स्वास्थ्य

स्वास्थ्य We are treat the men not disease

24/04/2026

खाना खाने का सही नियम 12 महीनों अनुसार👇👇👇
चैत्र ( मार्च-अप्रैल) – इस महीने में चने का सेवन करे क्योकि चना आपके रक्त संचार और रक्त को शुद्ध करता है एवं कई बीमारियों से भी बचाता है। चैत्र के महीने में नित्य नीम की 4 – 5 कोमल पतियों का उपयोग भी करना चाहिए इससे आप इस महीने के सभी दोषों से बच सकते है। नीम की पतियों को चबाने से शरीर में स्थित दोष शरीर से हटते है।

वैशाख (अप्रैल – मई)- वैशाख महीने में गर्मी की शुरुआत हो जाती है। बेल का इस्तेमाल इस महीने में अवश्य करना चाहिए जो आपको स्वस्थ रखेगा। वैशाख के महीने में तेल का उपयोग बिल्कुल न करे क्योकि इससे आपका शरीर अस्वस्थ हो सकता है।

ज्येष्ठ (मई-जून) – भारत में इस महीने में सबसे अधिक गर्मी होती है। ज्येष्ठ के महीने में दोपहर में सोना स्वास्थ्य वर्द्धक होता है , ठंडी छाछ , लस्सी, ज्यूस और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। बासी खाना, गरिष्ठ भोजन एवं गर्म चीजो का सेवन न करे। इनके प्रयोग से आपका शरीर रोग ग्रस्त हो सकता है।

अषाढ़ (जून-जुलाई) – आषाढ़ के महीने में आम , पुराने गेंहू, सत्तु , जौ, भात, खीर, ठन्डे पदार्थ , ककड़ी, पलवल, करेला आदि का उपयोग करे व आषाढ़ के महीने में भी गर्म प्रकृति की चीजों का प्रयोग करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

श्रावण (जूलाई-अगस्त) – श्रावण के महीने में हरड का इस्तेमाल करना चाहिए। श्रावण में हरी सब्जियों का त्याग करे एव दूध का इस्तेमाल भी कम करे। भोजन की मात्रा भी कम ले – पुराने चावल, पुराने गेंहू, खिचड़ी, दही एवं हलके सुपाच्य भोजन को अपनाएं।

भाद्रपद (अगस्त-सितम्बर) – इस महीने में हलके सुपाच्य भोजन का इस्तेमाल कर वर्षा का मौसम् होने के कारण आपकी जठराग्नि भी मंद होती है इसलिए भोजन सुपाच्य ग्रहण करे।

आश्विन (सितम्बर-अक्टूबर) – इस महीने में दूध , घी, गुड़ , नारियल, मुन्नका, गोभी आदि का सेवन कर सकते है। ये गरिष्ठ भोजन है लेकिन फिर भी इस महीने में पच जाते है क्योकि इस महीने में हमारी जठराग्नि तेज होती है।

कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर) – कार्तिक महीने में गरम दूध, गुड, घी, शक्कर, मुली आदि का उपयोग करे। ठंडे पेय पदार्थो का प्रयोग छोड़ दे। छाछ, लस्सी, ठंडा दही, ठंडा फ्रूट ज्यूस आदि का सेवन न करे , इनसे आपके स्वास्थ्य को हानि हो सकती है।

अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) – इस महीने में ठंडी और अधिक गरम वस्तुओ का प्रयोग न करे।

पौष (दिसम्बर-जनवरी) – इस ऋतू में दूध, खोया एवं खोये से बने पदार्थ, गौंद के लाडू, गुड़, तिल, घी, आलू, आंवला आदि का प्रयोग करे, ये पदार्थ आपके शरीर को स्वास्थ्य देंगे। ठन्डे पदार्थ, पुराना अन्न, मोठ, कटु और रुक्ष भोजन का उपयोग न करे।

माघ (जनवरी-फ़रवरी) – इस महीने में भी आप गरम और गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल कर सकते है। घी, नए अन्न, गौंद के लड्डू आदि का प्रयोग कर सकते है।

