दवा विक्रेता समिति वाराणसी

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दवा विक्रेता समिति वाराणसी Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from दवा विक्रेता समिति वाराणसी, Medical and health, DAWA VIKRETA SAMITI, Varanasi.

दवा विक्रेता समिति वाराणसी - जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों का आधिकारिक संगठन। एकता, सहयोग और जनसेवा हमारा लक्ष्य। व्यापार से जुड़ी समस्या, सरकारी सूचना और आपसी सहयोग के लिए जुड़ें। संपर्क: [9336656716]

🚨💊 दवा कारोबारियों के लिए बड़ी राहत! उत्तर प्रदेश के लाखों रिटेल मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए आई राहत भरी खबर! 💊🚨क्या अब...
10/10/2026

🚨💊 दवा कारोबारियों के लिए बड़ी राहत! उत्तर प्रदेश के लाखों रिटेल मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए आई राहत भरी खबर! 💊🚨

क्या अब हर मेडिकल स्टोर को वेबसाइट बनानी होगी? क्या हर सप्ताह दवाओं का स्टॉक ऑनलाइन अपडेट करना होगा? 🤔

5 अक्टूबर को FSDA आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के निर्देशों के बाद प्रदेश के दवा कारोबारियों के बीच इन सवालों को लेकर काफी चिंता थी। वेबसाइट, QR कोड, फार्मासिस्ट की जानकारी, दवाओं के स्टॉक और कीमतों को सार्वजनिक करने जैसी शर्तों को लेकर केमिस्टों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

लेकिन अब FSDA आयुक्त कार्यालय की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद रिटेल केमिस्टों को बड़ी राहत मिलने की खबर सामने आई है। 🎉

📌 आखिर क्या है राहत की बात?

✅ 1. सामान्य रिटेल मेडिकल स्टोर को राहत
सामान्य रिटेल मेडिकल स्टोर के लिए पब्लिक वेबसाइट बनाना अनिवार्य नहीं बताया गया है।

✅ 2. हर सप्ताह ऑनलाइन स्टॉक अपडेट करने से राहत
रिटेल मेडिकल स्टोर पर साप्ताहिक स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन अपडेट करने की बाध्यता लागू नहीं होगी।

✅ 3. हॉस्पिटल परिसर की फार्मेसियों के लिए अलग व्यवस्था
वेबसाइट, QR कोड और PTR-PTC जैसी जानकारी सार्वजनिक करने संबंधी निर्देश निर्धारित अस्पताल फार्मेसियों पर लागू होंगे।

✅ 4. दवाओं की मूल्य सूची का नियम जारी
DPCO 2013 के तहत दुकान पर मूल्य सूची प्रदर्शित करने का मौजूदा नियम पहले की तरह लागू रहेगा।

📢 यह राहत क्यों महत्वपूर्ण है?

प्रदेश के लाखों दवा विक्रेता मरीजों को समय पर दवाएँ उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोजगार और स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नियमों की स्पष्टता से कारोबारियों का असमंजस दूर होगा और वे अपना व्यवसाय सुचारु रूप से चला सकेंगे।

🤝 दवा कारोबारियों की एकजुटता, संवाद और संगठनात्मक प्रयासों का महत्व एक बार फिर सामने आया है।

हमारा स्पष्ट मत है कि नियमों का पालन अवश्य होना चाहिए, लेकिन नियमों की व्याख्या स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि वैध रूप से कारोबार कर रहे दवा विक्रेताओं पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

💐 उत्तर प्रदेश के सभी रिटेल केमिस्ट भाइयों को इस राहत भरी खबर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!

⚠️ नोट: कारोबारियों से अनुरोध है कि विभागीय निर्देशों की आधिकारिक प्रति और अपने लाइसेंस पर लागू शर्तों की पुष्टि अवश्य कर लें।

✊ दवा विक्रेता समिति जिंदाबाद!
OCDUP जिन्दाबाद!
AIOCD. जिन्दाबाद!

