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06/03/2014

क्या आप सोच सकते हैं कि अपने बचपन में दूध बेचने वाला , घर-घर अखबार फेंकने वाला, और होटल में waiter का काम करने वाला अपने जीवन में क्या बन सकता है???……वो लाखों लोगों को नौकरी पर रख सकता है , किसी industry को पूरी तरह से बदल सकता है, वो दुनिया की सबसे बड़ी company बना सकता है…..और खुद बन सकता है America’s Richest Man . मैं बात कर रहा दुनिया की सबसे बड़ी Retail Company Walmart की स्थापना करने वाले Sam Walton की. सैम वाल्टन (1918-1992) को modern retail का जनक भी कहा जाता है, इन्ही का business model follow करते हुए आज Big Bazaar, More, Reliance Fresh जैसे stores भारत में भी खुल गए हैं. वह 1982 से 1988 तक अमेरिका के सबसे अमीर व्यक्ति थे और आज की तारीख में भी वालमार्ट हमेशा Top 10 companies में रहती है और अरबों dollar का व्यापार करती है.

तो भला आप ही सोचिये अगर इतनी बड़ी उपलब्धियों वाला व्यक्ति आपको business करने के गुण बताये तो बात में दम तो होगा ही. और आज AKC पर मैं उन्ही के द्वारा बताये गए 10 Rules share कर रहा हूँ:
Sam Walton : The Retail King

Business सफल बनाने के 10 Golden Rules

Rule 1: अपने व्यवसाय के प्रति समर्पित रहिये :

आपको अपने business में किसी भी और व्यक्ति से ज्यादा यकीन होना चाहिए . यदि इंसान में अपने काम के प्रति passion है तो वो अपने अन्दर की सारी खामियों से पार पा लेगा . मुझे नहीं पता कि आदमी passion के साथ पैदा होता है या वो इसे develop कर सकता है . पर मैं इतना जानता हूँ कि आपको इसकी ज़रुरत पड़ती है . यदि आप अपने काम से प्रेम करते हैं तो, तो आप हर रोज़ उसे best possible way में करना चाहेंगे ,और जल्द ही आपके साथ काम करने वाले भी किसी बुखार की तरह इसे आपसे catch कर लेंगे.

Rule 2: Profit को सभी काम करने वालों में बाटिये और उन्हें partner की तरह treat करिए :

बदले में employees भी आपको as a partner treat करेंगे और तब आप जितना सोच नहीं सकते उससे भी अच्छा कर पायेंगे . आप चाहें तो company पर अपना control बनाये रखिये मगर एक सेवक के रूप में lead करिए . अपने साथियों को company के stocks खरीदने के लिए encourage करिए और retirement के समय उन्हें discounted stocks दीजिये .शायद हमने आज तक जो कुछ भी किया उनमे से ये सबसे महत्त्वपूर्ण चीज थी .

Rule 3: Motivate your partners. अपने partners को motivate कीजिये :

सिर्फ पैसा और ownership काफी नहीं है .हर रोज़ नए innovative तरीकों से अपने partners को motivate और challenge कीजिये . बड़े लक्ष्य निर्धारित करिए , competition को बढ़ावा दीजिये …अगर माहौल फीका पड़ रहा हो तो एक manager की जॉब दूसरे से switch कीजिये और उन्हें बेहतर करने के लिए उत्साहित कीजिये . अपने आपको बहुत predictable मत बनाइये , लोगों को guess करने दीजिये की आपकी अगली trick क्या होगी .

Rule 4: अपने partners को हर संभव चीज communicate कीजिये :

ऐसा करने से वो business को बेहतर समझ पायेंगे , और जितना अधिक वो समझेंगे उतनी ज्यादा care करेंगे . और जब वो care करने लगेंगे तब उन्हें कोई रोक नहीं सकता . यदि आप अपने associates से बातें छुपायेंगे तो वो देर -सबेर समझ जायेंगे कि आप उनको partner नहीं consider करते हैं . सूचना शक्ति है , अपने asoocites को empower करके आपको जो फायदा होता है वो competitor को बात का पता चलने से होने वाले नुकसान से कहीं अधिक है .

