जड़ी बूटियों से इलाज

जड़ी बूटियों से इलाज Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from जड़ी बूटियों से इलाज, Medical and health, Sadiq Dawakhana & Hijama Centre Moh Muslim Choudhriyan Behind Lal Masjid, Seohara.

आयुर्वेदिक, यूनानी और देसी जड़ी-बूटियों से इलाज। पुरानी से पुरानी बीमारी का भरोसेमंद समाधान। बिना साइड इफेक्ट प्राकृतिक उपचार। सैकड़ों संतुष्ट मरीजों का भरोसा। शुद्ध देसी जड़ी-बूटियों से बनी दवाएं उपलब्ध। पूरे भारत में कोरियर सुविधा। संपर्क: 9412116540

09/05/2026

🪷 पाइल्स कोर्स 🪷
🩺 बवासीर का जड़ से मुकम्मल इलाज 🩺
✧◉➻══════════════════➻◉✧
क्या आप बवासीर की तकलीफ से परेशान हैं? क्या रोज-रोज दर्द, जलन और खुजली ने ज़िंदगी मुश्किल बना दी है? क्या खूनी बवासीर ने आपको कमज़ोर और बेचैन कर दिया है? क्या मस्सों की वजह से बैठना, चलना और सोना मुश्किल हो गया है? क्या गैस, कब्ज और पेट की खराबी ने सुकून छीन लिया है? अगर हाँ, तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं, और खुशखबरी यह है कि अब बवासीर का असरदार, सुरक्षित और स्थायी हल मौजूद है।
✧◉➻══════════════════➻◉✧
पहले बवासीर को समझिए
🔴 खूनी बवासीर: इसमें मल के साथ खून और पीला पानी निकलता है, पेट खराब रहता है, कब्ज होती है, शरीर कमज़ोर और चेहरे की रौनक खत्म हो जाती है।
🟡 रियाही/बादी बवासीर: इसमें खून नहीं आता लेकिन तेज खुजली, पेट में गैस, सख्त कब्ज, भूख कम लगना, कमर और जांघों में दर्द, शरीर में पीलापन, बेचैनी और थकान रहती है।
⚪ बादी बवासीर (मस्सों वाली): गुदा पर मस्से हो जाते हैं, जलन और खुजली रहती है, दर्द हल्का लेकिन लगातार होता है और जीवन का सुकून खत्म हो जाता है।
बादी बवासीर के कारण: ज़्यादा देर बैठकर काम करना, ठंडी चीज़ों का अधिक सेवन, कब्ज व गैस, भारी और देर से पचने वाला खाना, समय पर भोजन न करना, अधिक संभोग, मानसिक तनाव, गुदा में खुजली, खट्टी चीज़ों का ज़्यादा उपयोग।
लक्षण: गुदा में दर्द व खुजली, शरीर में सुस्ती, उठते समय भारीपन, चेहरे पर पीलापन, भूख कम लगना, सिर दर्द, मतली, कभी-कभी पेट में मरोड़ जैसा दर्द, मर्दाना ताकत में कमी। यह बीमारी सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक शांति भी छीन लेती है।
पूरा इलाज – सिर्फ 1 महीने का शक्तिशाली यूनानी कोर्स
जिन्हें खूनी बवासीर, बादी बवासीर, मस्से, रिहाह या पुरानी बवासीर हो, उनके लिए यह खास कोर्स तैयार किया गया है।
कोर्स में शामिल दवाएं:
हब पाइल्स कलां – 60 गोलियां
माजून पाइल्स – 400 ग्राम
हब मुक़व्वे मअदा – 60 गोलियां
मरहम पाइल्स – 30 ग्राम
कब्ज हरण चूर्ण – 100 ग्राम
यह कोर्स खून रोकता है, मस्सों को सुखाता है, दर्द व जलन खत्म करता है, कब्ज व गैस दूर करता है, पेट को मज़बूत बनाता है और दोबारा बवासीर होने से बचाता है।
दवा मंगाने का आसान और सुरक्षित तरीका
पर्सनल मैसेज में अपनी उम्र, वजन और बीमारी की पूरी जानकारी भेजें। दवा की रकम एक दिन पहले जमा करनी होगी, कैश ऑन डिलीवरी पर 250 रुपये अतिरिक्त लगेंगे। दवा पूरे भारत में कूरियर से भेजी जाती है, पैकिंग पूरी तरह गोपनीय होती है और डिब्बे पर किसी शर्मिंदगी वाले नाम का उल्लेख नहीं होता। दवा भेजने के बाद ट्रैकिंग लिंक दिया जाता है, पार्सल 6–7 दिन में पहुंच जाता है। जरूरत पड़ने पर फोन पर मार्गदर्शन भी दिया जाता है और साथ में कुछ आसान एक्सरसाइज भी बताई जाती हैं जिन पर अमल ज़रूरी है।
✨ बवासीर को छुपाइए नहीं, खत्म कीजिए
✨ आज फैसला करें, कल सुकून पाएं
✍️
हकीम सादिक़ स्योहारवी
9412116540