#दवा_कारोबारी #दवा_विक्रेता_समिति

दवा व्यापारियों की समस्याओं और थोक दवा लाइसेंस सत्यापन अभियान के संबंध में मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा।हमारा स्पष्...
08/10/2026

दवा व्यापारियों की समस्याओं और थोक दवा लाइसेंस सत्यापन अभियान के संबंध में मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा।

हमारा स्पष्ट मत है कि अवैध, फर्जी एवं गैर-संचालित संस्थानों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन वर्षों से वैध रूप से संचालित दवा व्यापारियों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए। सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी, न्यायसंगत एवं व्यापार हितों की रक्षा करने वाली होनी चाहिए।

दवा विक्रेता समिति एवं OCDUP सदैव दवा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

थोक दवा दुकानों के सत्यापन पर संगठन की दो टूक बात!थोक दवा दुकानों के सत्यापन को लेकर मीडिया के माध्यम से संगठन ने अपना स...
07/10/2026

थोक दवा दुकानों के सत्यापन पर संगठन की दो टूक बात!

थोक दवा दुकानों के सत्यापन को लेकर मीडिया के माध्यम से संगठन ने अपना स्पष्ट पक्ष मजबूती से रखा है।

हमारा मानना है कि नियमों का पालन और पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है, लेकिन वैध लाइसेंस के साथ वर्षों से नियमानुसार कारोबार कर रहे दवा व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करना भी उचित नहीं है।

सत्यापन की प्रक्रिया व्यवस्था सुधारने का माध्यम बने, व्यापारियों के उत्पीड़न का कारण नहीं।

हम सभी दवा व्यापारियों से अपील करते हैं कि अपने ड्रग लाइसेंस, रिन्यूअल, दुकान/गोदाम से संबंधित दस्तावेज, वर्तमान बिल एवं अन्य आवश्यक अभिलेख व्यवस्थित रखें और विभागीय प्रक्रिया में सहयोग करें।

व्यापारी नियमों के साथ है, लेकिन व्यापारी हितों की रक्षा के लिए संगठन भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा है।

🎥 देखिए—थोक दवा दुकानों के सत्यापन को लेकर मीडिया के सामने संगठन का पूरा पक्ष।

संजय सिंह
महामंत्री, दवा विक्रेता समिति वाराणसी
मंडल अध्यक्ष, OCDUP
EC Member एवं Legal Committee Member, AIOCD
उपाध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति

कोडीन सिरप पर शिकंजा सप्तसागर में जांच तेजकोडीन कफ सिरप को लेकर श...

💊 समस्त दवा व्यवसायियों/केमिस्ट बंधुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचनाखाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी न...
07/10/2026

💊 समस्त दवा व्यवसायियों/केमिस्ट बंधुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी नवीन निर्देशों के अध्ययन से स्पष्ट है कि विभाग की मुख्य चिंता अस्पतालों, नर्सिंग होम एवं चिकित्सकों को विशेष रियायती दरों पर दी जाने वाली दवाओं (Institutional Supply) के दुरुपयोग को रोकना है। यह विषय मुख्य रूप से निर्माता कंपनियों, CFA, सुपर स्टॉकिस्ट, स्टॉकिस्ट एवं संस्थागत आपूर्ति से जुड़ा हुआ है।

साथ ही विभाग द्वारा 01 नवम्बर 2026 से रिटेल फार्मेसियों को लाइसेंस, नियुक्त फार्मासिस्ट एवं स्टॉक संबंधी विवरण अपडेट रखने तथा अस्पताल स्थित फार्मेसियों को खरीद एवं बिक्री मूल्य सूची प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

संगठन सभी साथियों से अनुरोध करता है कि—

✔️ बिना वैध ड्रग लाइसेंस किसी को दवा की आपूर्ति न करें।
✔️ बिलिंग एवं सप्लाई नियमानुसार करें।
✔️ Schedule H, H1 एवं अन्य नियंत्रित दवाओं के अभिलेख पूर्ण रखें।
✔️ विभागीय निर्देशों का समय से अनुपालन सुनिश्चित करें।

