्या होता है?
Detox drinks के नाम से ऐसे drinks popular हैं जिन्हें body को fresh रखने और digestion को support करने के लिए लिया जाता है। लेकिन हमारी liver और kidneys naturally body से waste और unwanted substances को बाहर निकालते हैं।

अगर आप pregnancy conceive करने की planning कर रहे हैं, तो balanced diet, healthy lifestyle और सही preconception care पर ध्यान देना सबसे जरूरी है।

👩‍⚕️ अपनी fertility और nutrition से जुड़ी सही सलाह के लिए doctor से consult करें।

📞 **निःशुल्क परामर्श के लिए Umeed IVF से संपर्क करें।**+91 7488880400
आपकी pregnancy journey में सही guidance के लिए हम आपके साथ हैं। 💗

11/09/2026

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) नहीं हो रही? कब फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट (Fertility Specialist) से सलाह लेनी चाहिए?

उम्र के अनुसार डॉक्टर से सलाह लेने का समय अलग हो सकता है:

🔹 35 साल से कम उम्र: अगर 12 महीने तक नियमित और बिना किसी गर्भनिरोधक (Contraception) के संबंध बनाने के बाद भी प्रेग्नेंसी नहीं ठहरती, तो फर्टिलिटी चेक-अप (Fertility Check-up) करवाने की सलाह दी जाती है।

🔹 35 से 39 साल: अगर 6 महीने तक कोशिश करने के बाद भी प्रेग्नेंसी नहीं ठहरती, तो फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।

🔹 40 साल या उससे अधिक: इस उम्र में फर्टिलिटी तेजी से कम हो सकती है, इसलिए कोशिश शुरू करते समय ही विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

इसके अलावा, कुछ स्थितियों में आपको तय समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है:

🔸 पीरियड्स अनियमित या बंद हैं: यह संकेत हो सकता है कि ओव्यूलेशन (Ovulation) सामान्य रूप से नहीं हो रहा है।

🔸 2 या उससे अधिक बार गर्भपात (Miscarriage) हो चुका है: बार-बार गर्भ न टिकना इसकी वजह जानने के लिए जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।

🔸 पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है: जैसे PCOS, एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis), फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tubes) में रुकावट, थायरॉइड (Thyroid), डायबिटीज (Diabetes), किडनी या हृदय से जुड़ी बीमारी।

🔸 पुरुषों में फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या: इरेक्शन (Er****on) या इजैकुलेशन (Ej*******on) में परेशानी या स्पर्म काउंट (S***m Count) कम होने की जानकारी हो।

🔸 कैंसर का इलाज शुरू होने वाला है: कीमोथेरेपी (Chemotherapy) या कुछ अन्य कैंसर ट्रीटमेंट (Cancer Treatment) शुरू करने से पहले फर्टिलिटी के बारे में विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलने का मतलब यह नहीं है कि आपको तुरंत कोई बड़ा ट्रीटमेंट करवाना होगा। सबसे पहला कदम अपनी स्थिति को समझना और सही सलाह लेना है।

इसलिए अगर आपको लगता है कि प्रेग्नेंसी में देरी हो रही है, तो चिंता करने के बजाय एक-एक कदम आगे बढ़ाएं। समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना आपकी फर्टिलिटी को समझने की दिशा में पहला और जरूरी कदम हो सकता है।

उम्मीद IVF में हम आपको सही जानकारी, विशेषज्ञ की सलाह और निःशुल्क परामर्श (Free Consultation) के साथ इस सफर में सहयोग करने के लिए यहां हैं। ❤️7488880400

💗 प्रेग्नेंसी में देरी हो रही है? इन चीज़ों को नज़रअंदाज़ न करेंकई बार प्रेग्नेंसी में देरी सिर्फ़ किसी एक कारण की वजह स...
10/09/2026