24/04/2026

*ल्यूकोरिया (सफेद पानी) कोर्स*

क्या आप जानते हैं? सफेद पानी (ल्यूकोरिया) सिर्फ एक सामान्य समस्या नहीं है… यह धीरे-धीरे महिला की ताकत, सुंदरता, खुशी और वैवाहिक जीवन सब कुछ छीन सकता है।
शुरुआत में कुछ बूंदें… फिर रोज़ की कमजोरी… फिर कमर दर्द, पैरों में दर्द, चक्कर आना… और एक दिन ऐसा आता है कि महिला खुद को आईने में पहचान नहीं पाती।
चेहरे की चमक खत्म, आंखों के नीचे काले घेरे, दिल बेचैन, शरीर थका हुआ… और पति के सामने शर्मिंदगी अलग!
अक्सर महिलाएं कहती हैं:
“मैंने तो इसे मामूली समझा था… काश समय पर इलाज करवा लिया होता!”
याद रखें! ल्यूकोरिया को नजरअंदाज करना अपनी सेहत के साथ दुश्मनी करने जैसा है।
इसीलिए हम लाए हैं विशेष ल्यूकोरिया कोर्स, जो जड़ से कमजोरी को खत्म करने, शरीर को ताकत देने और जीवन में फिर से आत्मविश्वास लाने के लिए तैयार किया गया है।
आज ही फैसला करें… वरना कल बीमारी फैसला करेगी!
🚚 होम डिलीवरी की सुविधा – पूरे भारत में 🇮🇳
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
आप जहां कहीं भी हों…
📦 हमारे सभी कोर्स और दवाइयां फास्ट कूरियर और रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से पूरे भारत में सुरक्षित भेजी जाती हैं।
💯 कूरियर चार्ज बिल्कुल मुफ्त
आप सिर्फ दवा की कीमत दें, पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी 🤝
━━━━━━━━━━━━━━━━━━
कोर्स की असली कीमत: ₹3300
ऑफर के साथ: 2500
5 आइटम के साथ
✍️ खिदमतगार
हकीम सादिक स
📞 094121 16540

08/04/2026

*💎 पथरी कोर्स — दर्द और डर से राहत का प्राकृतिक समाधान*

क्या आप या आपके घर में कोई पथरी के तेज़ दर्द से तड़प रहा है?
बार-बार पेशाब में जलन, रुक-रुक कर पेशाब या खून आ रहा है?
दर्द की वजह से नींद, काम और चैन सब बर्बाद हो चुका है?

तो रुकिए!
अब परेशान होने की ज़रूरत नहीं है।

आज़माया हुआ और कामयाब इलाज
जो प्राकृतिक तरीके से पथरी को तोड़कर बाहर निकालने में मदद करता है।

📦 कोर्स में शामिल हैं:
1️⃣ संग-ए-गुर्दा
2️⃣ जोशांदा पथरी तोड़
3️⃣ अक्सीर-ए-गुर्दा पाउडर
4️⃣ स्टोन सिरप

