Navkar Ayurveda

Navkar Ayurveda �Navkar Aushdhalaya, Bara Dhana Singoli Distt. Neemuch (M.P.)

24/08/2026

सुंदर त्वचा और मजबूत बालों का राज, केवल बाहर नहीं भीतर भी है
- नवकार आयुर्वेदा

महिलाएं स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी समस्याओं को लेकर तो जागरूक रहती हैं, लेकिन त्वचा और बालों की सेहत की बात आते ही अक्सर शैंपू, क्रीम, सीरम और अन्य बाहरी उत्पादों को प्राथमिकता देने लगती हैं।

बाहरी देखभाल जरूरी है, लेकिन त्वचा और बालों की वास्तविक मजबूती के लिए शरीर को भीतर से मिलने वाला पोषण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

त्वचा और बालों के लिए जरूरी है संतुलित पोषण

प्रोटीन
बालों और त्वचा की संरचना के लिए महत्वपूर्ण है। दालें, पनीर, दूध, दही, अंकुरित अनाज आदि अच्छे स्रोत हैं।
हरी सब्जियां और मौसमी फल
विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं।
मेवे और बीज
स्वस्थ वसा, प्रोटीन और विभिन्न सूक्ष्म पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं।
पर्याप्त पानी
शरीर में जल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जिसका प्रभाव त्वचा पर भी दिखाई देता है।
पर्याप्त नींद और तनाव पर नियंत्रण
बालों और त्वचा की सेहत के लिए आहार जितना ही महत्वपूर्ण है।

केवल बाहरी उपायों पर निर्भर न रहें
यदि बाल लगातार झड़ रहे हों, बहुत रूखे हो रहे हों, त्वचा अत्यधिक शुष्क हो, बार-बार मुंहासे हों या त्वचा में अचानक बदलाव दिखाई दे, तो केवल कॉस्मेटिक उत्पाद बदलने के बजाय आहार, जीवनशैली और शरीर की आंतरिक स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।

याद रखें, क्रीम त्वचा को बाहर से संवार सकती है, लेकिन शरीर को सही पोषण ही त्वचा और बालों को भीतर से मजबूत बनाने में मदद करता है।

सौंदर्य को केवल आईने में नहीं, अपनी थाली में भी तलाशिए।

- नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

क्या आप बाल झड़ना और रूसी से परेशान हैं?बार-बार शैंपू और तेल बदलने से नहीं, बल्कि सही कारण समझकर उपचार करने से बालों की ...
21/08/2026

क्या आप बाल झड़ना और रूसी से परेशान हैं?

बार-बार शैंपू और तेल बदलने से नहीं, बल्कि सही कारण समझकर उपचार करने से बालों की समस्या में सुधार आता है।
अगर आपके बाल तेजी से झड़ रहे हैं, रूसी बार-बार हो रही है या बाल पतले हो रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें।
आयुर्वेद में जड़ों को पोषण देकर और शरीर के अंदरूनी कारणों को संतुलित करके बालों की समस्या में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

सही सलाह और आयुर्वेदिक उपचार के लिए संपर्क करें —
नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞8358078639

19/08/2026

बचपन का बढ़ता वजन, भविष्य के स्वास्थ्य के लिए चेतावनी
- नवकार आयुर्वेदा

इन दिनों बच्चों और किशोरों में अधिक वजन और मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कभी-कभी इसे केवल बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य या अच्छी खुराक की निशानी समझ लिया जाता है, लेकिन हर बढ़ता वजन स्वस्थ होने का संकेत नहीं होता।

लंबे समय तक अधिक वजन रहने से आगे चलकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्याओं और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव जैसी परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है। साथ ही बच्चे के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।

इसके पीछे क्या कारण हैं?
- फास्ट फूड और जंक फूड का अधिक सेवन
- मीठे पेय और पैकेट वाले खाद्य पदार्थ
- मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम में अधिक समय
- खेलकूद और शारीरिक गतिविधि की कमी
- अनियमित नींद
- अधिक चीनी और अत्यधिक कैलोरी वाला भोजन

बचपन से अपनाएं स्वस्थ आदतें
- घर का ताजा और संतुलित भोजन दें।
- दाल, अनाज, सब्जियां, फल और पर्याप्त प्रोटीन को आहार का हिस्सा बनाएं।
- मीठे पेय और पैकेट वाले स्नैक्स सीमित करें।
- बच्चों को रोज कुछ समय खेलकूद और शारीरिक गतिविधि के लिए प्रोत्साहित करें।
- स्क्रीन टाइम और नींद की दिनचर्या पर ध्यान दें।
- बच्चे को वजन को लेकर शर्मिंदा करने के बजाय स्वस्थ आदतों के लिए प्रोत्साहित करें।