Rule 5: Associates business के लिए जो करते हैं उसकी प्रशंशा कीजिये :

Salary और share देने से आपको एक तरह की loyalty मिलेगी . लेकिन हर कोई अपने काम की प्रशंशा सुनना चाहता है . हम अक्सर अपनी प्रशंशा सुनना चाहते हैं , और खासतौर पर तब जब हम अपने किसी काम पर proud feel कर रहे हों . सही समय पर , सही शब्दों द्वारा की गयी सच्ची प्रशंशा का कोई विकल्प नहीं है . ये बिलकुल फ्री होते हुए भी एक खजाने के बराबर होती है .

Rule 6: Celebrate your success. अपनी सफलता को celebrate करिए :

यदि आप असफल हों तो उसमे कुछ humour खोजिये . अपने आप को बहुत seriously मत लीजिये . जब आप tension free होंगे तो आपके साथ के लोग भी हल्का महसूस करेंगे .उत्साह दिखाइए – हमेशा . जब सब fail हो जाए तो रंग बिरंगे कपडे पहन कर कोई silly गाना गिये . और फिर सभी को अपने साथ गाने को कहिये . अपनी कामयाबी का जश्न मानाने के लिए Wall Street पर मत नाचिये . ये किया जा चुका है . कुछ नया सोचिये , ये सब जितना हम सोचते हैं उससे कहीं अधिक ज़रूरी है और मस्ती से भरा हुआ भी , और इससे competitor भी मूर्ख बन जाते हैं .

Rule 7: अपनी कंपनी में हर किसी को सुनिए और ऐसा उपाय निकालिए कि वो आपस में बात करें :

जो सामने बैठते हैं —वो जो customer से बात करते हैं —सिर्फ वही जानते हैं कि वहां क्या चल रहा है . इसलिए ये जानने की कोशिश कीजिये कि वो क्या जानते हैं .Total Quality बस यही है . अपनी संस्था में नीचे तक responsibility push करने के लिए और नयी ideas को सामने लेन के लिए ज़रूरी है कि आप यह जानने की कोशिश करें कि आपके associate क्या कहना चाहते हैं .

Rule 8: अपने customers को उम्मीद से ज्यादा दीजिये :

यदि आप ऐसा करेंगे तो वो बार – बार वापस आयेंगे . उन्हें वो दीजिये जो वो चाहते हैं —और फिर उससे थोडा ज्यादा . उन्हें पता चलना चाहिए की आप उनको appreciate करते हैं . अपनी सभी गलतियों को स्वीकारिये और excuse मत दीजिये —माफ़ी मांगिये .आप जो कुछ भी करते हैं उसके पीछे खड़े रहिये . आज तक दो सबसे ज़रूरी शब्द जो मैंने पहले Wal-Mart sign के नीचे लिखे थे : “Satisfaction Guaranteed” . वो आज भी ऐसे ही लिखे हुए हैं और उनकी वजह से इतना सब कुछ हो पाया .

Rule 9: अपने खर्चों को competition से बेहतर ढंग से control कीजिये :

यहीं पर आप competitive advantage पा सकते हैं . लगातार 25 सालों से – Wal-Mart के देश के सबसे बड़े retailer बनने से पहले — हम इस industry में lowest Expense to Sales ratio में No.1 रहे हैं , आप बहुत सारी गलतियाँ कर के भी दुबारा उबर सकते हैं यदि आपके operations efficient हों . या आप बहुत brilliant होते हुए भी business से बाहर हो सकते हैं अगर आप बहुत inefficient हों .

Rule 10: धारा के विपरीत तैरिये :

दूसरी तरफ जाइये . Conventional Wisdom को छोड़िये . अगर हर कोई काम को एक ही तरह से कर रहा है तो बहुत ज्यादा chance है कि आप ठीक उलटी दिशा में जाकर अपना niche पा सकते हैं .पर इस बात के लिए तैयार रहिये कि आपको बहुत सारे लोग ये इशारा करेंगे की आप गलत दिशा में जा रहे हैं . मुझे लगता है कि मैंने इन तमाम सालों में किसी और बात से अधिक ये सुना है कि : 50,000 से कम आबादी वाला town एक discount store को ज्यदा समय तक support नहीं कर सकता

06/03/2014

जीवन में लक्ष्य का होना ज़रूरी क्यों है ?

