26/05/2026
यह बात काफी हद तक सच है कि हमारे पेट में मौजूद 'gut bacteria' (आंतों के बैक्टीरिया या माइक्रोबायोम) हमारी सेहत और जीवनशैली पर गहरा असर डालते हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि ये बैक्टीरिया न सिर्फ हमारा पाचन तंत्र चलाते हैं, बल्कि हमारे जीवन की गुणवत्ता और उम्र (life cycle) तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यहाँ इसके मुख्य कारण दिए गए हैं
प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System): हमारे शरीर के लगभग 70% इम्यून सेल्स आंतों में ही होते हैं। अच्छे बैक्टीरिया इन सेल्स को सही तरीके से काम करना सिखाते हैं, जिससे हम बीमारियों से बचे रहते हैं।
दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य (Gut-Brain Axis): गट बैक्टीरिया ऐसे कई न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन) बनाते हैं, जो हमारे मूड और खुशी को नियंत्रित करते हैं। कहा जाता है कि 90% सेरोटोनिन पेट में ही बनता है।
मोटापा और बीमारियाँ: असंतुलित बैक्टीरिया (dysbiosis) के कारण मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, और दिल की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। अच्छे बैक्टीरिया वजन को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
लंबी उम्र (Longevity): शोध बताते हैं कि जिन लोगों का गट माइक्रोबायोम विविध (diverse) और स्वस्थ होता है, वे बुढ़ापे में भी ज्यादा ऊर्जावान और स्वस्थ रहते हैं, जो एक लंबी और बेहतर जीवनशैली की कुंजी हैl