फाल्गुन (फरवरी-मार्च) – इस महीने में गुड का उपयोग करे। सुबह के समय योग एवं स्नान का नियम बना ले। चने का उपयोग न करे।

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24/11/2023

याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें:
जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी..... 🙏

1. बीपी: 120/80
2. पल्स: 70 - 100
3. तापमान: 36.8 - 37
4. सांस : 12-16
5. हीमोग्लोबिन: पुरुष -13.50-18
स्त्री- 11.50 - 16
6. कोलेस्ट्रॉल: 130 - 200
7. पोटेशियम: 3.50 - 5
8. सोडियम: 135 - 145
9. ट्राइग्लिसराइड्स: 220
10. शरीर में खून की मात्रा: पीसीवी 30-40%
11. शुगर लेवल: बच्चों के लिए (70-120) वयस्क: 80- 130
12. आयरन: 8-15 मिलीग्राम
13. श्वेत रक्त कोशिकाएं WBC: 4000 - 11000
14. प्लेटलेट्स: 1,50,000 - 4,00,000
15. लाल रक्त कोशिकाएं RBC: 4.50 - 6 मिलियन.
16. कैल्शियम: 8.6 -10.3 मिलीग्राम/डीएल
17. विटामिन D3: 20 - 50 एनजी/एमएल.
18. विटामिन B12: 200 - 900 पीजी/एमएल.
वरिष्ठ यानि 40/ 50/ 60 वर्ष वालों के लिए विशेष टिप्स:

1- पहला सुझाव:
प्यास न लगे या जरूरत न हो तो भी हमेशा पानी पिएं, सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं और उनमें से ज्यादातर शरीर में पानी की कमी से होती हैं। 3 लीटर न्यूनतम प्रति दिन.
2- दूसरा सुझाव:
शरीर से अधिक से अधिक काम ले, शरीर की calories burn होती रहनी चाहिए, भले ही केवल पैदल चलकर, या तैराकी या किसी भी प्रकार के खेल से।
3-तीसरा सुझाव:
खाना कम करो...अधिक भोजन की लालसा को छोड़ दें... क्योंकि यह कभी अच्छा स्वास्थ्य नहीं देता अपने आप को वंचित न करें, लेकिन मात्रा कम करें। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट आधारित खाद्य पदार्थों का अधिक प्रयोग करें।
4- चौथा सुझाव:
जितना हो सके वाहन का प्रयोग तब तक न करें जब तक कि अत्यंत आवश्यक न हो. आप कहीं जाते हैं किराना लेने, किसी से मिलने या किसी काम के लिए अपने पैरों पर चलने की कोशिश करें। लिफ्ट, एस्केलेटर का उपयोग करने के बजाय सीढ़ियां चढ़ें।
5- पांचवां सुझाव* क्रोध छोड़ो, चिंता छोड़ो,चीजों को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश करो. विक्षोभ की स्थितियों में स्वयं को शामिल न करें, वे सभी स्वास्थ्य को कम करते हैं और आत्मा के वैभव को छीन लेते हैं। सकारात्मक लोगों से बात करें और उनकी बात सुनें।
6- छठा सुझाव
अपने आस-पास के लोगो से खूब मिलें जुलें हंसें बोलें!हँसे खुश रहे...... Positive रहे हर situation में खुद को mentally strong बनाएँ
7-सातवां सुझाव
अपने आप के लिए किसी तरह का अफ़सोस महसूस न करें, न ही किसी ऐसी चीज़ पर जिसे आप हासिल नहीं कर सके, और न ही ऐसी किसी चीज़ पर जिसे आप अपना नहीं सकते।
इसे अनदेखा करें और इसे भूल जाएं।
8- आठवां सुझाव पैसा, पद, प्रतिष्ठा, शक्ति, सुन्दरता, जाति की ठसक और प्रभाव;
ये सभी चीजें हैं जो अहंकार से भर देती हैं. विनम्रता वह है जो लोगों को प्यारसे आपके करीब लाती है।
9- नौवां सुझाव
अगर आपके बाल सफेद हो गए हैं, तो इसका मतलब जीवन का अंत नहीं है। यह एक बेहतर जीवन की शुरुआत हो चुकी है। आशावादी बनो, याद के साथ जियो, यात्रा करो, आनंद लो। यादें बनाओ!
10- दसवां सुझाव
अपने से छोटों से भी प्रेम, सहानुभूति ओर अपनेपन से मिलें! कोई व्यंग्यात्मक बात न कहें! चेहरे पर मुस्कुराहट बनाकर रखें !
अतीत में आप चाहे कितने ही बड़े पद पर रहे हों वर्तमान में उसे भूल जाये और सबसे मिलजुलकर रहें!

