20/08/2026
चिकना या तैलीय मल कभी-कभी ज्यादा वसा वाला खाना खाने के बाद दिखाई दे सकता है, लेकिन अगर मल बार-बार तैलीय, चिपचिपा, बदबूदार या पानी पर तैरता हुआ दिखाई दे, तो इसके पीछे पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। ऐसी स्थिति को लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
1. भोजन में बहुत ज्यादा वसा
बहुत ज्यादा तेल, घी या वसा वाला भोजन खाने के बाद कुछ लोगों का मल कुछ समय के लिए ज्यादा चिकना दिखाई दे सकता है। अगर यह कभी-कभार ही हो और बाकी कोई लक्षण न हों, तो जरूरी नहीं कि यह बीमारी का संकेत हो।
2. आंतों में वसा का ठीक से अवशोषण न होना
छोटी आंत भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करती है। अगर वसा का अवशोषण ठीक से न हो, तो अतिरिक्त वसा मल के साथ बाहर निकल सकती है। इससे मल चिकना, तैलीय या तैरता हुआ दिखाई दे सकता है।
3. पित्त के प्रवाह में समस्या
लिवर द्वारा बनाया गया पित्त और पित्ताशय से निकलने वाला पित्त वसा के पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पित्त के प्रवाह में रुकावट या समस्या होने पर वसा का पाचन प्रभावित हो सकता है।
4. अग्न्याशय के पाचन एंजाइमों की कमी
अग्न्याशय ऐसे एंजाइम बनाता है जो भोजन, खासकर वसा, के पाचन में मदद करते हैं। इन एंजाइमों की कमी होने पर मल में बिना पची वसा की मात्रा बढ़ सकती है और मल तैलीय दिखाई दे सकता है।
5. सीलिएक जैसी आंतों की समस्या
कुछ आंतों की बीमारियों में पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। इसके साथ लंबे समय तक दस्त, पेट फूलना, कमजोरी या वजन कम होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
6. कुछ दवाएं या पाचन संबंधी स्थितियां
कुछ दवाएं और पाचन तंत्र से जुड़ी स्थितियां मल के रंग, बनावट या वसा की मात्रा को प्रभावित कर सकती हैं। अगर किसी नई दवा के बाद समस्या शुरू हुई है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें और दवा खुद से बंद न करें।
अगर चिकना मल बार-बार हो रहा है, साथ में वजन कम हो रहा है, लगातार दस्त हैं, पेट दर्द रहता है, कमजोरी है या मल बहुत फीका/मिट्टी जैसा दिखाई देता है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
याद रखें, केवल मल देखकर किसी बीमारी का निश्चित निदान नहीं किया जा सकता। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर मल की जांच, रक्त जांच या अन्य परीक्षणों की सलाह दे सकते हैं।
कभी-कभार तैलीय खाना खाने के बाद मल में बदलाव होना अलग बात है, लेकिन लगातार चिकना या तैलीय मल शरीर में वसा के पाचन या अवशोषण से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। लगातार समस्या होने पर योग्य गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से जांच और उचित सलाह जरूर लें।