Hi friends,

यदि आपसे पूछा जाये कि क्या आपने अपने लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित कर रखे हैं तो आपके सिर्फ दो ही जवाब हो सकते हैं: हाँ या ना .

अगर जवाब हाँ है तो ये बहुत ही अच्छी बात है क्योंकि ज्यादातर लोग तो बिना किसी निश्चित लक्ष्य के ही ज़िन्दगी बिताये जा रहे हैं और आप उनसे कहीं बेहतर इस्थिति में हैं. पर यदि जवाब ना है तो ये थोड़ी चिंता का विषय है. थोड़ी इसलिए क्योंकि भले ही अभी आपका कोई लक्ष्य ना हो पर जल्द ही सोच-विचार कर के अपने लिए एक लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं.लक्ष्य या Goals होते क्या हैं? लक्ष्य एक ऐसा कार्य है जिसे हम सिद्ध करने की मंशा रखते हैं. Goal is a task which we intend to accomplish. कुछ examples लेते हैं: एक student का लक्ष्य हो सकता है: ” Final Exams में 80% से ज्यादा marks लाना.” एक employee लक्ष्य हो सकता है अपनी performance के basis पे promotion पाने का. एक house-wife का लक्ष्य हो सकता है :” Home based business कि शुरुआत करना. एक blogger का लक्ष्य हो सकता है:” अपने ब्लॉग कि page rank शुन्य से तीन तक ले जाना” एक समाजसेवी का लक्ष्य हो सकता है:” किसी गाँव के सभी लोगों को साक्षर बनाना”

लक्ष्य का होना ज़रूरी क्यों है:

१) सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए: जब आप सुबह घर से निकलते हैं तो आपको पता होता है कि आपको कहाँ जाना है और आप वहां पहुँचते हैं , सोचिये अगर आपको यह नहीं पता हो कि आप को कहाँ जाना है तो भला आप क्या करेंगे? इधर उधर भटकने में ही समय व्यर्थ हो जायेगा. इसी तरह इस जीवन में भी यदि आपने अपने लिए लक्ष्य नहीं बनाये हैं तो आपकी ज़िन्दगी तो चलती रहेगी पर जब आप बाद में पीछे मुड़ कर देखेंगे तो शायद आपको पछतावा हो कि आपने कुछ खास achieve नहीं किया!! लक्ष्य व्यक्ति को एक सही दिशा देता है. उसे बताता है कि कौन सा काम उसके लिए जरूरी है और कौन सा नहीं. यदि goals clear हों तो हम उसके मुताबिक अपने आप को तैयार करते हैं. हमारा subconscious mind हमें उसी के अनुसार act करने के लिए प्रेरित करता है. दिमाग में लक्ष्य साफ़ हो तो उसे पाने के रास्ते भी साफ़ नज़र आने लगते हैं और इंसान उसी दिशा में अपने कदम बढा देता है.

२) अपनी उर्जा का सही उपयोग करने के लिए: भागवान ने इन्सान को सीमित उर्जा और सिमित समय दिया है. इसलिए ज़रूरी हो जाता है कि हम इसका उपयोग सही तरीके से करें. लक्ष्य हमें ठीक यही करने को प्रेरित करता है. अगर आप अपने end-goal को ध्यान में रख कर कोई काम करते हैं तो उसमे आपका concentration और energy का level कहीं अच्छा होता है. For Example: जब आप किसी library में बिना किसी खास किताब को पढने के मकसद से जाते हैं तो आप यूँ ही कुछ किताबों को उठाते हैं और उनके पन्ने पलटते हैं और कुछ एक पन्ने पढ़ डालते हैं, पर वहीँ अगर आप कसी Project Report को पूरा करने के मकसद से जाते हैं तो आप उसके मतलब कि ही किताबें चुनते हैं और अपना काम पूरा करते हैं. दोनों ही cases में आप समय उतना ही देते हैं पर आपकी efficiency में जमीन-आसमान का फर्क होता है. इसी तरह life में भी अगर हमारे सामने कोई निश्चित लक्ष्य नहीं है तो हम यूँ ही अपना energy waste करते रहेंगे और नतीजा कुछ खास नहीं निकलेगा. लेकिन इसके विपरीत जब हम लक्ष्य को ध्यान में रखेंगे तो हमारी energy सही जगह उपयोग होगी और हमें सही results देखने को मिलेंगे.

