Heal Your Disease

Heal Your Disease Heal your Disease by Practicing ayurveda and Yoga in day to day life. DM for Details.

I help people to manage their mental, physical and spiritual disease through Yoga, meditation and Ayurveda.

02/15/2026
दीपावलिकायाः हार्दं शुभाशयाः। सर्वेषां जीवनं दीपस्य प्रकाशमिव तेजोमयमस्तु। लक्ष्मीः निरन्तरं भवतां गृहं पालयतु। सुख-समृद...
10/20/2025

दीपावलिकायाः हार्दं शुभाशयाः। सर्वेषां जीवनं दीपस्य प्रकाशमिव तेजोमयमस्तु। लक्ष्मीः निरन्तरं भवतां गृहं पालयतु। सुख-समृद्धिभिः परिपूर्णं भवतु भवतः परिवारस्य जीवनम्।🪔🪔
Heartfelt wishes for Deepwali. May your life shine with brilliance like the light of a lamp. May Goddess Lakshmi always reside in your home. May your family’s life be filled with happiness and prosperity. Shubh Deepawali 🪔🪔
ll शुभ दीपावली ll
🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔

May this festival bring you good fortune and success. I pray that Lord Dhanvantari blesses you with the best of health. ...
10/18/2025

May this festival bring you good fortune and success. I pray that Lord Dhanvantari blesses you with the best of health. Shubh Dhanteras!

06/16/2025

■खाना खाने का सही नियम 12 महीनों अनुसार■

चैत्र ( मार्च-अप्रैल) – इस महीने में चने का सेवन करे क्योकि चना आपके रक्त संचार और रक्त को शुद्ध करता है एवं कई बीमारियों से भी बचाता है। चैत्र के महीने में नित्य नीम की 4 – 5 कोमल पतियों का उपयोग भी करना चाहिए इससे आप इस महीने के सभी दोषों से बच सकते है। नीम की पतियों को चबाने से शरीर में स्थित दोष शरीर से हटते है।

वैशाख (अप्रैल – मई)- वैशाख महीने में गर्मी की शुरुआत हो जाती है। बेल का इस्तेमाल इस महीने में अवश्य करना चाहिए जो आपको स्वस्थ रखेगा। वैशाख के महीने में तेल का उपयोग बिल्कुल न करे क्योकि इससे आपका शरीर अस्वस्थ हो सकता है।

ज्येष्ठ (मई-जून) – भारत में इस महीने में सबसे अधिक गर्मी होती है। ज्येष्ठ के महीने में दोपहर में सोना स्वास्थ्य वर्द्धक होता है , ठंडी छाछ , लस्सी, ज्यूस और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। बासी खाना, गरिष्ठ भोजन एवं गर्म चीजो का सेवन न करे। इनके प्रयोग से आपका शरीर रोग ग्रस्त हो सकता है।

अषाढ़ (जून-जुलाई) – आषाढ़ के महीने में आम , पुराने गेंहू, सत्तु , जौ, भात, खीर, ठन्डे पदार्थ , ककड़ी, पलवल, करेला आदि का उपयोग करे व आषाढ़ के महीने में भी गर्म प्रकृति की चीजों का प्रयोग करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

श्रावण (जूलाई-अगस्त) – श्रावण के महीने में हरड का इस्तेमाल करना चाहिए। श्रावण में हरी सब्जियों का त्याग करे एव दूध का इस्तेमाल भी कम करे। भोजन की मात्रा भी कम ले – पुराने चावल, पुराने गेंहू, खिचड़ी, दही एवं हलके सुपाच्य भोजन को अपनाएं।

भाद्रपद (अगस्त-सितम्बर) – इस महीने में हलके सुपाच्य भोजन का इस्तेमाल कर वर्षा का मौसम् होने के कारण आपकी जठराग्नि भी मंद होती है इसलिए भोजन सुपाच्य ग्रहण करे।

आश्विन (सितम्बर-अक्टूबर) – इस महीने में दूध , घी, गुड़ , नारियल, मुन्नका, गोभी आदि का सेवन कर सकते है। ये गरिष्ठ भोजन है लेकिन फिर भी इस महीने में पच जाते है क्योकि इस महीने में हमारी जठराग्नि तेज होती है।

कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर) – कार्तिक महीने में गरम दूध, गुड, घी, शक्कर, मुली आदि का उपयोग करे। ठंडे पेय पदार्थो का प्रयोग छोड़ दे। छाछ, लस्सी, ठंडा दही, ठंडा फ्रूट ज्यूस आदि का सेवन न करे , इनसे आपके स्वास्थ्य को हानि हो सकती है।

अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) – इस महीने में ठंडी और अधिक गरम वस्तुओ का प्रयोग न करे।

पौष (दिसम्बर-जनवरी) – इस ऋतू में दूध, खोया एवं खोये से बने पदार्थ, गौंद के लाडू, गुड़, तिल, घी, आलू, आंवला आदि का प्रयोग करे, ये पदार्थ आपके शरीर को स्वास्थ्य देंगे। ठन्डे पदार्थ, पुराना अन्न, मोठ, कटु और रुक्ष भोजन का उपयोग न करे।

माघ (जनवरी-फ़रवरी) – इस महीने में भी आप गरम और गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल कर सकते है। घी, नए अन्न, गौंद के लड्डू आदि का प्रयोग कर सकते है।

फाल्गुन (फरवरी-मार्च) – इस महीने में गुड का उपयोग करे। सुबह के समय योग एवं स्नान का नियम बना ले। चने का उपयोग न करे।

06/16/2025

■अंकुरित गेहूं के जबरदस्त फायदे■

अंकुर उगे हुए गेहूं में विटामिन-ई भरपूर मात्रा में होता है। शरीर की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-ई एक आवश्यक पोषक तत्व है। यही नहीं, इस तरह के गेहूं के सेवन से त्वचा और बाल भी चमकदार बने रहते हैं। किडनी, ग्रंथियों, तंत्रिका तंत्र की मजबूत तथा नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी इससे मदद मिलती है। अंकुरित गेहूं में मौजूद तत्व शरीर से अतिरिक्त वसा का भी शोषण कर लेते हैं।
अंकुरित गेहूं में उपस्थित फाइबर के कारण इसके नियमित सेवन से पाचन क्रिया भी सुचारु रहती है। अत: जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हो उनके लिए भी अंकुरित गेहूं का सेवन फायदेमंद है। अंकुरित खाने में एंटीआक्सीडेंट, विटामिन ए, बी, सी, ई पाया जाता है। इससे कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक मिलता है। रेशे से भरपूर अंकुरित अनाज पाचन तंत्र को सुदृढ बनाते हैं।
अंकुरित भोजन शरीर का मेटाबॉलिज्म रेट बढ़ता है। यह शरीर में बनने वाले विषैले तत्वों को बेअसर कर, रक्त को शुध्द करता है। अंकुरित गेहूं के दानों को चबाकर खाने से शरीर की कोशिकाएं शुध्द होती हैं और इससे नई कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद मिलती है।
अंकुरित भोज्य पदार्थ में मौजूद विटामिन और प्रोटीन होते हैं तो शरीर को फिट रखते हैं और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है।
अंकुरित मूंग, चना, मसूर, मूंगफली के दानें आदि शरीर की शक्ति बढ़ाते हैं।अंकुरित दालें थकान, प्रदूषण व बाहर के खाने से उत्पन्न होने वाले ऐसिड्स को बेअसर कर देतीं हैं और साथ ही ये ऊर्जा के स्तर को भी बढ़ा देती हैं।

06/16/2025

■आ गई है गर्मी, पढ़ें 10 काम की बातें■

1 किसी भी स्थिति में बगैर कुछ खाए घर से न निकले।
2 खुले शरीर बाहर न निकले, टोपी पहने, कानों को ढंककर रखे और आंखों पर धूप का चश्मा जरूर लगाएं ।
3 एसी से निकलते ही एकदम धूप या गर्मी में न जाएं।
4 ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। जिससे पसीना आकर शरीर का तापमान नियमित निर्धारित हो सके तथा शरीर में जल की कमी न हो।
5 प्रतिदिन प्याज खाएं और साथ में भी रखें।
6 अधिक गर्मी में मौसमी फल, फलों का रस, दही, मठ्ठा, जीरा छाछ, जलजीरा, लस्सी, आम का पना पिएं या आम की चटनी खाएं।
7 हल्का व शीघ्र पचने वाला भोजन करें।
8 नरम, मुलायम, सूती कपड़े पहनें जिससे हवा और कपड़े शरीर के पसीने को सोखते रहे।
9तली हुई या मसालेदार चीज़ों से दूर रहें, यह आपका पेट खराब कर सकती हैं।
10 इन सब के अलावा समय समय पर आवश्यकता के अनुसार ग्लुकोज का सेवन करते रहे और अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल अनावश्यक न करें।

