Mandeep Kaur Ayurvedic Aushadhaalay

Mandeep Kaur Ayurvedic Aushadhaalay आयुर्वेद अपनाए निरोगी काया पायें

13/04/2026

यहां पर हर बीमारी का इलाज आयुर्वेदिक तरीके से किया जाता है

10/04/2026

Lipoma Treatment - अक्सर शरीर में छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं, जिन्हें मेडिकल भाषा में लिपोमा (Lipoma) कहा जाता है। ये नॉन-कैंसरस होती हैं, लेकिन दिखने में खराब लगती हैं और धीरे-धीरे बढ़ भी सकती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में गर्मी (पित्त) और चर्बी (कफ) दोनों बढ़ जाते हैं और शरीर एक्टिव नहीं रहता, तो फैट सेल्स में पानी कम होने लगता है और वही गांठ का रूप ले लेता है।

इसलिए सिर्फ दवा नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल + सही तरीका दोनों जरूरी हैं।

लिपोमा क्यों बनता है?
शरीर में ज्यादा गर्मी (पित्त बढ़ना)
चर्बी (कफ) का जमा होना
कम शारीरिक गतिविधि
ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होना

अगर ये कारण ठीक नहीं किए गए, तो गांठें हटने के बाद भी वापस आ सकती हैं।

इलाज का बेसिक प्रिंसिपल
शरीर की गर्मी को संतुलित करना
फैट मेटाबॉलिज्म सुधारना
ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाना
शरीर को एक्टिव बनाना

1. पहला उपाय (खाली पेट) – गोमूत्र अर्क
कैसे लें :
गोमूत्र अर्क: 3 छोटे चम्मच (15 ml)
गुनगुना पानी: 1 कप
समय: सुबह और शाम खाली पेट

लेने के 15–20 मिनट बाद ही कुछ खाएं
10 मिनट बाद योग भी कर सकते हैं

सावधानी:
अगर यूरिक एसिड हाई है - पहले कंट्रोल करें
शरीर में ज्यादा गर्मी हो - हल्के गुनगुने पानी में लें

2. मोटापा या ज्यादा चर्बी हो तो
मेदोहर गुग्गुलु:

1 टैबलेट सुबह + 1 शाम (गोमूत्र अर्क के साथ)

3. खाना खाने के बाद वाली मुख्य दवा
यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां लोग गलती करते हैं।

दवाएं:
कंचनार गुग्गुलु
वृद्धिवाधिका वटी

डोज:
नॉर्मल व्यक्ति (70–75 kg):

1–1 टैबलेट सुबह और शाम

वजन ज्यादा (75–100 kg):

1–1 टैबलेट दिन में 3 बार

बहुत ज्यादा वजन (100+ kg):

2–2 टैबलेट दिन में 2 बार

4. साथ में लेने वाला काढ़ा / सिरप (Anupan)
विकल्प 1:
दशमूल क्वाथ
1 चम्मच पाउडर + 1 गिलास पानी
उबालकर आधा करें

विकल्प 2 (आसान):
दशमूलारिष्ट: 3–4 चम्मच

कैसे लें:
दवा के साथ मिलाकर
खाने के 30 मिनट बाद
दिन में 2 बार

अगर शरीर में ज्यादा गर्मी है:
दशमूलारिष्ट 3 चम्मच + रोहितकारिष्ट 3 चम्मच
6 चम्मच गुनगुना पानी

5. दवा लेने का सही तरीका
टैबलेट को हल्का कुचलकर लें - असर जल्दी होता है
ठंडे पानी से न लें - गुनगुना पानी जरूरी

6. लाइफस्टाइल और योग (बहुत जरूरी)
अगर ये नहीं किया तो दवा का पूरा फायदा नहीं मिलेगा।

क्या करें:
रोज पसीना निकालने वाली एक्टिविटी

प्राणायाम:

कपालभाति
अनुलोम-विलोम
अग्निसार

हफ्ते में 1 बार:

कुंजल क्रिया (एक्सपर्ट की देखरेख में)

7. मसाज (External Support)
कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) से मसाज
उसके बाद योग/एक्सरसाइज

8. कितना समय लगेगा?
15 दिन में असर दिखना शुरू
1 महीने में साइज कम होना
2–3 महीने में अच्छा रिजल्ट

बड़ी गांठ (2–3 इंच) - हर महीने -1 इंच कम हो सकती है

9. जरूरी समझ
सिर्फ दवा = पूरा इलाज नहीं
सही तरीका + नियमितता = रिजल्ट
बीच में छोड़ना = समस्या वापस

