07/06/2026
🌳जनप्रतिनिधि द्वारा बोलना अनिवार्य हैं 🌳
1. अपनी देशी बोली भाषा भीली हैं ना कि वागड़ी या मेवाड़ी है, मातृभाषा भीली में प्राथमिक शिक्षा के लिए एक किताब होना चाहिए
2. हमारा देशी समुदाय भील हैं, भील मीना हैं, ना कि मीणा हैं, आने वाले समय में सारे दस्तावेज सुधार कराएंगे
3. हमारा अनादिकाल से परंपरागत देशी इलाका नाम भीलप्रदेश है ना कि वागड़ और मेवाड़ हैं
4. हमारे इलाके का संविधान सम्मत नाम अनुसूचित क्षेत्र Scheduled Area है ना कि TSP क्षेत्र हैं, जिला स्तरीय सरकारी भर्तियों के लिए ट्राइबल सब प्लान (TSP) हैं ट्राइबल एरिया डेवलपमेंट की योजना (TAD) है, अनुसूचित क्षेत्र Scheduled Area के नाम से ही ट्राइबल डेवलपमेंट की योजना पर अमलीकरण हो सकता है
5. हमारे पूर्वजों ने 1818 में रजवाड़ों द्वारा अंग्रेजों से संधि करने और सारी भारतीय प्रजा द्वारा हार मानने के बाद एकमात्र आदिवासी समुदाय ने लगातार (1818 से 1947 तक) देश आजाद होने तक अंग्रेजों से लड़ाई लड़ा, इस कारण हमारी अलग स्वतंत्र पहचान राष्ट्रीय जनगणना (1872 से 1931 तक) में की गई, राष्ट्रीय जनगणना 1931 के बाद भारत सरकार अधिनियम 1935 में आदिवासी इलाकों के लिए अलग शासन प्रशासन के लिए नियम बनाए गए, यही नियम संविधान में पांचवीं अनुसूची अनुच्छेद 244 (1) और छठवीं अनुसूची अनुच्छेद 244 (2) के रूप में दर्ज किए गए, ये आदिवासी समुदाय के लिए विशेषाधिकार है
6. देश आजाद होने के बाद कांग्रेस के हाथ में सत्ता आई तो कांग्रेस ने स्वतंत्र आदिवासी पहचान और पांचवीं और छठवीं अनुसूची के विशेषाधिकार शून्य करने के लिए 1961 में स्वतंत्र धर्म कॉलम कोड हटा दिया, इसके बाद जबरन अनुसूचित क्षेत्रों में बांध बनाकर नदी किनारे की उपजाऊ जमीन से आदिवासियों को विस्थापित कर बंजर जमीन पर बसाया और वन अभ्यारण्य, टाइगर रिजर्व आदि के नाम से जंगल की जमीन छीन ली, इस तरह आदिवासियों से जल जंगल जमीन छीनकर आदिवासियों को "आत्मनिर्भर से सरकार निर्भर" बनाने का काम किया
7. सरकार निर्भर बनाने के बाद आदिवासी समुदाय को रोजगार देने के नाम पर आदिवासी क्षेत्रों में लगातार सवर्ण उद्योगपतियों को जमीनें दी गई और माइनिंग शुरू कराई और आदिवासियों की बहुमूल्य संपत्ति खनिज संपदा लूटना शुरू किया, हम आदिवासियों को मालिक से मजदूर बनाया
8. आदिवासी समुदाय के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी द्वारा किए गए असंवैधानिक धोखेबाजी उजागर होने के बाद कांग्रेस ने ही BJP को आदिवासी क्षेत्रों में पनपाया
9. अभी आदिवासी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ रही हैं और कांग्रेस BJP एक है यह बात उजागर होने पर कांग्रेस BJP मिलकर AAP को आगे बढ़ा रहे हैं
10. हम आदिवासी समुदाय के पढ़े लिखें लोगों ने 1818 से 2020 तक के इस पूरे इतिहास को समझ कर स्वतंत "भारत आदिवासी पार्टी" बनाई हैं
11. हम राज्य में सरकार बनाने नहीं आदिवासीयत बचाने, अनुसूचित क्षेत्र बचाने, जल जंगल जमीन खनिज संस्कृति विशेषाधिकार बचाने और जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले बजट से आदिवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, खेतीबाड़ी, पशुपालन सुधार के लिए प्रयासरत हैं, इससे आदिवासी परिवार पुनः आत्मनिर्भर बनेगा
12. यदि इसी तरह पूरा पश्चिमी भारत का आदिवासी समुदाय भारत आदिवासी पार्टी (BAP) से जुड़ जाता हैं और सामूहिक राजनीतिक, लोकतांत्रिक, संवैधानिक संघर्ष जारी रखते हैं तो हमारा अलग "भीलप्रदेश राज्य" भी बनेगा