06/14/2025

■ कलौंजी व मेंथी तैल ■
कलौंजी (Black Seed / Nigella sativa) और मेथी (Fenugreek) दोनों ही बालों के लिए अत्यंत प्रभावशाली औषधीय गुणों से भरपूर हैं। इनसे बनाया गया हेयर ऑयल बालों की जड़ों को पोषण देता है, झड़ना और समय से पहले सफेद होना रोकता है, और नए बालों की वृद्धि में सहायक होता है।
कलौंजी–मेथी हेयर ऑयल बनाने की विधि (घरेलू – 500 मि.ली. बैच)।
1- घटक व मात्रा ■
कलौंजी (Black Seeds) 2 टेबल स्पून, मेथी दाना (Fenugreek Seeds) 2 टेबल स्पून, नारियल या तिल का तेल 500 मि.ली., करी पत्ते (optional) 10–15, कड़ी पत्ती / आंवला पाउडर (optional) 1 टेबल स्पून, विटामिन E कैप्सूल (optional) 2–3।
2- निर्माण विधि ■
(1) मेथी और कलौंजी को हल्का भूनें (1–2 मिनट) ताकि इनकी खुशबू निकल आए और तेल में अच्छी तरह अवशोषित हों।
(2) इन्हें पीस लें – दरदरा (बारीक नहीं)।
(3) एक पैन में तेल गरम करें, फिर उसमें ये दोनों पिसी सामग्री डालें।
(4) चाहें तो करी पत्ते और आंवला पाउडर भी डाल सकते हैं।
(5) धीमी आँच पर 20–30 मिनट पकाएँ जब तक बीज काले न हो जाएं और तेल में झाग जैसा न आए।
(6) तेल का रंग हल्का भूरा / गहरा हो जाए तो आँच बंद करें।
(7) ठंडा करें, छानें और कांच की बोतल में भरें।
(8) अंत में विटामिन E मिलाएँ (स्वैच्छिक )
3- उपयोगिता ■
(1) कलौंजी के लाभ --
DHT ब्लॉकर -- बाल झड़ने का बड़ा कारण रोकता है, बालों की ग्रोथ बढ़ाता है, स्कैल्प को फंगल संक्रमण से बचाता है, समय से पहले सफेद होने से रोकता है।
(2) मेथी के लाभ--
बालों को जड़ से मज़बूती देता है, ड्रायनेस व डैंड्रफ कम करता है, बालों की चमक और घनत्व बढ़ाता है।
4- प्रयोग विधि■
(1) हल्के गुनगुने तेल से, सप्ताह में 2–3 बार सिर की मालिश करें।
(2) 2–4 घंटे या रातभर रखें।

06/14/2025

■■गठिया से लेकर कैंसर तक दूर करती है सफेद (दखिनी ) मिर्च, ऐसे प्रयोग करें।।■■

सफेद मिर्च उतनी प्रचलन में नहीं है जितनी कि काली मिर्च, लेकिन सफेद मिर्च के फायदे जानकर आप इसका इस्‍तेमाल करना जरूर शुरू कर देंगे।

खाना बनाने में हम ज्‍यादातर काली मिर्च का ही इस्‍तेमाल करते हैं। ये खाने के स्‍वाद को भी बढ़ाती है और खाने को खास खुशबू भी देती है। लेकिन क्‍या आपने ( दखिनी मिर्च ) सफेद मिर्च के बारे में सुना है, क्‍या आप जानते हैं? ये दिखने में कैसी होती है या फिर स्‍वाद में कैसी होती है। और सबसे जरूरी बात यह कि, क्‍या इसके भी फायदे हैं, जो सेहत को लाभ पहुंचाते हैं। जी हां , हम बात कर रहे हैं , सफेद मिर्च या दखनी मिर्च की, जो काली मिर्च जितनी प्रचलन में नहीं है, लेकिन इसके फायदे बेजोड़ हैं।।

■सफेद मिर्च के गुण■

सफेद मिर्च या दखनी मिर्च दिखने में ऑफ वाइट कलर की होती है । इसके बीज गोल होते हैं जो बाहर से खुरदुरे होते हैं। ये फ्लेवोनोइड, विटामिन और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है। इस मिर्च का प्रयोग प्राचीन समय से औषधियों के निर्माण में हो रहा है। लेकिन एक बात का ख्‍याल अवश्‍य रखें दखनी मिर्च की तासीर बहुत गर्म होती है, बच्‍चों या बुजुर्गों को देने से पहले इसकी परख जरूर कर लें।

