02/09/2026
रीढ़ की मजबूती: रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है और पीठ दर्द कम होता है।पाचन में सुधार: पेट के अंगों पर दबाव पड़ने से कब्ज और अपच दूर होती है।श्वसन तंत्र: छाती फैलती है जिससे फेफड़े मजबूत होते हैं और दमा के लक्षणों में राहत मिलती है।वजन नियंत्रण: पेट की अतिरिक्त चर्बी घटाने में मदद मिलती है।मानसिक स्वास्थ्य: तनाव और चिंता कम होती है तथा शरीर में स्फूर्ति आती है।