01/11/2023
डेंगू से पीड़ित बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या खाएं जिससे प्लेटलेट्स बढ़ जाएं। कीवी खा लें क्या? बकरी का दूध पी सकते हैं? नारियल पानी से फायदा है? पपीते के पत्ते या हर्बल टेबलेट्स से प्लेटलेट्स बढ़ जाएंगे? या फिर इन फलों व खाद्यों से डेंगू ठीक हो जाएगा?
आप लोगों के मन में भी सवाल हो सकते हैं।
इसमें सबसे पहले समझने वाली बात ये है कि डेंगू एक वायरल इन्फेक्शन है जो अपना समय पूरा करके खत्म होता है जोकि 4 से 7 दिन तक का होता है। अभी तक कोई भी ऐसी दवा नहीं है जो डेंगू को ठीक कर सके। डेंगू का इलाज करते वक्त हम सिर्फ लक्षणों का इलाज करते हैं ताकि जब तक डेंगू का संक्रमण खत्म न हो तब तक शरीर की स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सके। क्योंकि एक बार स्थिति गंभीर हो गई तो उसे सम्भालना अत्यंत मुश्किल हो जाता है। तो जाहिर है कोई भी दवा या खाद्य हम डेंगू को "ठीक" करने के लिए नहीं देते बल्कि डेंगू के लक्षणों को नियंत्रित रखने के लिए देते हैं।
दूसरी बात प्लेटलेट्स की। डेंगू में प्लेटलेट्स की कमी डेंगू वायरस के संक्रमण की वजह से हो रही है। जब 4 से 7 दिन में यह संक्रमण खत्म हो जाता है, जैसा कि हम बता चुके हैं, तो प्लेटलेट्स खुद ब खुद तेजी से बढ़ने लगे जाते हैं। और जब तक ये खुद न बढ़ें, तब तक कोई भी ऐसी दवा नहीं है जो इनको बढा सके। कोई भी दवा या खाद्य ऐसा नहीं है। कोई शोध या स्टडी इसकी पुष्टि नहीं करती कि फलां खाद्य या दवा डेंगू की वजह से होने वाली प्लेटलेट्स की कमी को पूरा कर सकता है। ऐसे में मैं किसी को भी डेंगू जनित प्लेटलेट्स की कमी को दूर करने के लिए कोई खास खाद्य पदार्थ या दवा लेने की सलाह नहीं देता।
तीसरी बात है कि क्या खाना पीना है? डेंगू में सबसे बड़ी समस्या ब्लड प्रेशर कम होने की होती है जो प्लेटलेट्स के कम होने के साथ गंभीर रूप धारण कर सकती है। इसका इलाज होता है शरीर को ज्यादा से ज्यादा पानी की आपूर्ति करना। ऐसे में मैं मरीज को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ ग्रहण करने की सलाह देता हूँ। पानी, लस्सी, जूस, दूध, नारियल पानी। इसमें से सबसे सस्ता और आसानी से उपलब्ध तरल पदार्थ है पानी। नारियल पानी या जूस या कीवी जैसे फल या फिर बकरी का दूध डेंगू के सीजन में बेइंतहा महंगे हो जाते हैं जिनको ग्रहण करने से कोई अतिरिक्त लाभ नहीं होता। इनकी बजाय मैं मरीज को पानी में ओआरएस का घोल बना कर पीने की सलाह देता हूँ। ओआरएस के पैकेट हर मेडिकल स्टोर और सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध होते हैं। मेडिकल स्टोर से भी ये काफी सस्ते मिल जाते हैं और एक लीटर पानी में एक पैकेट घोल कर पीया जा सकता है।
अगर खूब तरल पदार्थ ग्रहण करने के बावजूद भी बीपी नहीं बढ़ रहा तो नस के द्वारा तरल चढ़ाए जाते हैं।
खाने में मैं घर का बना हल्का खाना लेने की सलाह देता हूँ। जैसे खिचड़ी, दलिया, दही या लस्सी के साथ।
अगर प्लेटलेट्स एक लाख से कम हैं तो बीपी कम होने और ब्लीडिंग होने की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में मरीज को अस्पताल में भर्ती हो जाना बेहतर होता है। इसके अलावा उल्टियां होने की स्थिति में या फिर चक्कर आने की स्थिति में, या पेट में दर्द होने की स्थिति में, उल्टी या मल में खून आने की स्थिति में तुरन्त अस्पताल में भर्ती हो जाना चाहिए। हालांकि अस्पताल में भी खाना पीना वही रहेगा जिसकी सलाह घर पर दी जाती है। बाकी मरीज की स्थिति पर निर्भर करेगा कि डॉक्टर क्या सलाह देता है।
कापी