बच्चे का वजन कम करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे स्वस्थ, सक्रिय और आत्मविश्वासी बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

बचपन में बनी स्वस्थ आदतें ही स्वस्थ भविष्य की नींव रखती हैं।

- बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

18/08/2026
12/08/2026

हरियाली अमावस्या: प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व

हरियाली अमावस्या केवल अमावस्या तिथि नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता और जिम्मेदारी को याद करने का अवसर है।

वर्षा ऋतु में जब धरती हरियाली की चादर ओढ़ती है, तब वृक्ष हमें याद दिलाते हैं कि हमारा जीवन प्रकृति से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। वृक्ष हमें प्राणवायु, छाया, फल, औषधियां और असंख्य जीवों को आश्रय देते हैं।

हमारी संस्कृति ने सदियों से प्रकृति को सम्मान दिया है। इसलिए हरियाली अमावस्या पर वृक्ष लगाना और उनकी देखभाल करना केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि हमारी परंपरा और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी भी है।

आज एक छोटा संकल्प लें:
एक पौधा लगाएं, उसकी जिम्मेदारी लें और उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखें।

क्योंकि पौधा लगाना शुरुआत है, उसकी देखभाल करना सच्ची सेवा है।

हरियाली अमावस्या की हार्दिक शुभकामनाएं!
आइए, धरती को और हरा-भरा बनाने में अपना योगदान दें!!

- डॉ. सुनील रणावत

04/08/2026

🌹 विश्व स्तनपान सप्ताह 🌹

कोलोस्ट्रम: अमृत की पहली बूंद
- डॉ. सुनील रणावत

कई जगह आज भी पीले गाढ़े दूध को निकालकर फेंक दिया जाता है। यह एक बड़ी भूल है।

यही कोलोस्ट्रम शिशु का पहला सुरक्षा कवच है।
यह
✔ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
✔ संक्रमण से बचाता है।
✔ आंतों को मजबूत बनाता है।
✔ स्वस्थ विकास की शुरुआत करता है।

इस अमूल्य दूध की एक भी बूंद व्यर्थ न जाने दें।

- नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

विश्व हेपेटाइटिस दिवस स्वस्थ यकृत (लिवर), स्वस्थ जीवन।हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली सूजन है, जो मुख्यतः वायरस, अस्वच्छ ज...
28/07/2026

विश्व हेपेटाइटिस दिवस

स्वस्थ यकृत (लिवर), स्वस्थ जीवन।

हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली सूजन है, जो मुख्यतः वायरस, अस्वच्छ जीवनशैली, शराब के अत्यधिक सेवन या कुछ अन्य कारणों से हो सकती है। समय पर पहचान और उपचार न मिलने पर यह सिरोसिस, लिवर फेल्योर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
• लगातार थकान और कमजोरी
• भूख कम लगना
• मतली या उल्टी
• त्वचा और आँखों का पीला पड़ना (पीलिया)
• गहरे रंग का मूत्र
• पेट के दाहिने ऊपरी भाग में दर्द

बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है:
- हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण करवाएं।
- स्वच्छ भोजन और शुद्ध पानी का सेवन करें।
- इंजेक्शन और ब्लेड हमेशा नए एवं सुरक्षित उपयोग करें।
- अनावश्यक दवाइयों और शराब के सेवन से बचें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।

आयुर्वेद की दृष्टि से
संतुलित आहार, उचित दिनचर्या, पाचन शक्ति का संरक्षण तथा चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार आयुर्वेदिक उपचार लिवर के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। किसी भी प्रकार की लिवर संबंधी समस्या में स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

“अपने लिवर का ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ लिवर ही स्वस्थ शरीर की मजबूत नींव है।”

- नवकार आयुर्वेदा
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

विज्ञान ने दी नई उम्मीदसाल 1978 में आज ही के दिन ब्रिटेन में लुईस जाय ब्राउन का जन्म हुआ। वे दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब ...
25/07/2026

विज्ञान ने दी नई उम्मीद

साल 1978 में आज ही के दिन ब्रिटेन में लुईस जाय ब्राउन का जन्म हुआ। वे दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी थीं, जिनका जन्म इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) तकनीक से संभव हुआ।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि वैज्ञानिक राबर्ट एडवर्ड्स और चिकित्सक पैट्रिक स्टेप्टो के वर्षों के शोध और अथक प्रयासों का परिणाम थी।

इस खोज ने उन लाखों दंपतियों के जीवन में नई आशा का संचार किया, जो प्राकृतिक रूप से संतान प्राप्ति में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। आज आईवीएफ तकनीक की सहायता से दुनिया भर में लाखों परिवार मातृत्व और पितृत्व का सुख प्राप्त कर चुके हैं।