⚡ नतीजे जो खुद बोलते हैं:
✔ पहली खुराक से दर्द में साफ़ कमी
✔ 15 दिन में 5 से 6 एमएम तक की पथरी के निकलने में मदद
✔ 20–25 दिन में 8 से 12 एमएम तक की पथरी टूटकर निकलने में आसानी
✔ लगातार दो महीने के इस्तेमाल से 20–25 एमएम तक की पथरी नरम होकर खत्म होने की प्रक्रिया में शामिल

👉 जिन मरीजों को ऑपरेशन की सलाह दी जा चुकी हो,
वे एक बार हमसे ज़रूर संपर्क करें —
बहुत से मरीज ऑपरेशन से बच चुके हैं।

🩺 इन मरीजों के लिए खास फायदेमंद:
✔ गुर्दे की पथरी
✔ मूत्राशय (ब्लैडर) की पथरी
✔ पेशाब की नली में फँसी पथरी
✔ बार-बार पथरी बनने वाले मरीज

💠 शुगर के मरीजों के लिए शुगर-फ्री कोर्स उपलब्ध

⚠️ खास नोट:
🔹 पित्ते (Gall Bladder) की पथरी वाले मरीज अलग से संपर्क करें, प्राकृतिक तरीके से पित्ते की पथरी को खत्म करने और घुलाने में मदद देने वाला प्रभावी कोर्स भी उपलब्ध है।

🤲 आज फैसला करें — कल के दर्द से राहत पाएं
पथरी का दर्द वाकई बहुत तकलीफदेह होता है,
लेकिन सही मार्गदर्शन और प्राकृतिक इलाज से आराम संभव है।

📞 ज़रूरतमंद तुरंत संपर्क करें
प्राकृतिक इलाज, सही सलाह और संतोषजनक नतीजों के साथ।

हकीम सादिक़ स्योहारवी
व्हाट्सएप करें: 9412116540
रिआयती क़ीमत 1800

🚚 पूरे भारत में होम डिलीवरी की सुविधा 🇮🇳
📦 दवाइयाँ फास्ट कोरियर और रजिस्टर्ड डाक से भेजी जाती हैं
💯 कोरियर चार्ज बिल्कुल फ्री
आप सिर्फ दवा की क़ीमत अदा करें,
पहुँचाना हमारी ज़िम्मेदारी।

06/04/2026

🌻❍❨✰ ज़कावते-हिस कोर्स ✭❩❍🌻
विशेष उपचार कोर्स

कोर्स कीमत 3500

✧ इस कोर्स में कुल 06 प्रकार की दवाएँ शामिल होंगी ✧

❗ ज़कावते-हिस क्या है?
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें जननांगों की संवेदनशीलता अत्यधिक बढ़ जाती है।
इस कारण हल्के स्पर्श या रगड़ से भी शरीर से रसायन या तरल (रति-रस) निकलने लगता है।
यह समस्या अधिकतर इन लोगों में पाई जाती है:
बार-बार हस्तमैथुन करने वालों में
बार-बार स्वप्नदोष होने वालों में
जल्दी वीर्यपात (शीघ्रपतन) होने वालों में
मर्दाना कमजोरी वाले रोगियों में
अश्लील सामग्री देखने के आदी लोगों में
जब जननांगों की नसें बहुत संवेदनशील हो जाती हैं तो:
हल्की-सी खरोंच से भी लेसदार पानी निकल जाता है
शक्ति समाप्त हो जाती है
बार-बार उत्तेजना होने लगती है
मूत्र बार-बार आता है
नसें और मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं
सिर में चक्कर, सुस्ती और अकेलेपन की आदत हो जाती है
🔶 सावधानियाँ और आवश्यक उपाय
इस रोग के उपचार में निम्न बातों का पालन करना बहुत आवश्यक है:

❌ क्या नहीं करना चाहिए:
हस्तमैथुन बिल्कुल बंद करें
अश्लील फिल्में, तस्वीरें या वीडियो न देखें
गरम और उत्तेजक चीज़ें जैसे—अंडा, मछली, लाल मांस, बैंगन, शराब, चाय, तंबाकू, गुड़ आदि से परहेज़ करें
कुछ समय तक संभोग न करें