३) सफल होने के लिए: जिससे पूछिए वही कहता है कि मैं एक सफल व्यक्ति बनना चाहता.पर अगर ये पूछिए कि क्या हो जाने पर वह खुद को सफल व्यक्ति मानेगा तो इसका उत्तर कम ही लोग पूर विश्वास से दे पाएंगे. सबके लिए सफलता के मायने अलग-अलग होते हैं. और यह मायने लक्ष्य द्वारा ही निर्धारित होते हैं. तो यदि आपका कोई लक्ष्य नहीं है तो आप एक बार को औरों कि नज़र में सफल हो सकते हैं पर खुद कि नज़र में आप कैसे decide करेंगे कि आप सफल हैं या नहीं? इसके लिए आपको अपने द्वारा ही तय किये हुए लक्ष्य को देखना होगा.

४) अपने मन के विरोधाभाष को दूर करने के लिए: हमारी life में कई opportunities आती-जाति रहती हैं. कोई चाह कर भी सभी की सभी opportunities का फायदा नहीं उठा सकता. हमें अवसरों को कभी हाँ तो कभी ना करना होता है. ऐसे में ऐसी परिस्थितियां आना स्वाभाविक है, जब हम decide नहीं कर पाते कि हमें क्या करना चाहिए. ऐसी situation में आपका लक्ष्य आपको guide कर सकता है. जैसे मेरा और मेरी wife का लक्ष्य एक Beauty Parlour खोलने का है, ऐसे में अगर आज उसे एक ही साथ दो job-offers मिलें , जिसमें से एक किसी पार्लर से हो तो वह बिना किसी confusion के उसे ज्वाइन कर लेगी , भले ही वहां उसे दुसरे offer के comparison में कम salary मिले. वहीँ अगर सामने कोई लक्ष्य ना हो तो हम तमाम factors को evaluate करते रह जायें और अंत में शायद ज्यादा वेतन ही deciding factor बन जाये.

दोस्तों अर्नोल्ड एच ग्लासगो का कथन ”फुटबाल कि तरह ज़िन्दगी में भी आप तब-तक आगे नहीं बढ़ सकते जब तक आपको अपने लक्ष्य का पता ना हो.” मुझे बिलकुल उपयुक्त लगता है. तो यदि आपने अभी तक अपने लिए कोई लक्ष्य निर्धारित किया है तो इस दिशा में सोचना शुरू कीजिये.

Thanks :)

06/03/2014

करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये…….

चलिए, पहले एक छोटी से exercise करते हैं. आप अपने शहर के किन्ही पांच करोड़पतियों की list मन में सोचिये…..please इस step को miss मत कीजिये , सोचिये ज़रूर !!!

अब बताइये इस लिस्ट में क्या कोई ऐसा भी है जो नौकरी पेशा है? मेरी लिस्ट में तो नहीं है,मेरे दिमाग में जो नाम आये वो मै आपको बताना चाहूँगा. मैं Gorakhpur का रहने वाला हूँ और ये लोग वहीँ के हैं:

चेतना मसाले वाले Uncle,
डॉ. अग्रवाल, जिनका खुद का Hospital है
Mr. Jalan- सरिया वाले
मेरेcolony के एक uncle जिनके Engineering College चलते हैं , और
बरनवाल Uncle , जिनके यहाँ से हम लोग Jewelery खरीदते हैं.
इन सभी में एक बात common है. लोग इनके यहाँ नौकरी करते हैं पर ये किसी के यहाँ नौकरी नहीं करते.ये सभी उद्यमी हैं, Entrepreneurs हैं, Businessmen हैं पर employee नहीं हैं.