स्वस्थ रहो, मस्त रहो
खूब हँसें और हँसाये
क्योंकि
हँसी फ़्री का हेल्थ टॉनिक है , इसका भरपूर उपयोग

छोटी छोटी बातों का करो उपयोग रहो निरोगः
🙏

14/02/2023

*ब्राह्मी दिमाग है*
*अर्जुन हृदय है*
*अश्वगंधा है शक्ति*
*शतावरी सहनशक्ति है*
*गुडुची (गिलोय) प्रतिरक्षा है*
*मुलेठी गला है*
*अदरक पाचन है*
*नारियल का तेल चयापचय है*
*शकरकंद अग्न्याशय हैं*
*कद्दू आंत है*
*गाजर रेटिना हैं*
*तुलसी ऑक्सीजन है*
*टमाटर प्रोस्टेट हैं*
*अनार लाल रक्त कणिकाएँ हैं*
*पानी खून है*
*अंगूर फेफड़े हैं*
*पपीता लीवर है*
*सेब सांस ले रहे हैं*
*मोरिंगा मांसपेशियां और जोड़ हैं*
*जिस दिन से हम पैदा हुए हैं, उसी दिन से हमें 15 लाख वेंटिलेटर लागत के बराबर प्रतिदिन 660 लीटर ऑक्सीजन उपहार में दी जाती है*
*और फिर भी हम औषधीय पौधों की विश्वसनीयता और उनके दावों की पुष्टि के बारे में खोज रहे हैं।*

*विश्वास प्रकृति*

12/02/2023

मुंह में अगर छाले हो जाएं तो जीना मुहाल हो जाता है। खाना तो दूर पानी पीना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन, इसका इलाज आपके आसपास ही मौजूद है। मुंह के छाले गालों के अंदर और जीभ पर होते हैं। संतुलित आहार, पेट में दिक्कत, पान-मसालों का सेवन छाले का प्रमुख कारण है। छाले होने पर बहुत तेज दर्द होता है। आइए हम आपको मुंह के छालों से बचने के लिए घरेलू उपचार बताते हैं।

मुंह के छालों से बचने के घरेलू उपचार–

शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुंह के छालों पर करें और लार को मुंह से बाहर टपकने दें।

मुंह में छाले होने पर अडूसा के 2-3 पत्तों को चबाकर उनका रस चूसना चाहिए।
छाले होने पर कत्था और मुलहठी का चूर्ण और शहद मिलाकर मुंह के छालों पर लगाने चाहिए।

अमलतास की फली मज्जा को धनिये के साथ पीसकर थोड़ा कत्था मिलाकर मुंह में रखिए। या केवल अमलतास के गूदे को मुंहमें रखने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।

अमरूद के मुलायम पत्तों में कत्था मिलाकर पान की तरह चबाने से मुंह के छाले से राहत मिलती है और छाले ठीक हो जाते हैं