जहाँ तक अस्पतालों एवं डॉक्टरों को विशेष दरों पर दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था का प्रश्न है, वह संबंधित कंपनियों, संस्थानों एवं विभाग के विचाराधीन विषय है। संगठन की प्राथमिकता अपने थोक एवं फुटकर दवा विक्रेताओं के हितों, लाइसेंस संबंधी समस्याओं एवं विभागीय प्रक्रियाओं में आ रही कठिनाइयों के समाधान पर केंद्रित है।

✅ व्यापारियों के हित में एक राहत भरी खबर यह भी है कि नवीन थोक दवा लाइसेंस पर लगी रोक 11 अक्टूबर 2026 से हटाई जा रही है, जिसका संगठन स्वागत करता है।

किसी भी समस्या या भ्रम की स्थिति में संगठन से संपर्क करें।

— दवा विक्रेता समिति, वाराणसी / OCDUP

दवा विक्रेता समिति चन्दौली की सैयदराजा इकाई की सभा सम्पन्न, संगठन की मजबूती, व्यापारी हितों एवं दवा वितरण व्यवस्था पर हु...
27/09/2026

दवा विक्रेता समिति चन्दौली की सैयदराजा इकाई की सभा सम्पन्न, संगठन की मजबूती, व्यापारी हितों एवं दवा वितरण व्यवस्था पर हुई विस्तृत चर्चा

सैयदराजा (चन्दौली)। दवा विक्रेता समिति चन्दौली की सैयदराजा इकाई द्वारा दवा विक्रेताओं की एक महत्वपूर्ण सभा का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के दवा व्यापारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। सभा में संगठन की मजबूती, दवा व्यापार से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों, व्यापारियों की समस्याओं, दवा वितरण व्यवस्था तथा उनके समाधान को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में OCDUP के अध्यक्ष श्री दिवाकर सिंह एवं महामंत्री श्री सुधीर अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि सैयदराजा के विधायक श्री सुशील सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मुख्य अतिथि श्री दिवाकर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संगठित दवा व्यापार ही व्यापारियों के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने सभी व्यापारियों से संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। OCDUP के महामंत्री श्री सुधीर अग्रवाल ने प्रदेश स्तर पर संगठन द्वारा किए जा रहे प्रयासों तथा दवा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए चल रही पहल की जानकारी दी।

विशिष्ट अतिथि विधायक श्री सुशील सिंह ने कहा कि दवा व्यापारी समाज एवं स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं के समाधान हेतु हर संभव सहयोग किया जाएगा।

सभा को संबोधित करते हुए OCDUP के मंडल अध्यक्ष एवं दवा विक्रेता समिति वाराणसी के महामंत्री श्री संजय सिंह ने कहा कि संगठन लगातार जनहित एवं पारदर्शी दवा व्यवस्था के पक्ष में आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ अस्पतालों एवं संस्थानों में मरीजों को बाजार मूल्य की तुलना में अधिक दरों पर दवाएं उपलब्ध कराए जाने की शिकायतों को संगठन ने प्रमुखता से उठाया था। इस विषय को मीडिया के माध्यम से भी मजबूती से रखा गया, जिसके बाद संबंधित प्रकरण का संज्ञान लिया गया। उन्होंने कहा कि मरीजों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में संगठन आगे भी अपनी रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।

सभा को OCDUP के ज़ोन अध्यक्ष श्री नागमणि मिश्रा एवं आज़मगढ़ के महामंत्री एआईओसीडी कार्यसमिति सदस्य श्री रंजन राय जी वाराणसी रीजन के महामंत्री राजेश राय जी ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने संगठन की एकता, व्यापारी हितों की रक्षा तथा नियमों के पालन के साथ व्यापार को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।

दवा विक्रेता समिति चन्दौली के अध्यक्ष श्री जयप्रकाश मौर्य, महामंत्री श्री नवनीत सिंह, संगठन मंत्री श्री विकास सिंह एवं कोषाध्यक्ष श्री नीरज सिंह सैयदराजा के अध्यक्ष रत्नेश चौरसिया ने उपस्थित व्यापारियों को जनपद की संगठनात्मक गतिविधियों, सदस्यता अभियान एवं आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

