24/08/2026
शिव को जल चढ़ाना केवल एक पूजा नहीं…
यह अपने भीतर के अहंकार, क्रोध और भार को छोड़ने का एक भाव है। 🕉️
जब मन सच्चे समर्पण से झुकता है,
तभी भीतर शिव का अनुभव होता है। 🙏✨
हर जलधारा के साथ कुछ भीतर का भी अर्पित करें।
ॐ नमः शिवाय 🕉️