मैंने कुछ दोस्तों से भी ये प्रश्न किया उनकी सूची में भी किसी नौकरी करने वाले का नाम नहीं था. अब ये बात और है की आप दिमाग पे जोर डालेंगे तो कुछ ऐसे लोग मिल जायेंगे पर इनमे से ज्यादातर के बाल या तो सफ़ेद हो चुके होंगे या फिर पूरी फसल ही साफ़ हो चुकी होगी.अगर बाल सफ़ेद करा कर Crorepati बनाना है तो नौकरी बुरी नहीं है..तीन-चार promotion और 15- 20 साल में Crorepati बन ही जायेंगे… पर ऐसे बने तो बच्चों के लिए बनेंगे अपने लिए नहीं…और मज़ा तो अपने लिए बनने में है….क्यों? और अगर अपने लिए Crorepati बनना है तो खुद बनना होगा एक Entrepreneur.

यहाँ एक बात कहना चाहूँगा कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने कि इच्छा रखने वालों को उतनी respect से नहीं देखते हैं, पर मुझे लगता है कि इस मंहगाई को देखकर उनके विचार में भी बदलाव आ चुका होगा….कितना कमाना ज्यादा कमाना है इसकी परिभाषा बड़ी तेजी से बदल रही है…मेरी नज़र मैं ज्यादा पैसे कमाने कि इच्छा रखना एक अच्छी बात है.. बशर्ते उसे कमाने के लिए गलत काम न किये जाएँ. और शायद इस article को भी वही लोग पढ़ रहे होंगे जो ऐसी इच्छा रखते होंगे वरना article का title पढ़ने के बाद ही वो किसी और topic पर चले गए होते.चलिए अब आते हैं main मुद्दे पर :

पर नौकरी छोडें कैसे ?

सवाल बिलकुल ठीक है. पर उससे भी बड़ा एक सवाल है:, “नौकरी छोड़ी तो करेंगे क्या ?”अगर आपके मन में ये दूसरा सवाल आ रहा है तो उसका मेरे पास कोई जवाब नहीं है. क्योंकि ये तो आपके अंदर से आने वाली आवाजा है कि आप क्या करना चाहते हैं . और यदि यह नहीं आ रही है तो अभी आप इस तरह के step के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं…पर ये बात पक्की है कि यदि आप चाहें तो समय के साथ खुद को तैयार कर सकते हैं.

पर यदि आप उनमे से हैं जिनका कोई सपना है ,जो कुछ बड़ा, कुछ महान , कुछ अपना करना चाहते हैं तो आपको पहले प्रश्न के बारे में सोचना ही होगा. क्योंकि अगर आप अभी नहीं सोचेंगे तो आगे आपके लिए ये सोचना और भी मुश्किल हो सकता है भविष्य में:

आपकी जिम्मेदारियां बढ़ जायेंगी यानी आपकी risk लेने की क्षमता घट जायेगी.
हो सकता ही आपकी salary बढ़ जाए और आप खुद को समझा लें. कि “चल भाई पैसे आ तो रहे हैं…अब और क्या चाहिए.”
कुछ लोग सोच सकते हैं कि lecture देना आसान है पर करना बहुत मुश्किल है. बात सच है ,पर ये भी सच है कि ये करना मुश्किल ज़रूर है पर असंभव नहीं.

अगर Dheerubhai Ambani ने petrol pump की नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज Reliance जैसी company होती? अगर Narayan Murthy ने Patni Computers की अपनी नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज Infosys का कोई वजूद होता?Amitabh Bachchan ने भी पहले Shaw Wallace और बाद में Bird & Co, नमक एक shipping firm में काम किया, अगर उन्होंने भी अपने दिल कि आवाज़ नहीं सुनी होती तो भला भारत को कहाँ मिलता इतना बड़ा महानायक?

ये बहुत बड़े-बड़े उदाहरण हैं, जिन्हें हम सब जानते हैं पर यकीन जानिए कि ऐसी हजारों success stories हैं, जहाँ पर लोगों ने अपनी सोच को हकीकत में बदल कर दिखाया है…गांव की गलियों से निकल कर शहर की बुलंदियों को अपना बनया है. खुद बने हैं Crorepati और कईयों को लखपति बनाया है.