Conclusion
लिपोमा कोई खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं।
अगर आप सही तरीके से आयुर्वेदिक उपचार, योग और लाइफस्टाइल को मिलाकर चलें, तो धीरे-धीरे गांठें कम होकर खत्म हो सकती हैं।

क्या आप भी शरीर में गांठ (Lipoma) की समस्या से परेशान हैं तो अपनी इस बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार करवाएं

वैद्य मनदीप कौर
नामधारी देसी दवाखाना
रतिया

10/04/2026

आयुर्वेद अपनाए सेहत पाए

08/04/2026

Lipoma Treatment - अक्सर शरीर में छोटी-छोटी गांठें बन जाती हैं, जिन्हें मेडिकल भाषा में लिपोमा (Lipoma) कहा जाता है। ये नॉन-कैंसरस होती हैं, लेकिन दिखने में खराब लगती हैं और धीरे-धीरे बढ़ भी सकती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में गर्मी (पित्त) और चर्बी (कफ) दोनों बढ़ जाते हैं और शरीर एक्टिव नहीं रहता, तो फैट सेल्स में पानी कम होने लगता है और वही गांठ का रूप ले लेता है।

इसलिए सिर्फ दवा नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल + सही तरीका दोनों जरूरी हैं।

लिपोमा क्यों बनता है?
शरीर में ज्यादा गर्मी (पित्त बढ़ना)
चर्बी (कफ) का जमा होना
कम शारीरिक गतिविधि
ब्लड सर्कुलेशन कमजोर होना

अगर ये कारण ठीक नहीं किए गए, तो गांठें हटने के बाद भी वापस आ सकती हैं।

इलाज का बेसिक प्रिंसिपल
शरीर की गर्मी को संतुलित करना
फैट मेटाबॉलिज्म सुधारना
ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाना
शरीर को एक्टिव बनाना

1. पहला उपाय (खाली पेट) – गोमूत्र अर्क
कैसे लें :
गोमूत्र अर्क: 3 छोटे चम्मच (15 ml)
गुनगुना पानी: 1 कप
समय: सुबह और शाम खाली पेट

लेने के 15–20 मिनट बाद ही कुछ खाएं
10 मिनट बाद योग भी कर सकते हैं

सावधानी:
अगर यूरिक एसिड हाई है - पहले कंट्रोल करें
शरीर में ज्यादा गर्मी हो - हल्के गुनगुने पानी में लें

2. मोटापा या ज्यादा चर्बी हो तो
मेदोहर गुग्गुलु:

1 टैबलेट सुबह + 1 शाम (गोमूत्र अर्क के साथ)

3. खाना खाने के बाद वाली मुख्य दवा
यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां लोग गलती करते हैं।

दवाएं:
कंचनार गुग्गुलु
वृद्धिवाधिका वटी

डोज:
नॉर्मल व्यक्ति (70–75 kg):

1–1 टैबलेट सुबह और शाम

वजन ज्यादा (75–100 kg):

1–1 टैबलेट दिन में 3 बार

बहुत ज्यादा वजन (100+ kg):

2–2 टैबलेट दिन में 2 बार

4. साथ में लेने वाला काढ़ा / सिरप (Anupan)
विकल्प 1:
दशमूल क्वाथ
1 चम्मच पाउडर + 1 गिलास पानी
उबालकर आधा करें

विकल्प 2 (आसान):
दशमूलारिष्ट: 3–4 चम्मच

कैसे लें:
दवा के साथ मिलाकर
खाने के 30 मिनट बाद
दिन में 2 बार

अगर शरीर में ज्यादा गर्मी है:
दशमूलारिष्ट 3 चम्मच + रोहितकारिष्ट 3 चम्मच
6 चम्मच गुनगुना पानी

5. दवा लेने का सही तरीका
टैबलेट को हल्का कुचलकर लें - असर जल्दी होता है
ठंडे पानी से न लें - गुनगुना पानी जरूरी

6. लाइफस्टाइल और योग (बहुत जरूरी)
अगर ये नहीं किया तो दवा का पूरा फायदा नहीं मिलेगा।

क्या करें:
रोज पसीना निकालने वाली एक्टिविटी

प्राणायाम:

कपालभाति
अनुलोम-विलोम
अग्निसार

हफ्ते में 1 बार:

कुंजल क्रिया (एक्सपर्ट की देखरेख में)