💗 प्रेग्नेंसी में देरी हो रही है? इन चीज़ों को नज़रअंदाज़ न करें

कई बार प्रेग्नेंसी में देरी सिर्फ़ किसी एक कारण की वजह से नहीं होती। हमारी रोज़मर्रा की आदतें और सही समय पर जाँच न करवाना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

🔹 काम का ज़्यादा दबाव (Work Pressure)
लगातार तनाव (Stress) शरीर के हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जिससे ओव्यूलेशन (Ovulation) और मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) में बदलाव हो सकते हैं।

🔹 खाना छोड़ना (Meals Skip)
बार-बार खाना छोड़ना या पर्याप्त पोषण न लेना शरीर को प्रभावित कर सकता है और हार्मोनल स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

🔹 खराब नींद (Poor Sleep)
नींद पूरी न होना और अनियमित नींद का चक्र (Sleep Cycle) शरीर के हार्मोन और समग्र प्रजनन स्वास्थ्य (Reproductive Health) को प्रभावित कर सकता है।

🔹 गर्भधारण की योजना में देरी (Delayed Planning)
उम्र बढ़ने के साथ महिला की प्रजनन क्षमता (Fertility) में बदलाव आता है, इसलिए गर्भधारण की योजना को लंबे समय तक टालना कुछ मामलों में महत्वपूर्ण हो सकता है।

🔹 ओव्यूलेशन के समय संबंध न बनना (Timing of In*******se)
यदि संबंध ओव्यूलेशन के आसपास के उपजाऊ दिनों (Fertile Window) में नहीं बनते, तो गर्भधारण की संभावना कम हो सकती है।

लेकिन ध्यान रखें—इनमें से कोई एक कारण यह साबित नहीं करता कि प्रेग्नेंसी इसी वजह से नहीं हो रही है। प्रेग्नेंसी में देरी के पीछे महिला या पुरुष, दोनों से जुड़े कई कारण हो सकते हैं।

इसलिए लंबे समय तक अनुमान लगाने के बजाय समय पर फर्टिलिटी चेकअप (Fertility Check-up) करवाना ज़रूरी है। सही जाँच से संभावित कारण को समझने और आगे की सही योजना बनाने में मदद मिलती है। ❤️

उम्मीद आईवीएफ (Umeed IVF) में पाएं सही सलाह और भरोसेमंद मार्गदर्शन।
हमारे विशेषज्ञों से मुफ़्त परामर्श (Free Consultation) के लिए आज ही संपर्क करें। 7488880400🌸

यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है; व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।

🦚 श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🦚भगवान श्री कृष्ण की कृपा से आपके जीवन मेंनई उम्मीद, खुशियाँ और प्रेम हमेश...
10/09/2026

🦚 श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🦚

भगवान श्री कृष्ण की कृपा से आपके जीवन में
नई उम्मीद, खुशियाँ और प्रेम हमेशा बना रहे। 💙

हर घर में सुख-शांति हो और हर आँगन
नन्हीं खुशियों की मुस्कान से खिल उठे। 🌸

इसी प्रार्थना और शुभकामना के साथ,
उम्मीद IVF परिवार की ओर से
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏

03/09/2026

🤰 प्रेग्नेंसी में ड्राई फ्रूट्स कितने और क्यों खाएँ?

ड्राई फ्रूट्स कम मात्रा में भी कई ज़रूरी nutrients देते हैं, जो माँ और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। 🌰

🌰 बादाम – 4–5
प्रोटीन, हेल्दी फैट और कैल्शियम का अच्छा स्रोत। बच्चे की growth और माँ की nutrition needs में मदद करता है।

🍇 किशमिश – 10–15
आयरन और फाइबर देती है। शरीर में आयरन की जरूरत पूरी करने और कब्ज से बचने में मदद कर सकती है।

🌰 अखरोट – 1–2
ओमेगा-3 फैट्स और हेल्दी फैट्स का स्रोत, जो बच्चे के **brain और nervous system development** के लिए महत्वपूर्ण हैं।