पर अभी भी हमारा जो पहला सवाल था कि “पर नौकरी छोडें कैसे?”वो वहीँ का वहीँ बना हुआ है. कहने की बात नहीं है कि ये एक एक बहुत ही बड़ा step है, और बस यूँहीं नहीं लिया जा सकता है. इस क्रांतिकारी कदम को वही उठा सकता है जिसके मन में कुछ अपना करने की तीव्र इच्छा हो और वो अपने plan को execute करने के लिए बहुत ज्यादा passionate हो. जिनके अंदर वाकई में कुछ कर गुजरने की दीवानगी होती है, वो इधर-उधर की बातें ज्यादा नहीं सोचते और बस लग जाते हैं अपने प्रयासों में.

पर हम मे से ज्यादातर लोग (including me) कुछ करना तो चाहते हैं, पर हमारे अंदर एक डर सा लगा होता है कि कहीं हम fail हो गए तो जो है वो भी चला जायेगा. ये डर वाजिब भी है. इसीलिए मेरी समझ से एक बीच का रास्ता निकालना अच्छा साबित हो सकता है , जैसे कि कोई Side-Business शुरू कर के. ये एक पुराना अजमाया हुआ तरीका है, जो आपने अपने आस-पास देखा भी होगा. Office timing के बाद और छुट्टी के दिनों में लोग अपने साइडी-बिजनेस को करते हैं और जब धीरे-धीरे बिजनेस ट्रैक पर आ जाता है तो अपनी नौकरी छोड़ कर पूरा समय business में लगाते हैं. एक छोटा सा उदहारण देना चाहूँगा जो मैंने Rashmi Bansal जी की “Connect The Dots” book में पढ़ा था.

N Mahadevan के अंदर एक Hotelier बनने की चाहत थी पर भाग्य ने उन्हें एक Professor बना दिया था, पर उन्होंने ने भाग्य के इस फैसले को चुनौती दी और Madras University में अपनी Professor कि prestigiuos job छोड़ कर उन्होंने multi-million dollarFood Empire खड़ा कर दिया.

सुबह 9 बजे से शाम को 4:30 बजे तक पढाने के बाद इन्होने काम समझने के लिए एक और जॉब पकड़ ली, वो रोजाना शाम 6 से रात 12 बजे तक एक hotel में duty करने लगे .जब काम समझ आ गया और कुछ पैसे इकठ्ठा हो गए तो उन्होंने खुद का एक Chinese resturant शुरू कर दिया.आज उनके restaurants 16 देशों में हैं ,जिनमे कुल 3000 employee काम करते हैं. इन्होने खुद तो MBA नहीं किया है पर IIM-Ahmedabad से pass-out बंदे को busineess सँभालने के लिए रखा हुआ है.

मेरा plan :

शायद आप जानते होंगे कि मैं भी job कर रहा हूँ, और मैंने भी अपने लिए एक रास्ता चुना है, जो मैं आपको बताना चाहूँगा, हो सकता है आपके लिए भी इसमें से कुछ idea निकल आये.

मेरा idea , दर-असल मेरा और मेरी wife Padmaja का idea है . शादी से पहले वो job करती थी, पर हमने decide किया कि शादी के बाद husaband और wife दोनों का job करना एक बेवकूफी है. क्योंकि ऐसा करके हम हर महीने अपनी income में 10-20 हज़ार रुपये extra तो जोड़ सकते हैं पर Crorepati नहीं बन सकते. इसलिए उसने job छोड़ दी.अब आगे कुछ करना था.

चूँकि शुरू से ही उसका मन beauty related चीजों में ज्यादा लगता था इसलिए हमने decide किया कि हम अपने एक बहुत ही standard beauty parlour खोलेंगे, और धीरे-धीरे इसकी branches आस-पास के अन्य शहरों में खोलेंगे. वो parlour कि अंदरूनी चीजों का ध्यान रखेगी और मैं promotional activities और expansion के लिए काम करूँगा .खुशी की बात ये है कि हमने इस प्लान को execute करने की शुरुआत भी कर दी है.पहला step इस business को करीब से समझने का था , इसीलिए फिलहाल Padmaja VLCC से Beauty से related एक formal certification course कर रही है और part –time एक जान-पहचान के parlour में practice करके अपनी skills को और भी निखार रही है. इसके बाद कुछ चीजें और करनी होंगी और हमारा plan implementहो जायेगा. अब इसमें हमें सफलता मिलेगी या नहीं ये हम नहीं जानते…पर अगर हमने try भी नहीं किया तो ये बिना match खेले ही हार मान लेना होगा. और हमें तो जीतना है.