7. मसाज (External Support)
कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) से मसाज
उसके बाद योग/एक्सरसाइज

8. कितना समय लगेगा?
15 दिन में असर दिखना शुरू
1 महीने में साइज कम होना
2–3 महीने में अच्छा रिजल्ट

बड़ी गांठ (2–3 इंच) - हर महीने -1 इंच कम हो सकती है

9. जरूरी समझ
सिर्फ दवा = पूरा इलाज नहीं
सही तरीका + नियमितता = रिजल्ट
बीच में छोड़ना = समस्या वापस

Conclusion
लिपोमा कोई खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं।
अगर आप सही तरीके से आयुर्वेदिक उपचार, योग और लाइफस्टाइल को मिलाकर चलें, तो धीरे-धीरे गांठें कम होकर खत्म हो सकती हैं।

क्या आप भी शरीर में गांठ (Lipoma) की समस्या से परेशान हैं या किसी ने यह इलाज ट्राय किया है?

*जो के आटे के मुख्य फायदे*1. पाचन में सुधार: हाई फाइबर के कारण, यह कब्ज दूर करने और पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है...
07/04/2026

*जो के आटे के मुख्य फायदे*
1. पाचन में सुधार: हाई फाइबर के कारण, यह कब्ज दूर करने और पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है।
2. वजन घटाने में मददगार: कम कैलोरी और उच्च फाइबर के कारण, यह भूख को नियंत्रित करता है और वजन कम करने में सहायक है।
3. मधुमेह (Diabetes) प्रबंधन: इसका लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में सहायक है।
4. कोलेस्ट्रॉल कम करना: यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करके हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
5. हड्डियों की मजबूती: इसमें कैल्शियम और फास्फोरस जैसे मिनरल्स होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।
6. शरीर को ठंडक: जौ की तासीर ठंडी होती है, जो गर्मियों में पेट की जलन और गर्मी कम करने में बहुत फायदेमंद है।
7. इम्यूनिटी और पोषण: यह आयरन, जिंक और विटामिन्स से भरपूर है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

सावधानी: जौ में ग्लूटेन की मात्रा कम होती है, लेकिन यह पूरी तरह ग्लूटेन-मुक्त नहीं है। यदि आप सीलिएक रोग से पीड़ित हैं, तो इसका सेवन न करे!

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
वैद्य मनदीप कौर
नामधारी देसी दवाखाना
रतिया
6283021266

हर प्रकार के दर्दों में लाभकारी जैसे कमर दर्द, घुटने दर्द, साइटिका दर्द, कंधे दर्द, सर्वाइकल दर्द इत्यादिअधिक जानकारी के...
02/04/2026

हर प्रकार के दर्दों में लाभकारी जैसे कमर दर्द, घुटने दर्द, साइटिका दर्द, कंधे दर्द, सर्वाइकल दर्द इत्यादि

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
वैद्य मनदीप कौर
नामधारी देसी दवाखाना
रतिया
6283021266

31/03/2026

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वैद्य मनदीप कौर
नामधारी देसी दवाखाना
रतिया
6283021266

29/03/2026

*हर माँ अपने व अपने बहन बेटियों को जीवन मे ये कुछ आदत डालवा दें जीवन मे कभी भी गर्भाशय व मासिकधर्म का रोग नहीं होगा*

*मासिकधर्म के दिनों मे भी व अभी भी जब तक मासिक धर्म न आये तब तक एक कप पानी मे आधा चम्मच घी मिलाकर जरूर पियें*

*प्रतिदिन सुबह एक लीटर पानी मे एक चम्मच अजवायन 10 लौंग कुटकर खूब उबालकर इस पतीले को बाल्टी मे रख उस बाल्टी के किनारे तौलिया लपेटकर उसपर 10 मिनट बैठ कर गुप्तानगो को भाप दें*

*बाजारू प्लास्टिक युक्त पैड का प्रयोग न कर स्वस्थसमृद्धपरिवार निर्माण प्रयास में नारी सुरक्षा सैनेट्री नैपकिन का उपयोग करें, जब तक मासिकधर्म नहीं आता तब तक भी प्रतिदिन सुबह से रात तक ,रात से सुबह तक इस पैड के नीले हरे रंग के हिस्से पर 2 3 चम्मच पानी डालकर गिलाकर कर पहनें*