🍂 अंजीर – 1
फाइबर और कैल्शियम देता है और पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकता है।

🌴 खजूर – 1–2
प्राकृतिक ऊर्जा, फाइबर और कुछ minerals का अच्छा स्रोत है।

🥜 काजू – 3–4
प्रोटीन, हेल्दी फैट, मैग्नीशियम और आयरन देता है।

💡 कैसे लें?
इन्हें सुबह नाश्ते के साथ/बाद या दिन में snack के रूप में लिया जा सकता है। बादाम, किशमिश और अंजीर को भिगोकर लेना सुविधाजनक है, लेकिन भिगोना जरूरी नहीं है।

⚠️ **ध्यान दें:** ये मात्रा एक सामान्य उदाहरण है। आपकी pregnancy, diet और health के अनुसार जरूरत अलग हो सकती है। खासकर **gestational diabetes** होने पर खजूर और किशमिश जैसी मीठी चीज़ों की मात्रा डॉक्टर/डायटीशियन से पूछकर लें।

💗 Pregnancy से जुड़ी सही जानकारी और guidance के लिए Umeed IVF से संपर्क करें।
Free Consultation | Confidential Support +91 7488880400

31/08/2026

🤰 Pregnancy में कौन-सा Scan कब और क्यों होता है?

Pregnancy के दौरान हर scan का अपना एक अलग purpose होता है। कुछ scans routine होते हैं, जबकि कुछ आपकी pregnancy की जरूरत के हिसाब से डॉक्टर recommend करते हैं। 👇

🔹 1. Early Pregnancy Scan | 6–8 हफ्ते
• Pregnancy uterus के अंदर है या नहीं, यह confirm करने के लिए
• Baby की heartbeat और gestational age देखने के लिए
• Due date का अनुमान लगाने में मदद
• Twins/multiple pregnancy या ectopic pregnancy जैसी शुरुआती समस्याओं की पहचान

🔹 2. NT Scan | 11–14 हफ्ते
• Baby की गर्दन के पीछे fluid (NT) की thickness मापने के लिए
• Down syndrome जैसी chromosomal conditions के risk की screening
• Baby की शुरुआती anatomy और growth देखने के लिए
• अक्सर Double Marker blood test के साथ किया जाता है

🔹 3. Anomaly Scan | 18–22 हफ्ते
• Baby के brain, heart, spine, kidneys, stomach और limbs की detailed जाँच
• Baby के शरीर की structural abnormalities को detect करने में मदद
• Placenta और amniotic fluid की भी जाँच
👉 यह pregnancy के सबसे important detailed scans में से एक है।

🔹 4. Fetal Echo | 20–24 हफ्ते
• Baby के heart की structure और functioning को detail में देखने के लिए
• Congenital heart defects की जाँच
• हर pregnancy में जरूरी नहीं होता।
👉 Family history of heart disease, maternal medical conditions या anomaly scan में कोई concern होने पर डॉक्टर इसे recommend कर सकते हैं।

🔹 5. Growth Scan | 28–32 हफ्ते
• Baby की growth और estimated weight देखने के लिए
• Amniotic fluid और placenta का assessment
• Baby की growth कम या ज्यादा होने के संकेत देखने के लिए
👉 खासकर जब doctor को baby की growth को लेकर concern हो, तब यह scan महत्वपूर्ण हो जाता है।

🔹 6. Doppler Scan | आमतौर पर 28–36 हफ्ते
• Umbilical cord और baby की blood vessels में blood flow देखने के लिए
• Placenta से baby तक blood circulation का assessment
• Baby को पर्याप्त oxygen और nutrients मिल रहे हैं या नहीं, इसका अंदाज़ा
👉 हर pregnancy में Doppler जरूरी नहीं होता। High BP, diabetes, baby की growth कम होना या अन्य high-risk conditions में डॉक्टर इसकी सलाह दे सकते हैं।

