09/04/2026
आज कल कम उम्र के जवान लोगो में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है ।
कुछ दिनों पहले ही ३२ वर्षीय युवक में LAD (मेन नाड़ी ) का अटैक होने पर stent लगाया गया । सब कुछ ठीक रहा।
परंतु जवान लोगों में इस प्रकार से केस बढ़ने से काफ़ी बार अच्छी feelings नहीं आती।
परंतु मेडिसिन में एक लाइन है “बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है।“
और ये लगता है लोग इसे समझ नहीं पा रहे है।
ये जो खर्चा आप अपने व्यसनों और शरीर को अन्हेल्थी रखने में करते है, उसका पचास प्रतिशत भी इसे सुधारने में लगाये तो खेल बदल जाएगा ।
असली खेल है आपकी छोटी छोटी आदतें, जिनके कारण आपको हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। इन आदतों में सुधार करके ही आप इस रिस्क को कम कर सकते है । आदत की गिरफ्त से निकलना आसान नहीं होता पर यही एकमात्र जरिया है।
फंडे आसान है परंतु आप अपनी आदतों के मारे नए बहाने ढूंढते रहते है ।
उदाहरण के लिए - एक जवान मोटा डायबिटीज से ग्रसित व्यक्ति opd में आकर पूछता है “साहब मेरे डायबिटीज है। क्या मैं हार्ट अटैक से बचने के लिए २ पेग लगा सकता हूँ? मैंने सुना है कि इससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।”
ऐसा लग रहा है कि आदमी सब कुछ खा (चर) सके (चाहे अन्हेल्थी ही क्यो ना हो), इसके लिए गोली भी ले लेगा। पर वो खाना नहीं छोड़ेगा