*कभी भी मासिकधर्म को आगे पीछे करने वाले अप्रकृतिक औषधियों का सेव न करें*

*शाम को पेडू (राइट ओवेरी गर्भाशय लेफ्ट ओवेरी ) की 3 मिनट मे अरंड तेल से मसाज करें (राइट ओवेरी गर्भाशय लेफ्ट ओवेरी ) को 3 3 मिनट गरम पानी की बोतल से सिकाई करें*

*आज से 15 दिन सुबह अलसी के बीज का आधा चम्मच पानी से , शाम को कद्दू के बीज , 16 वें दिन से सुबह तिल व शाम को सूरजमुखी के बीज का सेवन करें*

*बायें हाथ की हथेली पर ऑरेंज रंग से 6 लिख कर रखें*

*25 ग्राम सौफ 25 ग्राम गुड़ 500ml पानी मे 100ml रहने तक उबालकर छानकर पीकर कम्बल ओढ़ कर 30 मिंट के लिए जरूर लेटे दिन में 2 बार*

या

👌👌 *हजारों बहनो द्वारा आजमाया हुया कारगर उपाय मेथी अजवायन किलौंजी कालातिल सौंठ मूली के बीज गाजर के बीज बथुआ के बीज जो जो उपलब्ध हो जाये आसानी से उन सभी को लेकर बराबर मात्रा में लेकर पाउडर बना ले व इस पाउडर का एक से दो चम्मच एक गिलास पानी में इतना उबाले की पानी चौथाई रहे व गुड़ मिलाकर सुबह शाम पिये इसे तब तक अपनाना है जब तक मासिकधर्म आ न जाए व मासिक धर्म आने के बाद एक दो दिन तक सेवन करना है इस उपाय से वर्षो से रुका मासिकधर्म भी नियमित हो जाता है व मासिकधर्म के समय गर्म पानी मे घी मिलाकर जरूर पीये मासिकधर्म के समय शारीरिक सभी प्रकार के दर्द से मुक्ति हेतु* *इस उपाय को अपनाकर अनेकों बहनों ने अपने मोटापे व कब्ज गैस शारीरिक दर्द जैसी समस्यायों से भी मुक्त हुई है*👌👌

या

*आधा आधा चम्मच सौफ हाउबेर को एक गिलास पानी मे चौथाई रहने तक उबालकर छानकर 2 चम्मच वजूरी शर्बत मिलाकर पिलाएं सुबह व शाम*

या

*आधा आधा चम्मच मुरमुकी (बीजाबोल) व हाउबेर को एक गिलास पानी मे चौथाई रहने तक उबालकर छानकर 4 चम्मच वजूरी शर्बत मिलाकर पिलाएं सुबह व शाम पीने से वो रुका मसिकधर्म खुलकर आ जाता है जो किसी दवा औषधि से नहीं आ रहा हो*

*स्वस्थ समृद्ध परिवार निर्माण प्रयास मे रसोईघर ब्रह्मांड की प्रथम औषधालय जागरूकता अभियान मे प्रयासरत्त आप सबकी बहन
*वैद्य मनदीप कौर*
*नामधारी देसी दवाखाना*
*रतिया*
*6283021266*

Cold press Multigrain Atta Special Sugar patient ke liye पाचन सुधारने, वजन घटाने, डायबिटीज व बीपी कंट्रोल करने और शरीर क...
15/03/2026

Cold press Multigrain Atta
Special Sugar patient ke liye पाचन सुधारने, वजन घटाने, डायबिटीज व बीपी कंट्रोल करने और शरीर को भरपूर ऊर्जा देने में बेहद मददगार है। उच्च फाइबर, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर यह स्वास्थ्य के लिए एक उत्तम विकल्प है।

Raagi Atta कैल्शियम, आयरन, और फाइबर का पावरहाउस है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने, वजन घटाने, और डायबिटीज नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद है।

Jo Atta जो का आटा फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है, जो पाचन सुधारने, वजन नियंत्रित करने, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर कम करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने जैसे कई फायदे देता है, खासकर हृदय और मधुमेह के रोगियों के लिए यह लाभकारी है क्योंकि इसमें बीटा-ग्लूकन होता है।

Jwar Atta पाचन को बेहतर बनाते हैं, ब्लड शुगर नियंत्रित रखते हैं, हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और वजन घटाने में मदद करते हैं। यह हड्डियों को मजबूत करता है और कैंसर के खतरे को भी कम कर सकता है।

Contact :-
Namdhari Desi Dawakhana
Near kissan Dharm kanta
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Tohana Road, Ratia
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