सभा में यह भी कहा गया कि दवा व्यापारी केवल व्यवसायी नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य सेवा के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। नकली, मिलावटी एवं अवैध दवा कारोबार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का संगठन समर्थन करता है, वहीं ईमानदारी से व्यापार करने वाले दवा विक्रेताओं के हितों की रक्षा के लिए भी संगठन सदैव प्रतिबद्ध है।

उपस्थित व्यापारियों ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा व्यापारी हितों एवं जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन मण्डल अध्यक्ष संजय सिंह ने किया तथा अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित दवा व्यापारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।वाराणसी दवा विक्रेता समिति के उपाध्यक्ष अतुल जैन,विजय अस्थाना,अनिल सिंह ,संगठन मंत्री शैलेश गुप्ता संयुक्त सचिव शैलेंद्र सिंह ऋषि सिंह मौजूद रहे ।

OCDUP प्रतिनिधिमंडल की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब से वार्ता का सकारात्मक परिणाम, पुराने दवा व्यापारियों को मिली बड़ी राहतलखनऊ/...
24/09/2026

OCDUP प्रतिनिधिमंडल की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब से वार्ता का सकारात्मक परिणाम, पुराने दवा व्यापारियों को मिली बड़ी राहत

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट यूनियन (OCDUP) के प्रतिनिधिमंडल द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब से की गई विस्तृत वार्ता का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी नवीन निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि पूर्व से संचालित एवं पंजीकृत थोक दवा फर्मों के संविधान परिवर्तन (Constitution Change) एवं स्थान परिवर्तन (Change of Premises) संबंधी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही जारी रहेगी तथा उन्हें नवीन थोक लाइसेंस की श्रेणी में रखकर रोका नहीं जाएगा।

OCDUP ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के हजारों पुराने एवं वैध दवा व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। लंबे समय से व्यवसाय कर रही फर्मों को अपने व्यवसाय की आवश्यकता के अनुसार स्थान परिवर्तन अथवा संविधान परिवर्तन कराने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल द्वारा वार्ता के दौरान गोदाम (Warehouse) लाइसेंस से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर आयुक्त महोदया ने नियमानुसार एवं निर्धारित शर्तों के अधीन गोदाम लाइसेंस संबंधी मामलों के समाधान हेतु सकारात्मक आश्वासन दिया, जिससे व्यापारियों में विश्वास का वातावरण बना है।

इसके अतिरिक्त OCDUP ने वर्तमान ऑनलाइन पोर्टल पर लाइसेंस रिन्यूअल (Renewal) एवं अन्य प्रक्रियाओं में आ रही तकनीकी समस्याओं को भी आयुक्त महोदया के समक्ष रखा। इस पर एक अधिक सरल, पारदर्शी एवं व्यापारी-अनुकूल नए पोर्टल के विकास की आवश्यकता पर चर्चा हुई, ताकि लाइसेंस नवीनीकरण एवं अन्य विभागीय सेवाएं अधिक सुगम और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकें।

साथ ही संस्थागत आपूर्ति (Institutional Supply) से संबंधित जारी आदेश को भी दवा व्यापार एवं जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए OCDUP ने कहा कि नकली, काउंटरफिट एवं अनियमित दवा वितरण पर नियंत्रण के लिए पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है। संगठन ने स्पष्ट किया कि दवा व्यापारी समाज हमेशा नियमसम्मत एवं नैतिक व्यापार का समर्थक रहा है तथा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोपरि है।

आयुक्त डॉ. रोशन जैकब से भेंट करने वाले OCDUP प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर सिंह जी , प्रदेश महामंत्री सुधीर अग्रवाल जी , अलीगढ़ अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह जी , गोरखपुर के दवा विक्रेता समिति के लोकप्रिय अध्यक्ष योगेन्द्र नाथ दुबे जी , महामंत्री आलोक चौरसिया जी वाराणसी महामंत्री संजय सिंह जी एवं लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष हरीश शाह जी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के दवा व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों को विस्तार से रखा, जिस पर आयुक्त महोदया ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक स्पष्टता एवं आश्वासन प्रदान किया।