■गठिया को कहें अलविदा■

उम्र ढलने के साथ हड्डियों की परेशानी होना आम बात है। लेकिन आजकल बच्‍चों, युवाओं, अधेड़ उम्र के लोगों में भी गठिया, बाय की समस्‍या होने लगी है। जोड़ों में दर्द तो जैसे आम समस्‍या हो गई है। आपकी इस समस्‍या का समाधान है सफेद मिर्च। सफेद मिर्च में मौजूद फ्लेवोनोइड और कैप्सैसिइन मांसपेशियों में सूजन के साथ गठिया ओर जोड़ों में दर्द को भी दूर कर देते हैं। इसका सेवन करना लाभदायक है।

■सर्दी-खांसी■

सफेद मिर्च का रोजाना सेवन आपको मौसमी बीमारियों से बचाता है। खासकर सर्दियों और बरसात के मोसम में ये आपको वायरस के अटैक से सुरक्षित रखता है। सफेद मिर्च में मौजूद एंटी बायटिक गुण शरीर को गर्म रखते हैं और सर्दी लगने से बचाते हैं। इसका सेवन करना बेहद आसान है। कच्चे शहद के साथ सफेद मिर्च को मिलाएं और हल्‍का गुनगुना कर इसका सेवन करें। ये आपको सर्दी, खांसी, कफ, जुकाम और बुखार से आपको बचाएगी।

■कैंसर से बचाव■

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भला सफेद मिर्च आपको कैसे बचाएगी, या कोई भी घरेलु नुस्‍खा इसमें कैसे काम आता है। आपके मन में ये सवाल जरूर उठता होगा। दरअसल जो भी फल, सब्‍जी या मसाला कैंसर से बचाव में काम आता है उसमें एंटी कैंसरस गुण होते हैं। जिनका सेवन नियमित रूप से करने पर आपकी बॉडी में कैंसर कोशिकाएं उत्‍पन्‍न ही नहीं होने देते। दखनी मिर्च भी कैंसर से आपका बचाव करती है।

■पाचन तंत्र■

सफेद मिर्च आपके डायजेस्टिव सिस्‍टम को दुरुस्‍त रखती है, इसका इस्‍तेमाल करने से पाचन संबंधी कई परेशानियां दूर हो जाती हैं। सफेद मिर्च में मौजूद हाइड्रोक्‍लोरिक एसिड आपके पाचन तंत्र में जाकर उसे फिट रखता है और आपको एसिडिटी,अपच, गैस, अल्सर और पेट में इंफेक्शन जैसी समस्‍याएं नहीं होती हैं। सफेद मिर्च का प्रयोग रोजाना करने से आपको उसके लाभ मिलते हैं।

■हार्ट प्रॉब्‍लम्‍स■

दिल के लिए सफेद मिर्च बहुत सेहतमंद मानी जाती है। सफेद मिर्च को खाने से बॉडी के टॉथ्‍क्‍सक एलीमेंट्स पेशाब द्वारा शरीर से बाहर चले जाते हैं। शरीर एकदम साफ रहता है। जिसका फायदा हमारे दिल को मिलता है, दिल स्‍वस्‍थ रहता है और दिल के रोग होने के चांसेज काफी हद तक कम हो जाते हैं। सफेद मिर्च शरीर के अंदरूनी अंगों को बहुत फायदा पहुंचाती है। ये किडनी के लिए भी फायदेमंद है।

■डायबिटीज■

सफेद मिर्च का सबसे बेहतरीन फायदा है डायबिटीज को कंट्रोल करना। इसके रोजाना सेवन से आपका मधुमेह नियंत्रण में रहता है। मेथी के बीज, हल्दी और सफेद मिर्च पाउडर को एक साथ मिलाकर दूध के साथ रोजाना पीने से डायबिटीज कंट्रोल में रहती है। ये तो आप अच्‍छे से जानते हैं कि, डायबिटीज एक बार हो जाए तो उसका जाना बहुत ही मुश्किल है। ऐसे में सफेद मिर्च उसे हमेशा कंट्रोल में रख सकती है।