⚠️ जरूरी सलाह: हर महिला की pregnancy अलग होती है। सभी scans हर pregnancy में जरूरी नहीं होते और उनकी timing भी आपकी condition के अनुसार बदल सकती है। इसलिए कोई भी scan अपने आप skip या करवाने के बजाय अपने gynecologist की सलाह जरूर लें।

💗 Pregnancy से जुड़े किसी भी सवाल के लिए Umeed IVF से जुड़ें।
Free Consultation • Confidential Support +91 7488880400

27/08/2026

C-Section के बाद Breastfeeding: माँ के लिए क्या ध्यान रखें? 🤱❤️

C-Section के बाद breastfeeding की शुरुआत थोड़ी challenging हो सकती है। दर्द, कमजोरी और नई जिम्मेदारियों के बीच माँ को सही position, support और guidance मिलना बहुत जरूरी है।

कुछ जरूरी बातें जो हर नई माँ को पता होनी चाहिए:

• 🤱 सही position चुनें — ऐसी position रखें जिसमें पेट के operation वाले हिस्से पर दबाव कम पड़े।

• 👶 Baby को अपने पास रखें — ज्यादा skin-to-skin contact माँ और baby के बीच bonding को बढ़ाता है और दूध बनने की प्रक्रिया में मदद करता है।

• 🍼 बार-बार breastfeeding कराएँ — इससे शरीर को दूध बनाने का संकेत मिलता रहता है और milk supply बेहतर होने में मदद मिल सकती है।

• 🛏️ अपने comfort का ध्यान रखें — breastfeeding pillow और सही posture से feeding के दौरान कमर और शरीर पर पड़ने वाला strain कम हो सकता है।

• ❤️ Milk कम लगने पर घबराएँ नहीं — सही latch और feeding का तरीका बहुत महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या lactation expert से सलाह लें।

• 👩‍⚕️ हर माँ की जरूरत अलग होती है — अगर breastfeeding में लगातार परेशानी हो रही है, तो समय पर सही guidance लेना सबसे बेहतर है।

C-Section के बाद आपको सिर्फ medical care नहीं, बल्कि समझ और emotional support की भी जरूरत होती है।🌸

🤍 Umeed IVF में पाएं confidential support और guidance।

📩 Breastfeeding से जुड़ी किसी भी परेशानी के लिए Free Consultation के लिए हमसे संपर्क करें।+91 7488880400

🤰🏻 Pregnancy में किस चीज़ की craving और क्यों?👀✨Pregnancy में अचानक अचार, चॉकलेट, डेयरी या मसालेदार चीज़ें खाने का मन हो...
26/08/2026

🤰🏻 Pregnancy में किस चीज़ की craving और क्यों?👀✨

Pregnancy में अचानक अचार, चॉकलेट, डेयरी या मसालेदार चीज़ें खाने का मन होना काफी common है। लेकिन हर craving का मतलब किसी nutrient की कमी हो — ऐसा ज़रूरी नहीं है। 💗

🥛 Dairy की craving
कैल्शियम और प्रोटीन की ज़रूरत बढ़ने के साथ dairy foods की preference बढ़ सकती है। लेकिन सिर्फ dairy की craving से calcium deficiency तय नहीं की जा सकती।

🍫 Chocolate की craving
Chocolate craving को अक्सर magnesium deficiency से जोड़ा जाता है, लेकिन इसका **सीधा वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है**। Hormonal changes, taste और mood भी इसका कारण हो सकते हैं।

🌶️ Spicy food की craving
Pregnancy में taste और smell बदलने के कारण कुछ महिलाओं को ज्यादा spicy या strongly flavoured foods पसंद आने लगते हैं।

🥒 अचार / खट्टा खाने की craving
Hormonal changes के कारण taste preferences बदल सकती हैं, जिससे खट्टे, tangy या तीखे flavours ज्यादा appealing लग सकते हैं।

