OM YOG

OM YOG yog & ayurvedic

आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के लिए संपर्क करें एवं योग क्लास के लिए भी संपर्क कर सकते हैं ऑनलाइन क्लास एवं ऑफलाइन क्लास दोनों अव...
24/08/2026

आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के लिए संपर्क करें एवं योग क्लास के लिए भी संपर्क कर सकते हैं ऑनलाइन क्लास एवं ऑफलाइन क्लास दोनों अवेलेबल
097551 63454

आयुर्वेदिक कंपनी का ऑफिस संपर्क नंबर 097551 63454
23/08/2026

आयुर्वेदिक कंपनी का ऑफिस
संपर्क नंबर 097551 63454

पुराने दौर में जूतों में तांबा लगवाते थे हमारे पूर्वज! 1800 के दशक में जूते सिर्फ पैरों की सुरक्षा के लिए नहीं होते थे, ...
23/08/2026

पुराने दौर में जूतों में तांबा लगवाते थे हमारे पूर्वज!

1800 के दशक में जूते सिर्फ पैरों की सुरक्षा के लिए नहीं होते थे, बल्कि माना जाता है कि वे इंसान को धरती से प्राकृतिक रूप से जोड़ने का एक माध्यम भी थे। उस समय कुछ लोग चमड़े के ऐसे जूते पहनते थे, जिनके तलवों में ठोस तांबा लगाया जाता था।

ऐसा माना जाता था कि तांबा बिजली का बहुत अच्छा सुचालक है। इसलिए तांबे के तलवों वाले जूतों से बाहर जमीन पर चलने से शरीर और धरती के बीच प्राकृतिक विद्युत संपर्क बना रहता था।

पुराने समय के लोगों का विश्वास था कि धरती से यह जुड़ाव शरीर की ऊर्जा को संतुलित रखने, सूजन कम करने, शरीर को स्वस्थ रखने और प्राकृतिक रूप से बेहतर महसूस करने में मदद करता है।

आज हमारे ज्यादातर जूतों के तलवे रबर और प्लास्टिक के बने होते हैं, जो बिजली के खराब सुचालक हैं। इसलिए कहा जाता है कि हमारा धरती के साथ सीधा संपर्क कम हो गया है।

शायद प्रकृति के साथ जुड़ने की कुछ पुरानी बातें आज भी हमें बहुत कुछ सिखा सकती हैं। कुछ अध्ययन तो ये भी दावा करते हैं कि तांबे के जूतों से धरती की ऊर्जा शरीर में जाकर फ्री रेडिकल्स खत्म करने या सूजन को काफी कम कर देती हैं, हालांकि इस पर रिसर्च की जरूरत है।

23/08/2026

आयुर्वेद प्रोडक्ट के लिए संपर्क करें
9755163454

आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के लिए संपर्क करें एवं योग क्लास के लिए भी संपर्क कर सकते हैं ऑनलाइन क्लास एवं ऑफलाइन क्लास दोनों अव...
22/08/2026

आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के लिए संपर्क करें एवं योग क्लास के लिए भी संपर्क कर सकते हैं ऑनलाइन क्लास एवं ऑफलाइन क्लास दोनों अवेलेबल
097551 63454

चिकना या तैलीय मल कभी-कभी ज्यादा वसा वाला खाना खाने के बाद दिखाई दे सकता है, लेकिन अगर मल बार-बार तैलीय, चिपचिपा, बदबूदा...
20/08/2026

चिकना या तैलीय मल कभी-कभी ज्यादा वसा वाला खाना खाने के बाद दिखाई दे सकता है, लेकिन अगर मल बार-बार तैलीय, चिपचिपा, बदबूदार या पानी पर तैरता हुआ दिखाई दे, तो इसके पीछे पाचन तंत्र से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। ऐसी स्थिति को लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. भोजन में बहुत ज्यादा वसा
बहुत ज्यादा तेल, घी या वसा वाला भोजन खाने के बाद कुछ लोगों का मल कुछ समय के लिए ज्यादा चिकना दिखाई दे सकता है। अगर यह कभी-कभार ही हो और बाकी कोई लक्षण न हों, तो जरूरी नहीं कि यह बीमारी का संकेत हो।

2. आंतों में वसा का ठीक से अवशोषण न होना
छोटी आंत भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करती है। अगर वसा का अवशोषण ठीक से न हो, तो अतिरिक्त वसा मल के साथ बाहर निकल सकती है। इससे मल चिकना, तैलीय या तैरता हुआ दिखाई दे सकता है।

3. पित्त के प्रवाह में समस्या
लिवर द्वारा बनाया गया पित्त और पित्ताशय से निकलने वाला पित्त वसा के पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पित्त के प्रवाह में रुकावट या समस्या होने पर वसा का पाचन प्रभावित हो सकता है।