मेरे कुछ दोस्तों ने भी ऐसा ही कुछ किया है, मेरे friend Vaibhav Srivastava ने job करते हुए एक tution center की franchisee ली है और कुछ partners की मदद से उसे profitable बनाने में लगा हुआ है. मेरे एक अन्य मित्र Rahul Sahay ने भी Reliance Life Insurance में काम करते हुए कुछ दोस्तों साथ मिलकर एक Vocational Training Centre, NIPS और एक शानदार restautrant खोल लिया है.

बहुत सारे लोग बहुत सारी ideas के साथ अपने-अपने सपनो को साकार करने में लगे हुए है, और कर रहे हैं,हम इंसानों में यही तो खास बात है ,हम जो सपने देखते हैं उन्हें साकार भी कर सकते हैं.

अंत में यही कहना चाहूँगा कि “कोई risk ना लेना ही जिंदगी का सबसे बड़ा risk है” और ये risk आप नहीं उठा सकते इसलिए अपने दिल की आवाज़ सुनिए और अपने सपनो को साकार कीजिये.All the best !

06/03/2014

Starting a business is exciting ... and scary. One of the best ways to boost the excitement and shrink the fear is by being prepared.

While it's difficult to plan for every possibility and challenge that may occur, you can get yourself on the path to success by considering these five questions before jumping in with both feet.

1. Have I set goals and do I have a plan for reaching them?

As the proverb says, "He who fails to plan, plans to fail," and this is especially true when starting a business. Without a clear idea of where you want to go and how you plan to get there, you may find yourself stumbling through the stages of starting a business and facing unwanted stress and frustration.

One of the most important steps is setting goals that outline what you want to accomplish in the short term (1 month, 3 months, 6 months, etc.), as well as over the long term (2 years, 5 years, etc.). Once you have created your goals, it's time to make sure you have a plan for your business that will guide you along the way. It's also helpful to understand your motivation for starting a business in the first place.
2. Will I be able to follow my plan without breaking any laws or regulations?

There are a number of legalities that you should consider when starting a business. Here is a list of some of the legal areas you should explore:

Deciding on the structure of your business (sole proprietorship, partnership, corporation, limited liability company)
Registering a business name
Obtaining necessary licenses and permits
Planning for business taxes
3. Have I fully considered the financial implications of starting a business?

Money is a major concern when you start a business, especially if you will be leaving behind a steady paycheck and if your business has significant start-up expenses.

Some business financing options to consider to ease the financial transition include starting your business on the side while continuing to work full time, working a part-time job until your business becomes established, waiting to start your business until you have saved up a financial reserve, and borrowing the necessary funds to bridge the gap.

4. Is my support network in place?

We accomplish very little in life completely autonomously, and the same is true in business. Even if you plan to be a sole proprietor, you can benefit tremendously from creating an external support system to keep you on track.

Your support network may include family, friends, colleagues, a mentor, a coach, and anyone else who can help you navigate roadblocks. When you have an effective support system in place, you will find that you have a cheerleader, consultant, moral support and even a devil's advocate when necessary.

5. Do I have what it takes to make it as a business owner?

Being a successful business owner requires a unique mix of personality and small business character traits. While there isn't a standard formula that makes one type of person more successful than another, some entrepreneur-friendly personality traits that can ease the process of getting started as a business owner include passion, drive, dedication and self-discipline. And it doesn't hurt to be an effective communicator and someone who is willing to take measured risks.

These five questions are likely to spur a few more specific to your situation. Now is the time to consider all of the possibilities ... then you can let your enthusiasm trump the fear.

06/03/2014

hiiiiiiiiii friend plz join my this peg and give your idea and views for business !!!!

06/03/2014

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Sagar
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