🧂 नमकीन या salty food की craving
Pregnancy में taste और appetite में बदलाव के कारण salty foods की इच्छा हो सकती है। लेकिन लगातार बहुत ज्यादा नमक खाने की craving को केवल किसी deficiency का संकेत मानना सही नहीं है।

🍋 खट्टे फल / नींबू की craving
कई महिलाओं को pregnancy में sour या refreshing foods ज्यादा पसंद आते हैं—यह बदले हुए taste और smell से जुड़ा हो सकता है।

🍦 मीठा खाने की craving
Hormonal changes, appetite, mood और बदलती food preferences इसकी वजह हो सकती हैं। इसका मतलब हमेशा किसी nutrient की कमी नहीं होता।

⚠️ और कुछ cravings ऐसी भी होती हैं जिन्हें ignore नहीं करना चाहिए!

🧊 बर्फ
🪨 मिट्टी
🧼 साबुन
📄 कागज़ या chalk जैसी non-food चीज़ें खाने की इच्छा

इसे Pica कहा जा सकता है और कभी-कभी यह iron deficiency जैसी समस्याओं से associated हो सकता है। ऐसी unusual cravings में डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है। 👩‍⚕️

❤️ याद रखें:
हर craving = किसी vitamin/mineral की कमी, यह जरूरी नहीं। Cravings के पीछे hormones, taste, smell, emotions और कई दूसरे factors हो सकते हैं।

अगर craving unusual, बहुत intense या लगातार बनी हुई है, तो खुद से supplements लेने के बजाय डॉक्टर से consult करें।

📞 निःशुल्क परामर्श के लिए Umeed IVF से संपर्क करें।
सही कारण जानने के लिए सही guidance ज़रूरी है। +91 7488880400

21/08/2026

🤰 Pregnancy Vitamins: सही तरीके से कैसे लें?

1️⃣ Iron
✔️ Iron को Vitamin C के साथ लेने से शरीर में iron की absorption बेहतर होती है।
🍊 जैसे—नींबू, संतरा, आंवला या अमरूद के साथ ले सकते हैं।
❌ Iron लेते समय दूध, Calcium, चाय या कॉफी न लें, क्योंकि ये iron की absorption कम कर सकते हैं।
⚠️ Iron से कब्ज़, nausea या पेट में discomfort हो सकता है। परेशानी हो तो खुद से बंद न करें, डॉक्टर से बात करें।

2️⃣ Calcium
✔️ Calcium को Iron से अलग समय पर लें, क्योंकि दोनों साथ लेने से iron की absorption कम हो सकती है।
✔️ Calcium supplement को डॉक्टर की बताई dose में ही लें।

3️⃣ Folic Acid
✔️ Folic Acid को हर दिन नियमित रूप से लेना सबसे जरूरी है।
✔️ यह बच्चे के brain और spinal cord के development में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
⚠️ इसकी dose खुद से न बढ़ाएँ—डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

4️⃣ Vitamin D
✔️ Vitamin D को खाने के साथ, खासकर थोड़े healthy fat वाले meal के साथ लेना बेहतर होता है।
✔️ इसकी high-dose supplement खुद से न लें।

5️⃣ Omega-3
✔️ Omega-3 को meal के साथ लेने से इसे लेना आसान रहता है और पेट की परेशानी कम हो सकती है।
✔️ Pregnancy में कोई भी supplement डॉक्टर की सलाह से ही लें।

💡 सबसे जरूरी बात

हर pregnancy में supplements की जरूरत, dose और timing अलग हो सकती है।
इसलिए अपनी मर्जी से supplement शुरू, बंद या dose change न करें।

🤍 Pregnancy से जुड़ी किसी भी समस्या पर Free Consultation (निःशुल्क परामर्श) के लिए Umeed IVF से Connect करें।+91 7488880400

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Umeed IVF, A Unit Of Sana Healthcare, Nooranibagh Colony 5b, Alamganj, Patna/7
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