OCDUP ने विश्वास व्यक्त किया है कि विभाग एवं दवा व्यापारियों के मध्य यह सकारात्मक संवाद भविष्य में भी जारी रहेगा, जिससे जनहित, दवा सुरक्षा तथा व्यापारिक सुगमता के बीच बेहतर संतुलन स्थापित होगा।

दिवाकर सिंह
प्रदेश अध्यक्ष, OCDUP

सुधीर अग्रवाल
प्रदेश महामंत्री, OCDUP

संजय सिंह
मंडल अध्यक्ष, वाराणसी मंडल (OCDUP)
महामंत्री, दवा विक्रेता समिति वाराणसी

दवा विक्रेता समिति वाराणसीदवा जीवनरक्षक आवश्यक वस्तु है, इस पर UPI MDR का अतिरिक्त बोझ स्वीकार्य नहीं : दवा विक्रेता समि...
23/09/2026

दवा विक्रेता समिति वाराणसी

दवा जीवनरक्षक आवश्यक वस्तु है, इस पर UPI MDR का अतिरिक्त बोझ स्वीकार्य नहीं : दवा विक्रेता समिति वाराणसी

वाराणसी। UPI के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा MDR व्यवस्था में किए गए हालिया बदलाव के संदर्भ में दवा विक्रेता समिति वाराणसी ने केंद्र सरकार से दवा एवं फार्मेसी क्षेत्र को MDR के दायरे से स्पष्ट रूप से बाहर रखने की मांग की है।

समिति के महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि दवाएं सामान्य व्यापारिक वस्तु नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन और स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी आवश्यक वस्तु हैं। दवाएं पहले से ही Essential Commodities Act के अंतर्गत “Drugs” के रूप में सूचीबद्ध हैं। ऐसे में दवा के खुदरा एवं थोक व्यापार पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त डिजिटल भुगतान शुल्क लगाना इस क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को देखते हुए उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि दवा कारोबार में मार्जिन पहले से ही सीमित है, जबकि व्यापारियों को लाइसेंस, GST, कर्मचारियों, बिजली, किराया, कोल्ड-चेन, स्टॉक मैनेजमेंट तथा अन्य नियामकीय खर्चों का लगातार वहन करना पड़ता है। इसके अलावा दवा की कीमतों का नियमन भी सरकार द्वारा किया जाता है। NPPA द्वारा DPCO के अंतर्गत अनेक दवाओं की कीमतें नियंत्रित की जाती हैं।

संजय सिंह ने कहा कि सरकार यदि आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों को MDR में विशेष राहत दे रही है, तो दवा क्षेत्र को भी उसी भावना के अनुरूप स्पष्ट रूप से छूट मिलनी चाहिए। दवा की बिक्री पर डिजिटल भुगतान सुविधा उपलब्ध कराना व्यापारियों के लिए कोई अतिरिक्त विलासिता नहीं, बल्कि आज की आवश्यकता है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि—

1. दवा एवं फार्मेसी क्षेत्र को UPI MDR से पूर्णतः बाहर रखा जाए।

2. “Drugs” को Essential Commodities के रूप में मान्यता प्राप्त होने के आधार पर दवा व्यापार को MDR संबंधी प्रावधानों में स्पष्ट छूट दी जाए।

3. दवा विक्रेताओं द्वारा प्राप्त UPI भुगतान पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार उपभोक्ता या व्यापारी पर न डाला जाए।

4. दवा जैसे जीवनोपयोगी एवं कम-मार्जिन वाले क्षेत्र के लिए अलग से स्पष्ट MDR-exemption category बनाई जाए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और डिजिटल भुगतान को दवा व्यापारियों ने भी पूरी तरह अपनाया है और UPI को लेकर कोई विरोध नहीं है। हमारी मांग केवल इतनी है कि जीवनरक्षक दवाओं के व्यापार को ऐसी लागत से बचाया जाए, जिसका अंततः प्रभाव दवा व्यापार की आर्थिक व्यवहार्यता पर पड़ सकता है।

“जब दवा Essential Commodity है, तो दवा के कारोबार को भी Essential Sector की स्पष्ट MDR छूट मिलनी चाहिए।”