12/02/2023

*सभी को स्वास्थ्य दिवस की शुभकामनाएं*
🄷🄰🄿🄿🅈 🄸🄽🅃🄴🅁🄽🄰🅃🄸🄾🄽🄰🄻
🄷🄴🄰🄻🅃🄷 🄳🄰🅈
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें:
1. बीपी: 120/80
2. नाड़ी :70 -100
3. तापमान: 36.8 - 37
4. श्वास: 12-16
5. हीमोग्लोबिन: पुरुष -13.50-18
स्त्री -11.50 - 16
6.कोलेस्ट्रॉल: 130 - 200
7.पोटेशियम: 3.50 - 5
8. सोडियम: 135 - 145
9. ट्राइग्लिसराइड्स: 220
10. शरीर में खून की मात्रा: पीसीवी 30-40%
11. शुगर लेवल: बच्चों (70-130) वयस्कों के लिए: 70 - 115
12. आयरन :8-15 मिलीग्राम
13. श्वेत रक्त कोशिकाएं WBC: 4000 - 11000
14. प्लेटलेट्स: 1,50,000- 4,00,000
15. लाल रक्त कोशिकाएं आरबीसी: 4.50 - 6 मिलियन।
16. कैल्शियम: 8.6 -10.3 mg/dL
17. विटामिन डी3: 20 - 50 एनजी/एमएल।
18. विटामिन B12: 200 - 900 पीजी/एमएल।
*40/50/60 वर्ष वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुझाव:*
*1- पहला सुझाव:* प्यास या ज़रूरत न होने पर भी हर समय पानी पिएं, सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं और उनमें से ज्यादातर शरीर में पानी की कमी के कारण होती हैं। प्रति दिन कम से कम 2 लीटर। *2-दूसरा निर्देश:* शरीर से जितना हो सके उतना काम करें, शरीर का मूवमेंट होना चाहिए, जैसे चलना, तैरना, या किसी भी तरह का खेल।
*3-3 टिप:* कम खाएं... ज्यादा खाने की लालसा छोड़ें... क्योंकि इससे कभी अच्छा नहीं होता। अपने आप को वंचित मत करो, बल्कि मात्रा कम करो। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक प्रयोग करें।
*4- चौथी हिदायत:* वाहन का प्रयोग तब तक न करें जब तक कि अत्यंत आवश्यक न हो। यदि आप कहीं भी किराने का सामान लेने जा रहे हैं, किसी से मिल रहे हैं, या कोई काम कर रहे हैं, तो अपने पैरों पर चलने की कोशिश करें। लिफ्ट, एस्केलेटर का इस्तेमाल करने के बजाय सीढ़ियां चढ़ें।
*5- 5वां निर्देश* गुस्सा छोड़ दें, चिंता करना छोड़ दें, बातों को इग्नोर करने की कोशिश करें। अपने आप को परेशानी वाली स्थितियों में शामिल न करें, वे सभी स्वास्थ्य को खराब करते हैं और आत्मा की महिमा को हर लेते हैं। सकारात्मक लोगों से बात करें और उनकी बात सुनें।
*6- छठा निर्देश* सबसे पहले धन का मोह त्याग दें
अपने आसपास के लोगों से जुड़ें, हंसें और बात करें! पैसा जीवित रहने के लिए बनाया जाता है, जीवन पैसे के लिए नहीं।
*7- 7वाँ नोट* अपने लिए, या किसी ऐसी चीज़ के बारे में खेद महसूस न करें जिसे आप हासिल नहीं कर सके, या ऐसी किसी चीज़ के बारे में जिसका आप सहारा न ले सकें। इसे अनदेखा करें और इसे भूल जाएं।
*8- आठवीं सूचना* धन, पद, प्रतिष्ठा, शक्ति, सौंदर्य, जाति और प्रभाव; ये सब चीजें अहंकार को बढ़ाती हैं। विनम्रता लोगों को प्यार से करीब लाती है।
*9- नौवां टोटका* अगर आपके बाल सफेद हैं तो इसका मतलब जीवन का अंत नहीं है। यह एक अच्छे जीवन की शुरुआत है। आशावादी बनो, स्मृति के साथ जियो, यात्रा करो, आनंद लो। यादें बनाएं!
*10-10वां निर्देश* अपने छोटों से प्यार, सहानुभूति और स्नेह से मिलें! कुछ भी व्यंग्यात्मक मत कहो! अपने चेहरे पर मुस्कान रखें!
भूतकाल में आपने कितना भी बड़ा पद क्यों न धारण किया हो, उसे वर्तमान में भूल जाइए और सभी के साथ घुलमिल जाइए!