4. अग्न्याशय के पाचन एंजाइमों की कमी
अग्न्याशय ऐसे एंजाइम बनाता है जो भोजन, खासकर वसा, के पाचन में मदद करते हैं। इन एंजाइमों की कमी होने पर मल में बिना पची वसा की मात्रा बढ़ सकती है और मल तैलीय दिखाई दे सकता है।

5. सीलिएक जैसी आंतों की समस्या
कुछ आंतों की बीमारियों में पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। इसके साथ लंबे समय तक दस्त, पेट फूलना, कमजोरी या वजन कम होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

6. कुछ दवाएं या पाचन संबंधी स्थितियां
कुछ दवाएं और पाचन तंत्र से जुड़ी स्थितियां मल के रंग, बनावट या वसा की मात्रा को प्रभावित कर सकती हैं। अगर किसी नई दवा के बाद समस्या शुरू हुई है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें और दवा खुद से बंद न करें।

अगर चिकना मल बार-बार हो रहा है, साथ में वजन कम हो रहा है, लगातार दस्त हैं, पेट दर्द रहता है, कमजोरी है या मल बहुत फीका/मिट्टी जैसा दिखाई देता है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

याद रखें, केवल मल देखकर किसी बीमारी का निश्चित निदान नहीं किया जा सकता। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर मल की जांच, रक्त जांच या अन्य परीक्षणों की सलाह दे सकते हैं।

कभी-कभार तैलीय खाना खाने के बाद मल में बदलाव होना अलग बात है, लेकिन लगातार चिकना या तैलीय मल शरीर में वसा के पाचन या अवशोषण से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। लगातार समस्या होने पर योग्य गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से जांच और उचित सलाह जरूर लें।

पेट निकलना आजकल बहुत आम समस्या है, लेकिन इसके पीछे केवल ज्यादा खाना ही कारण नहीं होता। पेट के आसपास चर्बी बढ़ने पर शरीर ...
20/08/2026

पेट निकलना आजकल बहुत आम समस्या है, लेकिन इसके पीछे केवल ज्यादा खाना ही कारण नहीं होता। पेट के आसपास चर्बी बढ़ने पर शरीर का आकार बदल सकता है और लंबे समय तक बढ़ता हुआ पेट स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है। इसलिए अगर कम समय में पेट की चर्बी लगातार बढ़ रही है, तो अपनी दिनचर्या और खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है।

पेट निकलने का एक बड़ा कारण जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना हो सकता है। जब शरीर को जितनी ऊर्जा की जरूरत होती है, उससे ज्यादा कैलोरी लगातार भोजन से मिलती है और शरीर उस अतिरिक्त ऊर्जा को वसा के रूप में जमा कर सकता है। ज्यादा तला-भुना भोजन, मीठे खाद्य पदार्थ और अधिक कैलोरी वाले पेय इस समस्या में योगदान दे सकते हैं।

शारीरिक गतिविधि की कमी भी पेट की चर्बी बढ़ने से जुड़ी हो सकती है। अगर दिन का अधिकांश समय बैठकर गुजरता है और नियमित व्यायाम या चलना-फिरना बहुत कम है, तो शरीर द्वारा खर्च होने वाली ऊर्जा कम हो सकती है। इसलिए रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार चलना-फिरना और शारीरिक गतिविधि बनाए रखना उपयोगी है।

बहुत ज्यादा मीठा खाने या मीठे पेय लेने से भी कुल कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है। इसलिए मिठाई, मीठे पेय और अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना बेहतर है।

तनाव और नींद की कमी भी वजन और खाने की आदतों को प्रभावित कर सकते हैं। लगातार तनाव में कुछ लोगों को ज्यादा खाने की इच्छा हो सकती है, जबकि कम नींद दिनचर्या और भूख को प्रभावित कर सकती है। इसलिए पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित करना स्वस्थ वजन बनाए रखने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

लंबे समय तक लगातार बैठे रहना भी सक्रिय जीवनशैली के लिए अच्छा नहीं है। बीच-बीच में उठकर चलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और रोजाना कुछ समय शारीरिक गतिविधि के लिए निकालना मददगार हो सकता है।

कुछ लोगों में उम्र, हार्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण या अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी वजन बढ़ने में भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए अगर खान-पान और गतिविधि में बदलाव के बावजूद वजन तेजी से बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

पेट की चर्बी कम करने के लिए किसी एक जादुई भोजन या तुरंत असर करने वाले उपाय पर निर्भर न रहें। संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर, नियमित शारीरिक गतिविधि, अच्छी नींद और लगातार स्वस्थ आदतें ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

याद रखें, पेट निकलना केवल दिखने से जुड़ी समस्या नहीं है। स्वस्थ वजन और कमर की उचित माप बनाए रखना लंबे समय के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या तेजी से बढ़ते वजन के लिए योग्य डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें।

Address

Sultanpur
464986

Telephone

+919755163454

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when OM YOG posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share