दवा विक्रेता समिति वाराणसी ने केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय, NPCI एवं संबंधित नीति-निर्माताओं से इस विषय पर शीघ्र स्पष्टता जारी करने तथा दवा क्षेत्र को UPI MDR से बाहर रखने की मांग की है।

संजय सिंह
महामंत्री
दवा विक्रेता समिति वाराणसी

दवा विक्रेता समिति वाराणसी ने सीसीटीवी अनिवार्यता के प्रस्ताव पर जताई आपत्तिभारत सरकार द्वारा जारी प्रारूप अधिसूचना के म...
18/09/2026

दवा विक्रेता समिति वाराणसी ने सीसीटीवी अनिवार्यता के प्रस्ताव पर जताई आपत्ति

भारत सरकार द्वारा जारी प्रारूप अधिसूचना के माध्यम से दवा दुकानों में सीसीटीवी कैमरा लगाना एवं रिकॉर्डिंग को 3 माह तक सुरक्षित रखना अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव सामने आया है।

दवा विक्रेता समिति वाराणसी का मानना है कि देश के लाखों लाइसेंसधारी दवा विक्रेता पहले से ही ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, जीएसटी कानून, फार्मासिस्ट व्यवस्था, खरीद-बिक्री अभिलेख, बैच नंबर एवं एक्सपायरी रिकॉर्ड सहित अनेक कानूनी प्रावधानों का पालन कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक दवा दुकान पर सीसीटीवी अनिवार्य करना व्यापारियों पर एक और अतिरिक्त आर्थिक एवं प्रशासनिक बोझ डालने जैसा है।

समिति का स्पष्ट मत है कि कुछ चुनिंदा मामलों या अपवादस्वरूप घटनाओं के आधार पर पूरे दवा व्यापार को संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। यदि सरकार का उद्देश्य कोडीन युक्त, नशीली अथवा दुरुपयोग की संभावना वाली दवाओं की निगरानी करना है तो उसके लिए अलग और लक्षित व्यवस्था बनाई जा सकती है, लेकिन सभी दवा विक्रेताओं पर एक समान नियम थोपना न्यायोचित नहीं होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे कस्बों एवं सीमित संसाधनों वाले दवा प्रतिष्ठानों के लिए सीसीटीवी प्रणाली की स्थापना, रखरखाव, स्टोरेज एवं तकनीकी प्रबंधन अतिरिक्त वित्तीय भार उत्पन्न करेगा। इसके साथ ही मरीजों एवं ग्राहकों की निजता (Privacy) और डेटा सुरक्षा का प्रश्न भी गंभीर रूप से जुड़ा हुआ है।

दवा विक्रेता समिति वाराणसी केंद्र सरकार से आग्रह करती है कि अंतिम निर्णय लेने से पूर्व एआईओसीडी, ओसीडीयूपी एवं देशभर के दवा व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत विचार-विमर्श किया जाए तथा व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लिया जाए।

समिति सदैव अवैध दवा कारोबार, फर्जी प्रतिष्ठानों एवं नियमविरुद्ध गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का समर्थन करती है, लेकिन ईमानदार एवं लाइसेंसधारी दवा विक्रेताओं पर अनावश्यक बोझ डालने वाले प्रावधानों का विरोध करती रहेगी।

संजय सिंह
महामंत्री, दवा विक्रेता समिति वाराणसी
मंडल अध्यक्ष, OCDUP
सदस्य एआईओसीडी

राधे राधे
04/09/2026

राधे राधे

नागपंचमी के पावन अवसर पर श्री बड़ा गणेश व्यायामशाला समिति द्वारा दवा विक्रेता समिति वाराणसी के पदाधिकारियों को सम्मानित ...
17/08/2026

नागपंचमी के पावन अवसर पर श्री बड़ा गणेश व्यायामशाला समिति द्वारा दवा विक्रेता समिति वाराणसी के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।

इस आत्मीय सम्मान एवं स्नेह के लिए श्री बड़ा गणेश व्यायामशाला समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद।

ऐसे सम्मान समाज, संगठन एवं व्यापार हित में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।

💐 सादर आभार 💐
दवा विक्रेता समिति, वाराणसी

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