*हैप्पी हेल्थ डे*😂

06/12/2022

∥ आयुर्वेदिक दोहे ∥
१Ⓜ
दही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय..
२Ⓜ
बहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल,
यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल..
३Ⓜ
अजवाइन को पीसिये , गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय..
४Ⓜ
अजवाइन को पीस लें , नीबू संग मिलाय,
फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय..
५Ⓜ
अजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम..
६Ⓜ
ठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल,
नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल..
७Ⓜ
अदरक का रस लीजिए. मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग..
८Ⓜ
रोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर,
बेहतर लीवर आपका, टी.बी भी हो दूर..
९Ⓜ
गाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही, पायें सब आराम..
१०Ⓜ
शहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम,
बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम..
११Ⓜ
चिंतित होता क्यों भला, देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली, यौवन स्थिर होय..
१२Ⓜ
लाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह,
जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह..
१३Ⓜ
प्रातः संध्या पीजिए, खाली पेट सनेह,
जामुन-गुठली पीसिये, नहीं रहे मधुमेह..
१४Ⓜ
सात पत्र लें नीम के, खाली पेट चबाय, दूर करे मधुमेह को, सब कुछ मन को भाय..
१५Ⓜ
सात फूल ले लीजिए, सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को, जीवन में हो प्यार..
१६Ⓜ
तुलसीदल दस लीजिए, उठकर प्रातःकाल,
सेहत सुधरे आपकी, तन-मन मालामाल..
१७Ⓜ
थोड़ा सा गुड़ लीजिए, दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए, चाहे मोहनभोग.
१८Ⓜ
अजवाइन और हींग लें, लहसुन तेल पकाय,
मालिश जोड़ों की करें, दर्द दूर हो जाय..
१९Ⓜ
ऐलोवेरा-आँवला, करे खून में वृद्धि,
उदर व्याधियाँ दूर हों,जीवन में हो सिद्धि..
२०Ⓜ
दस्त अगर आने लगें, चिंतित दीखे माथ,
दालचीनि का पाउडर, लें पानी के साथ..
२१Ⓜ
मुँह में बदबू हो अगर, दालचीनि मुख डाल,
बने सुगन्धित मुख, महक, दूर होय तत्काल..
२२Ⓜ
कंचन काया को कभी, पित्त अगर दे कष्ट,
घृतकुमारि संग आँवला, करे उसे भी नष्ट..
२३Ⓜ
बीस मिली रस आँवला, पांच ग्राम मधु संग,
सुबह शाम में चाटिये, बढ़े ज्योति सब दंग..
२४Ⓜ
बीस मिली रस आँवला, हल्दी हो एक ग्राम,
सर्दी कफ तकलीफ में, फ़ौरन हो आराम..
२५Ⓜ
नीबू बेसन जल शहद, मिश्रित लेप लगाय,
चेहरा सुन्दर तब बने, बेहतर यही उपाय..
२६.Ⓜ
मधु का सेवन जो करे, सुख पावेगा सोय,
कंठ सुरीला साथ में, वाणी मधुरिम होय.
२७.Ⓜ
पीता थोड़ी छाछ जो, भोजन करके रोज,
नहीं जरूरत वैद्य की, चेहरे पर हो ओज..
२८Ⓜ
ठण्ड अगर लग जाय जो नहीं बने कुछ काम, नियमित पी लें गुनगुना, पानी दे आराम..
२९Ⓜ
कफ से पीड़ित हो अगर, खाँसी बहुत सताय,
अजवाइन की भाप लें, कफ तब बाहर आय..
३०Ⓜ
अजवाइन लें छाछ संग, मात्रा पाँच गिराम, कीट पेट के नष्ट हों, जल्दी हो आराम..
३१Ⓜ
छाछ हींग सेंधा नमक, दूर करे सब रोग,
जीरा उसमें डालकर, पियें सदा यह भोग..।