■डैंड्रफ को दूर कर सकती है।■

सर्दियों में रूसी की समस्‍या से सभी परेशान रहते हैं। खासतौर से महिलाएं। सफेद मिर्च आपकी इस प्रॉब्‍लम को जड़ से मिटा सकती है।
सफेद मिर्च और दही को मिक्‍स करें, अब इस मिश्रण से बालों की जड़ों को अच्‍छे से मसाज करें। सिर पर इस पेस्‍ट को लगे रहने दें। करीब आधे घंटे बाद इस पेस्‍ट को गुनगुने पानी से धो दें। हफ्ते में दो बार प्रयोग से ही आपको इसके नतीजे मिलने शुरू हो जाएंगे।

06/14/2025

■"गुड़हल का पेड़"■
गुड़हल के पेड़ को एक संपूर्ण औषधि माना गया है। इसकी जड़ से लेकर पुष्प तक हर चीज किसी न किसी बीमारी का इलाज है, खास तौर पर स्किन तथा बालों से जुड़ी समस्याओं का।

■गुड़हल के फूल तथा पत्तियों के कुछ परम्परागत, प्राकृतिक एवं घरेलू नुस्खे।

(1) गुडहल के 20 फूल तथा पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को रोजाना एक गिलास दूध के साथ पीने से याददाश्त बढ़ती है। खून की कमी भी दूर होती है।

(2) चेहरे से मुंहासे व धब्बे दूर करने के लिए भी उपयोगी है। इसके फूल की पत्तियों को पानी में पीसकर उसमें शहद मिलाकर चेहरे पर लगाया जाता है।

(3) डाइटिंग करने वाले या गुर्दे की समस्याओं से पीडित व्यक्ति अक्सर इसे बर्फ के साथ, पर बिना चीनी मिलाए पीते हैं क्योंकि इसमें प्राकृतिक मूत्रवर्धक गुण होते हैं।

(4) मुंह में छाले होने पर गुड़हल के पत्ते चबाएं।

(5) यदि बालों को सुंदर और मजबूत बनाना है तो गुड़हल के ताजे फूलों को पीसकर बालों पर लगाएं।

(6) चेहरे पर बहुत मुंहासे हो गए हैं तो लाल गुडहल की पत्तियों कोपानी में उबाल कर पीस लें और उसमें शहद मिला कर त्वचा पर लगाने से आराम मिलता है।

(7) गुड़हल के फूलों का उपयोग बालों को सुंदर बनाने के लिए भी किया जाता है। इसे पानी में उबालकर सिर धोने से बालों के झडऩे की समस्या दूर हो जाती है।

(8) मेहंदी और नींबू के रस में 10 ग्राम गुड़हल की पत्तियों को मिलाकर बालों की जड़ों से सिरे तक अच्छे से लगाले, बालों की रूसी खत्म हो जाती है।

(9) भारत में सौंदर्य प्रसाधन में गुड़हल की पत्तियों और फूलों से हर्बल आईशैडो बनती है।

(10) गुड़हल का फूल शरीर की सूजन के साथ-साथ खुजली तथा जलन जैसी समस्याओं से भी राहत देता है। गुड़हल के फूल की ताजी पत्तियां पीस कर सूजन तथा जलन वाली जगह पर लगाएं, कुछ ही मिनटों में समस्या दूर हो जाएगी।

(11) बच्चों के लिए हर्बल शैम्पू बनाने में भी इसका उपयोग होता है, क्योंकि यह माइल्ड होता है।

(12) गुड़हल के फूल और पत्तों का उपयोग त्वचा से झुर्रियां दूर करने में भी किया जाता है।

(13) गुडहल के सूखे फूलों की चाय (हिबिस्कस टी) को हर्बल चाय या काढ़े के तौर पर लिया जाता है। इस चाय के सेवन से मोटापा कम किया जा सकता है। एकाग्रता भी बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ दिल के मरीजों के लिए भी अच्छी है।

Mangoes offer a variety of health benefits due to their rich nutritional content. They are a good source of vitamins A a...
06/14/2025

Mangoes offer a variety of health benefits due to their rich nutritional content. They are a good source of vitamins A and C, which support the immune system and promote healthy skin and eyes. Mangoes also contain fiber, aiding digestion and potentially helping with weight management. Furthermore, they are packed with antioxidants and anti-inflammatory compounds that may protect against chronic diseases.
Mangoes are a great source of vitamin A and C, which is crucial for a healthy immune system and collagen production, supporting skin and hair health. vitamin C contributes to healthy skin and vision.
The fiber in mangoes promotes regular bowel movements and can help with constipation. Mangoes contain digestive enzymes that help break down food, aiding in nutrient absorption. Mango have laxative effects and support liver health.

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