विज्ञान का सबसे सुंदर उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि मानव जीवन में आशा, मुस्कान और नई शुरुआत का अवसर देना है।

— डॉ. सुनील रणावत
बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

22/07/2026

बारिश में खानपान की एक गलती पड़ सकती है भारी!
- नवकार आयुर्वेदा

वर्षा ऋतु में वातावरण में नमी बढ़ने के साथ-साथ पाचन शक्ति भी कमजोर होने लगती है। ऐसे समय में खानपान में थोड़ी-सी लापरवाही भी अपच, गैस, उल्टी-दस्त, बुखार और पेट के संक्रमण जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में हल्का, ताजा, गर्म और सुपाच्य भोजन ही सबसे अच्छा माना जाता है।

क्या खाएं?
- घर का बना ताजा और सादा भोजन करें।
- भोजन में अदरक, हल्दी, काली मिर्च, लहसुन जैसे मसालों का संतुलित उपयोग करें।
- मशरूम का सेवन केवल ताजा और स्वच्छ होने पर ही करें तथा अच्छी तरह पकाकर खाएं।
- हरी सब्जियां अच्छी तरह धोकर और पकाकर खाएं।
- मौसमी फलों को धोकर ताजा ही खाएं।
- दालें, मूंग, चना, पनीर या अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ आहार में अवश्य शामिल करें।

इन से बचें
- जंक फूड और फास्ट फूड
- अत्यधिक तला-भुना और वसायुक्त भोजन
- खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ
- बासी भोजन और कटे हुए फल
- दूषित या बिना उबाला पानी

बारिश के मौसम में यदि संभव हो तो उबला हुआ या स्वच्छ फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। इससे जलजनित संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

याद रखें, वर्षा ऋतु में दवा से अधिक जरूरी है सही आहार। आपकी थाली जितनी संतुलित होगी, आपका स्वास्थ्य उतना ही सुरक्षित रहेगा।

बरसात का आनंद लीजिए, लेकिन खानपान में संयम और स्वच्छता कभी मत छोड़िए।

- बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

14/07/2026

घी: भोजन का स्वाद ही नहीं, आयुर्वेद की अमूल्य औषधि भी
- नवकार आयुर्वेदा

भारतीय रसोई में घी का उपयोग सदियों से होता आ रहा है। आयुर्वेद में घी को केवल भोजन का हिस्सा नहीं, बल्कि श्रेष्ठ रसायन और बहुउपयोगी औषधि माना गया है। उचित मात्रा में सेवन किया गया शुद्ध घी शरीर को पोषण देने के साथ अनेक स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान कर सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार घी के प्रमुख लाभ
✅ पाचन शक्ति को सहयोग
उचित मात्रा में घी अग्नि को संतुलित रखने और पाचन में सहायता कर सकता है।
✅ मस्तिष्क के लिए लाभकारी
घी को स्मरण शक्ति, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना गया है।
✅ जोड़ों को चिकनाई
घी शरीर के स्निग्ध गुणों को बनाए रखने में सहायक होता है, जिससे वात संबंधी समस्याओं में लाभ मिल सकता है।
✅ रोग प्रतिरोधक क्षमता
संतुलित मात्रा में घी शरीर को पोषण देकर प्रतिरक्षा क्षमता को सहयोग देता है।

✅ त्वचा और बालों के लिए उपयोगी
घी त्वचा की नमी बनाए रखने और बालों को पोषण देने में सहायक माना जाता है।

घी कब नुकसान कर सकता है?
घी गुणकारी है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन किसी भी व्यक्ति के लिए उचित नहीं है। जिन लोगों को मोटापा, अनियंत्रित कोलेस्ट्रॉल या अन्य विशेष स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।

आयुर्वेद किसी भी खाद्य पदार्थ को पूर्णतः अच्छा या बुरा नहीं मानता। सही मात्रा, सही समय और व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार लिया गया घी ही अमृत के समान लाभ देता है।

याद रखें, शुद्ध देशी घी स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर का भी पोषण करता है। लेकिन हर औषधि की तरह इसका सेवन भी संयम और संतुलन के साथ ही करना चाहिए।

घी को आदत नहीं, स्वास्थ्यवर्धक परंपरा बनाइए।

- बारह ढाणा, सिंगोली
📞 8358078639

Address

Navkar Aushdhalaya, Bara Dhana
Singoli
458228

Telephone

+918358078639

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Navkar Ayurveda posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Navkar Ayurveda:

Shortcuts

Share