03/09/2022

कमर दर्द : कारण और घरेलू उपचार
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कारण :
*****
1- हमेशा ऊंची एड़ी के जूते या सेंडिल पहनना।
2- मांसपेशियों पर अत्यधिक तनाव।
3- गलत तरीके से अधिक वजन।
4- गलत तरीके से बैठना।

उपचार :
******

1. रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियां काली न हो जायें) गर्म कर लें। ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें।

2. नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं। दर्द के स्थान पर तौलिये से भाप लें। कमर दर्द से राहत पहुंचाने का यह एक अचूक उपाय है।

3. कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। इस नमक को थोड़े मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। कमर पर इस पोटली से सेक करने से भी दर्द से आराम मिलता है।

4. अजवाइन को तवे के पर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें। ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। इसके नियमित सेवन से कमर दर्द में लाभ मिलता है।

5. अधिक देर तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम न करें। हर चालीस मिनट में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी देर टहल लें।

6. नर्म गद्देदार सीटों से परहेज करना चाहिए। कमर दर्द के रोगियों को थोड़ा सख्ते बिस्तर बिछाकर सोना चाहिए।

7. योग भी कमर दर्द में लाभ पहुंचाता है। भुन्ज्गासन, शलभासन, हलासन, उत्तानपादासन, श्वसन आदि कुछ ऐसे योगासन हैं जो की कमर दर्द में काफी लाभ पहुंचाते हैं। कमर दर्द के योगासनों को योगगुरु की देख रेख में ही करने चाहिए।

8. कैल्शियम की कम मात्रा से भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, इसलिए कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें।

9. कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा।

10. कमर दर्द में भारी वजन उठाते समय या जमीन से किसी भी चीज को उठाते समय कमर के बल ना झुकें बल्कि पहले घुटने मोड़कर नीचे झुकें और जब हाथ नीचे वस्तु तक पहुंच जाए तो उसे उठाकर घुटने को सीधा करते हुए खड़े हो जाएं।

11. कार चलाते वक्त सीट सख्त होनी चाहिए, बैठने का पोश्चर भी सही रखें और कार ड्राइव करते समय सीट बेल्ट टाइट कर लें।
12. ऑफिस में काम करते समय कभी भी पीठ के सहारे न बैठें। अपनी पीठ को कुर्सी पर इस तरह टिकाएं कि यह हमेशा सीधी रहे। गर्दन को सीधा रखने के लिए कुर्सी में पीछे की ओर मोटा तौलिया मोड़ कर लगाया जा सकता है।

10/08/2022

अस्थमा के अचूक घरेलू इलाज

180 मिमी पानी में मुट्ठीभर सहजन
की पत्तियां मिलाकर करीब 5 मिनट तक उबालें।
मिश्रण को ठंडा होने दें, उसमें चुटकीभर नमक,
कालीमिर्च और नींबू रस
भी मिलाया जा सकता है। इस सूप का नियमित
रूप से इस्तेमाल दमा उपचार में कारगर
माना गया है।

अदरक का एक चम्मच ताजा रस, एक कप
मैथी के काढ़े और स्वादानुसार शहद इस मिश्रण
में मिलाएं। दमे के मरीजों के लिए यह मिश्रण
लाजवाब साबित होता है। मैथी का काढ़ा तैयार
करने के लिए एक चम्मच मैथीदाना और एक कप
पानी उबालें। हर रोज सबेरे-शाम इस मिश्रण
का सेवन करने से निश्चित लाभ मिलता है।

लहसुन भी दमा के इलाज में काफी कारगर
साबित होता है। 30 मिली दूध में लहसुन
की पांच कलियां उबालें और इस मिश्रण का हर
रोज सेवन करने से दमे में शुरुआती अवस्था में
काफी फायदा मिलता है। अदरक की गरम चाय
में लहसुन की दो पिसी कलियाँ मिलाकर पीने से
भी अस्थमा नियंत्रित रहता है। सबेरे और शाम
इस चाय का सेवन करने से मरीज
को फायदा होता है।