✔️ क्या करना चाहिए:
अधिक फल और हरी सब्ज़ियाँ खाएँ
पेट में कब्ज नहीं होने दें
हल्का और सुपाच्य भोजन लें

⚜️ ज़कावते-हिस के लिए प्रभावी नुस्खा
नुस्खा-ए-शिफ़ा (संपूर्ण आयुर्वेदिक चूर्ण)
बबूल की पत्तियाँ — 10 ग्राम
तिब्बती तबाशीर — 10 ग्राम
छोटी इलायची — 10 ग्राम
अफीम-पोस्ता (कोकनार) — 10 ग्राम
बरगद की जड़ — 10 ग्राम
कमल के बीज — 10 ग्राम
बीज-बंद — 10 ग्राम
सरवाली के बीज — 10 ग्राम
खुरासानी अजवाइन — 10 ग्राम
पोटैशियम ब्रोमाइड — 10 ग्राम
⚜️ तैयारी का तरीका
सभी दवाओं को अच्छी तरह पीसकर एकदम बारीक चूर्ण बना लें।
🪨 खुराक
एक छोटा चम्मच
सुबह और शाम गुनगुने दूध के साथ
7 दिन तक।
🍶 वीर्य-स्खलन (जिरयान) का मूल उपचार (इलाज)
इलाज हमेशा शरीर के मूल सिद्धांत के अनुसार किया जाना चाहिए।
बिना सिद्धांत के उपचार रोग को और बढ़ा देता है।
👉 यह रोग “गरमी” नहीं है,
इसीलिए इसे ठंडी, सुन्न करने वाली या शांत करने वाली दवाएँ देना गलत है।
शरीर के तीन मूल सिद्धांत:
नसें → संवेदनाएँ पैदा करती हैं
मांसपेशियाँ → शरीर की गतिविधियाँ नियंत्रित करती हैं
ग्रंथियाँ → रसायन और तरल बनाती एवं बाहर निकालती हैं
महत्वपूर्ण नियम:
जब नसें अधिक सक्रिय होती हैं → तरल (लेसदार पानी) अधिक निकलता है
जब मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं → तरल का निकलना रुकता है
इसीलिए जिरयान (वीर्य-स्खलन) में नसों की सूजन को दबाने वाली दवाओं से नहीं,
बल्कि सूजन दूर करने वाली दवाओं से ठीक किया जाता है।
💠 एक महत्वपूर्ण बात
ज़कावते-हिस में नसों का दबाव अधिकतर जननांगों की नसों पर पड़ता है,
जिससे रति-रस बार-बार निकलता रहता है।
यह बिल्कुल उसी प्रकार है जैसे:
सिर की नसों पर दबाव → सिरदर्द
नाक की नसों पर दबाव → जुकाम
गुर्दों पर दबाव → बार-बार पेशाब
आँतों पर दबाव → दस्त
उसी तरह जननांगों की नसों पर दबाव → वीर्य-स्खलन (जिरयान)
🔷 नोट
जिरयान के रोगी को ठंडी, नशा देने वाली या शांत करने वाली दवाएँ न दें।
ये दवाएँ बीमारी को अस्थायी रूप से छिपाती हैं,
लेकिन बाद में रोग कई गुना बढ़ जाता है।
📌 महत्वपूर्ण जानकारी
हमने इस पोस्ट में नुस्खा दे दिया है।
जो लोग स्वयं बनाना चाहें, वे बना सकते हैं...

📞 संपर्क
9412116540
✍️ लेखक
Hakeem Sadiq Seoharvi

Address

Sadiq Dawakhana & Hijama Centre Moh Muslim Choudhriyan Behind Lal Masjid
Seohara
246746

Opening Hours

Monday 9am - 1pm
2pm - 5pm
Tuesday 9am - 1pm
2pm - 5pm
Wednesday 9am - 1pm
2pm - 5pm
Thursday 9am - 1pm
2pm - 5pm
Saturday 9am - 1pm
2pm - 5pm
Sunday 9am - 1pm
2pm - 5pm

Telephone

+919412116540

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when जड़ी बूटियों से इलाज posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share