दमा रोगी पानी में अजवाइन मिलाकर इसे उबालें
और पानी से उठती भाप लें, यह घरेलू उपाय
काफी फायदेमंद होता है। 4-5 लौंग लें और
125 मिली पानी में 5 मिनट तक उबालें।
इस मिश्रण को छानकर इसमें एक चम्मच शुद्ध
शहद मिलाएं और गरम-गरम पी लें। हर रोज
दो से तीन बार यह काढ़ा बनाकर पीने से मरीज
को निश्चित रूप से लाभ होता है।

08/08/2022

रोग भगाए हल्दी
*************
अगर त्वचा पर अनचाहे बाल उग आए
हों तो इन बालों को हटाने के लिए
हल्दी पाउडर को गुनगुने नारियल तेल
में
मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट
को हाथ-पैरों पर लगाएं। ऐसा करने से
शरीर के अनचाहे बालों से निजात
मिलती है।
चोट लगने या मोच होने पर
हल्दी बहुत फायदा करती है।
मांसपेशियों में खिंचाव
या अंदरूनी चोट लगने पर
हल्दी का लेप
लगाएं या गर्म दूध में हल्दी पाउडर
डालकर पीजिए।
धूप में जाने के कारण त्वचा अक्सर
टैन्ड हो जाती है। टैन्ड त्वचा से
निजात पाने के लिए हल्दी पाउडर,
बादाम चूर्ण और दही मिलाकर
प्रभावित स्थान पर लगाइए। इससे
त्वचा का रंग निखर जाता है और
सनबर्न की वजह से
काली पड़ी त्वचा भी ठीक
हो जाती है।
यह एक तरह से सनस्क्रीन लोशन
की तरह काम करता है।
हल्दी को दूध में मिलाकर
इसका पेस्ट बना लीजिए। इस पेस्ट
को चेहरे पर लगाने से त्वचा का रंग
निखरता है और आपका चेहरा खिला-
खिला दिखेगा।
दाग, धब्बे व झाइंया मिटाने के लिए
हल्दी बहुत फायदेमंद है। चेहरे पर दाग
या झाइंया चेहरे के दाग-धब्बे और
झाइयां हटाने के लिए हल्दी और काले
तिल को बराबर मात्रा में पीसकर
पेस्ट
बनाकर चेहरे पर लगाएं।
मुंह में छाले होने पर गुनगुने पानी में
हल्दी पाउडर मिलाकर कुल्ला करें
या हलका गर्म हल्दी पाउडर छालों पर
लगाएं। इससे मुंह के छाले ठीक हो जाते
हैं।

08/08/2022

गठिया (जोड़ों का दर्द)
---------------------
**बथुआ के ताजा पत्तों का रस पन्द्रह
ग्राम प्रतिदिन पीने से गठिया दूर
होता है। इस रस में नमक-
चीनी आदि कुछ न मिलाएँ।
नित्य प्रातः खाली पेट लें या फिर
शाम चार बजे। इसके लेने के आगे पीछे
दो - दो घंटे कुछ न लें। दो तीन माह तक लें।

**नागौरी असगन्ध की जड़ और खांड
दोनों समभाग लेकर कूट-पीस कपड़े
से छानकर बारिक चुर्ण बना लें और
किसी काँच के पात्र में रख लें।
प्रतिदिन प्रातः व शाम चार से
छः ग्राम चुर्ण गर्म दूध के साथ खायें।
आवश्यकतानुसार तीन सप्ताह से
छः सप्ताह तक लें। इस योग से
गठिया का वह रोगी जिसने खाट
पकड़ ली हो वह भी स्वस्थ
हो जाता है। कमर-दर्द, हाथ-पाँव
जंघाओं का दर्द एवं
दुर्बलता मिटती है। यह एक उच्च
कोटि का टॉनिक है

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Sahu Clinic Rasuwala
Sangaria
335062

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Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

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